HTML tutorial
HTML tutorial

जंगलों की रखवाली करेंगे वन पंचायतें! वनाग्नि रोकने के लिए ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

Pahado Ki Goonj

 जंगलों की रखवाली करेंगे वन पंचायतें! वनाग्नि रोकने के लिए ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

उत्तरकाशी। मदन पैन्यूली 

जंगलों को आग से बचाने और वन संपदा के संरक्षण के लिए अब वन पंचायतों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने जा रही है। वन विभाग ने वन पंचायतों को मजबूत बनाकर ग्रामीणों की भागीदारी से जंगलों की सुरक्षा करने की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया है।

मंगलवार को वन चेतना केंद्र कोटबंगला में मुख्य वन संरक्षक सुशांत कुमार पटनायक के निर्देशन में आयोजित गोष्ठी में वन पंचायत सरपंचों को जंगलों की सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

गोष्ठी में वनाग्नि की रोकथाम को लेकर विशेष चर्चा हुई। ग्रामीणों को जागरूक करने, जंगल में आग लगने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर जल्द काबू पाने के लिए सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि जंगलों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। वन पंचायतें केवल जंगलों की निगरानी तक सीमित न रहें, बल्कि वन संरक्षण और संवर्धन में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस दौरान वन पंचायतों के अधिकारों और दायित्वों की जानकारी देते हुए विभागीय अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय और गांव स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

गोष्ठी में प्रभागीय वनाधिकारी जीवन मोहन दगड़े, गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक मयंक गर्ग, भूमि संरक्षण वन प्रभाग की प्रभागीय वनाधिकारी गंगा बुडोला सहित विभिन्न रेंजों के वनाधिकारी, वन पंचायत सरपंच और वन कर्मचारी मौजूद रहे।

 

You May Like