HTML tutorial
HTML tutorial

माघ मास की पूर्णिमा के दिन को पुराणों में बेहद महत्वपूर्ण

Pahado Ki Goonj

माघ मास की पूर्णिमा के दिन को पुराणों में बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है. इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है. हालांकि पुराणों में कहा गया है कि भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए इस दिन बस नदी में सच्चे मन से डुबकी लगाना ही काफी होता है. बता दें कि इलाहाबाद में संगम तट पर पौष पूर्णिमा से शुरू होने वाले माघ के स्नान एक महीने बाद आज के दिन माघी पूर्णिमा पर समाप्त हो जाते हैं. कल्पवास के बाद माघ का अंतिम स्नान इस पूर्णिमा के दिन ही होता है.

इस दिन किए गए यज्ञ, तप और दान का विशेष महत्व बताया जाता है. माघ मास की पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की खास पूजा होती है. भोजन, वस्त्र, गुड़, कपास, घी, लड्डू, फल, अन्न आदि का दान करना पुण्यदायक माना जाता है.

Next Post

उत्तराखंड के 60 विधायकों की संपत्ति 5 साल में हुई दोगुनी

एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 96 प्रतिशत वृद्धि के साथ 60 विधायकों की औसत संपत्ति बढ़कर साल 2017 में 3.62 करोड़ हो गई है. यह साल 2012 में 1.85 करोड़ थी. कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए जसपुर से विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल की संपत्ति […]

You May Like