लिखवार गांव dehradun जीत मणि पैन्यूली संयोजक टिहरी बांध संघर्ष समिति प्रभावित प्रतापनगर क्षेत्र एवं वरिष्ठ पत्रकार का कहना है
कि टिहरी बांध से राष्ट्र निर्माण में योगदान प्रतापनगर की जनता के सहयोग से हो रहा है बांध प्रभावित प्रतापनगर में जिले की बड़ी आबादी है को विश्व के 12 देश से ज्यादा है नेताओं की इच्छा शक्ति के अभाव में यहां की उपेक्षा हो रही है। शिक्षा स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट होगया है ।
नेताओं की इच्छा शक्ति के अभाव में तीन महिलाओं ने प्रसव पीड़ा में दम तोड़ दिया ।कई परिवार बर्बाद इनकी अदूर दृष्टि से बर्बाद हो गए। टिहरी के पूर्व सांसद महाराजा मानवेंद्र शाह जी ने 3 दिसंबर 2003 के विकास मेला कोटाल गांव भदूरा में आने से पैदल होने के चलते असमर्थता जताई पर केंद्रीय विद्यालय सोड खांड खोलने की घोषणा कर जनता को अवगत कराने को कह दिया ।
उसके बाद कई लोग उनसे विधालय को इधर उधर की बात करते तो वह कहते मेरी जमान सौड खांड की होगई है। आप ओर बात कीजिए।
टिहरी बांध के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक से प्रतापनगर की सड़के लोक निर्माण विभाग से वापिस लेने वहां की जन सुविधाओं को बांध प्रोजक्ट में रखने बात हमने की थी। जिसे जिले के ठेकदार नेताओं ने सफल हाने नहीं दिया।
अब मेडिकल कॉलेज की राज नीति छोड़कर में प्रतापनगर में बांध प्रभावित क्षेत्र की तीन महिलाओं की प्रसव पीड़ा में उपचार के आभाव में असमय मृत्यु के दोषी हमारे प्रतिनिधि हैं और उनके इगो है ।
जो अपने आप बड़े शहरों जनता की गाढ़ी कमाई से उपयोग कर रहे हैं।प्रतापनगर में धौंतरी कोटाल गांव चमियाला मोटर मार्ग सामरिक दृष्टि का मार्ग है केदारनाथ बद्रीनाथ धाम की यात्रा बड़ी गाड़ियों से करने पर दूरी यहां से कम होती हैं यात्रियों का समय धन बच जाता है।प्रतापनगर सिर्खोली , चिन्याली सेरा ओखला खाल के पास मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए टिहरी सांसद जी को महिला होने के नाते सभी की वंश वृद्धि की जन्म दात्री महिलाओं की रक्षा करना हमारा धर्म है। खोलने का साहस करना चाहिए।
मातृ शक्ति की रक्षा के लिए प्रतापनगर में मेडिकल कॉलेज खोलने की कार्यवाही करनी चाहिए। प्रतापनगर में वर्ष 1985 बांध निर्माण कार्य की तीव्र गति से कार्य होने के चलते हमने लिखा था कि यहां भयकर सूखा पड़ेगा उसकी कार्यवाही प्रदेश के कृषि मंत्री शिव बालक पासी से करने के लिए कहा वर्ष 1986, 87 टिहरी प्रतापनगर में सुखा पड़ गया। वर्षा न होने पर हमारे यहां 40 kg गेहूं बांटे गए। इसके बाद हमने स्विजरलैंड से श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी के प्रयास अर्थ शास्त्री, एवं पत्रकार बुलाये उन्होंने कहा यहां तो प्रकृति ने स्वर्ग बनाया है हमने अपने साधन से रोजगार के लिए अपने देश को बनाया है। उन्होंने पैरा ग्लाइडिंग का विश्व प्रसिद्ध स्थान कुदरत ने प्रतापनगर को बनाया बताया है वहां सुगमता से कोटि कालोनी तिवाड़ गांव से रोप वे का निर्माण की बात की जानी चाहिए। और जन स्वास्थ्य को देखते हुए मेडिकल कॉलेज खोलने की कार्यवाही करनी चाहिए। पैन्यूली का कहना है कि बाहरी प्रदेश के सांसद यहां ठेकेदार ,15 लाख के विज्ञापन के लिए मुख्यमंत्री को भेज रहे हैं और हमारी सांसद इसके लिए अपनी तोहीन समझ रही है तो हमारे लोगो की आर्थिक स्थिति तो हमारे जन प्रतिनिधि खराब करने पर उतारू है साथ न्यायालय सरकार को आदेश दे रहा है कि सम्मान कार्य का समान वेतन दिया जाय शासन उसके लिए 15 साल से कार्य करने वाले लोगों की परीक्षा देने की कार्यवाही कर रहे हैं हमारा मानना है कि मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को पूर्व मुख्य सचिव मधुकर गुप्ता जी का अनुसरण कर समान कार्य हो रहा है तो वेतन दिलाने के आदेश देने चाहिए और जिस सचिव ने यह प्रदेश के नौजवानों को हटाने के यह कु कृत्य किया है उनको लालबहादुर शास्त्री एकेडमी मसूरी पुनः प्रशिक्षण के लिए भेज देना चाहिए।
यदि किसी मंत्री से यह कलमी भूल करा दिया है तो सुधार के लिए पुनः बैठक में कार्यवाही होनी चाहिए। और इरादे से किया है तो अपना पद त्याग कर दिया जाना चाहिए।

