
कलश यात्रा के साथ राणा गांव में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, ।
बड़कोट/यमुनोत्री। यमुनोत्री धाम क्षेत्र की ग्राम पंचायत राना में आराध्य देव सोमेश्वर देवता के पावन सानिध्य में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। धार्मिक वातावरण और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक कलश यात्रा में भाग लिया। पूरे गांव में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।
कथा के प्रथम दिवस पर व्यास पीठ से व्यास श्री सुदेशु महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए प्रभु भक्ति एवं मानव उद्धार के प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नैमिषारण्य तीर्थ में 88 हजार ऋषियों ने सूतजी महाराज से प्रश्न किया था कि कलियुग में वेद-विद्या से दूर हो चुके मनुष्यों को प्रभु भक्ति कैसे प्राप्त होगी और उनका उद्धार किस प्रकार संभव है। इसके उत्तर में सूतजी ने भगवान लक्ष्मीनारायण और देवर्षि नारद के संवाद का वर्णन किया।
व्यास जी ने कथा में बताया कि देवर्षि नारद जब मृत्युलोक में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मनुष्य अपने कर्मों के कारण विभिन्न प्रकार के दुखों से पीड़ित हैं। प्राणियों के कल्याण की भावना से वे विष्णुलोक पहुंचे और भगवान विष्णु से मानव जाति के दुखों के निवारण का उपाय पूछा। भगवान विष्णु ने उन्हें श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण और प्रभु भक्ति को मानव जीवन के कल्याण का सर्वोत्तम मार्ग बताया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान मनीषा चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य कृष्ण राणा, संदीप राणा, नवीन चौहान, प्रदीप राणा, बृजमोहन राणा, प्यारे लाल, राजेश लाल मदन, आशीष सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।


