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Jiitmani Painyuli editor pahadon ki goonj ने सोशल मीडिया को बढ़ावा दिलाने से हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है प्रतापनगर गजना की विश्व के 12 देश की बड़ी आबादी है फिर भौगोलिक आधार एवं जनभावनाओं के अनुरूप हो टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना : सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह

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भौगोलिक आधार एवं जनभावनाओं के अनुरूप हो टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना : सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह

टिहरी गढ़वाल: – लोकसभा सांसद टिहरी गढ़वाल श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह ने उत्तराखंड मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र प्रेषित कर जनपद टिहरी गढ़वाल में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की स्थापना जनभावनाओं, भौगोलिक परिस्थितियों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप किए जाने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय के निकट इड़ियाना (भागीरथीपुरम क्षेत्र) में प्रस्तावित स्थल मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए सर्वाधिक उपयुक्त एवं जनहितकारी है।

सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि टिहरी गढ़वाल मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा प्रदेश के दो-दो मुख्यमंत्रियों द्वारा पूर्व में की जा चुकी है, किंतु आज तक निर्माण कार्य की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। इससे क्षेत्र की जनता में निराशा एवं असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि संपूर्ण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा तथा भविष्य के विकास से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।

सांसद ने बताया कि उनके संज्ञान में यह तथ्य भी आया है कि लगभग दो वर्ष पूर्व भारत सरकार के तत्कालीन ऊर्जा मंत्री तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भागीरथीपुरम के निकट इड़ियाना में प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण एवं कार्यदायी संस्था का चयन किया जा चुका है। ऐसे में पूर्व में किए गए तकनीकी परीक्षणों एवं प्रशासनिक प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए उसी चयनित स्थल पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इड़ियाना का चयनित स्थल भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत उपयुक्त है

यह टिहरी गढ़वाल जनपद की छह विधानसभा क्षेत्रों के साथ-साथ आसपास के दो जनपदों के लोगों के लिए भी सुगम एवं सुलभ है। साथ ही यह चारधाम यात्रा मार्ग का महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु होने के कारण यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाली आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकताओं की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।

यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना होने से स्थानीय जनता के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भी बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का स्थान निर्धारण केवल प्रशासनिक सुविधा के आधार पर नहीं, बल्कि जनहित, भौगोलिक परिस्थितियों, पहुंच की सुगमता, भविष्य की आवश्यकताओं तथा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मानकों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए व्यापक जनहित में उचित एवं दूरदर्शी निर्णय लेगी।

सांसद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पूर्व में चयनित एवं उपयुक्त पाए गए इड़ियाना (भागीरथीपुरम) स्थल पर ही सभी मानकों एवं जनभावनाओं के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं से युक्त मेडिकल कॉलेज की स्थापना सुनिश्चित की जाए, ताकि टिहरी गढ़वाल सहित समूचे पर्वतीय क्षेत्र को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं, चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य अवसंरचना का स्थायी लाभ प्राप्त हो सके। एवं क्षेत्र की समस्त जनता लाभान्वित हो सके ।

पहाड़ों की गूंज हिंदी राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र का कहना है कि टिहरी बांध से राष्ट्र निर्माण में योगदान है जिले की बड़ी आबादी विश्व के 12 देश से ज्यादा है नेताओं की इच्छा शक्ति के अभाव में वहां की उपेक्षा हो रही है तीन महिलाओं ने प्रसव पीड़ा में दम तोड़ दिया कई परिवार बर्बाद इनकी अदूर दृष्टि से बर्बाद हो गए। टिहरी के पूर्व सांसद महाराजा मानवेंद्र शाह जी ने 3 दिसंबर 2003 के विकास मेला कोटाल गांव भदूरा में आने से पैदल होने के चलते असमर्थता जताई पर केंद्रीय विद्यालय सोड खांड खोलने की घोषणा कर जनता को अवगत कराने को कह दिया । उसके बाद कई लोग उनसे विधालय को इधर उधर की बात करते तो वह कहते मेरी जमान सौड खांड की होगी है। आप ओर बात कीजिए। अब मेडिकल कॉलेज की राज नीति में प्रतापनगर में बांध प्रभावित क्षेत्र की तीन महिलाओं की असमय मृत्यु के दोषी हमारे प्रतिनिधि की इगो है प्रतापनगर धौंतरी कोटा ल गांव चमियाला मोटर मार्ग सामरिक दृष्टि का मार्ग है केदारनाथ बद्रीनाथ धाम की यात्रा की दूरी यहां से कम होती हैं प्रतापनगर सिर्खोली के पास मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए टिहरी सांसद जी को मातृ शक्ति की रक्षा के लिए करनी चाहिए। प्रतापनगर पैरा ग्लाइडिंग का विश्व प्रसिद्ध स्थान कुदरत ने बनाया है वहां सुगमता से कोटि कालोनी तिवाड़ गांव से रोप वे का निर्माण की बात की जानी चाहिए।

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