आयुष चिकित्सकों का बिगुल: मांगें पूरी न होने पर 15 जून से प्रदेशव्यापी पूर्ण कार्य बहिष्कार
देहरादून। आयुष विभाग में वर्षों से लंबित सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ उत्तराखंड ने प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। संघ का आरोप है कि शासन और विभागीय स्तर पर लगातार पत्राचार, बैठकों और वार्ताओं के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे चिकित्साधिकारी संवर्ग में भारी असंतोष व्याप्त है।
प्रांतीय संघ के आह्वान पर राज्यभर के आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधिकारी 8 जून से आंदोलनरत हैं। आंदोलन के प्रथम चरण में 8 से 10 जून तक सभी चिकित्साधिकारी काली पट्टी बांधकर ओपीडी का संचालन करते हुए सांकेतिक विरोध दर्ज कर रहे हैं।
संघ के अनुसार 11 और 12 जून को आधे दिन ओपीडी संचालित की जाएगी, जबकि शेष समय में आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 13 जून को पूर्ण ओपीडी बहिष्कार कर जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 15 जून से पूरे प्रदेश में पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा तथा आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा निदेशालय, देहरादून में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
चिकित्साधिकारियों की प्रमुख मांगों में चिकित्सा संवर्ग के लिए विभागीय निदेशक की नियुक्ति, एसीआर समयबद्ध पूर्ण कर एसीपी/एमएसीपी लाभ प्रदान करना, डीएसीपी लाभ लागू करना, विभागीय ढांचे का पुनर्गठन और पदोन्नति के अवसर बढ़ाना शामिल हैं। इसके अलावा सेवा अवधि के दौरान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए तीन वर्ष के पूर्ण वेतन सहित अध्ययन अवकाश की व्यवस्था, वर्ष 2024 बैच के चिकित्साधिकारियों का स्थायीकरण तथा मोबाइल ऐप एवं आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग भी उठाई गई है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और विभागीय अधिकारियों की होगी।

