
प्रधानों का फूटा गुस्सा, 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
देहरादून । जिला ग्राम प्रधान संगठन ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को विकास भवन में प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों ने नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार से मांगों का जल्द निराकरण करने की मांग उठाई।
प्रधानों ने कहा कि गांवों के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन उनकी समस्याओं और अधिकारों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। संगठन ने ग्राम प्रधानों को भी विधायकों और सांसदों की तर्ज पर निधि आवंटित करने की मांग रखी।
संगठन की प्रमुख मांगों में ग्राम प्रधानों का न्यूनतम मासिक मानदेय 20 हजार रुपये करने, वीबी-जी राम-जी (VB-G RAM G) में श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति की बाध्यता समाप्त कर ऑफलाइन व्यवस्था लागू करने तथा अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 600 रुपये और कुशल श्रमिकों की मजदूरी 800 रुपये प्रतिदिन करने की मांग शामिल है।
ग्राम प्रधान संगठन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों को गति देने के लिए इन मांगों पर सरकार को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो ग्राम प्रधान दोबारा बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।


