
उत्तराखंड आंदोलनकारियों ने एकजुट होकर उठाई अधिकारों की आवाज।
बड़कोट।
चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति रंवाई-यमुनाघाटी उत्तरकाशी द्वारा बड़कोट में राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़े आंदोलनकारियों एवं उनके परिजनों को सम्मानित करते हुए राज्यहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
समारोह में उत्तराखंड में परिसीमन भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर किए जाने, चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाकर 20 हजार रुपये किए जाने, क्षैतिज आरक्षण का लाभ देने तथा आंदोलनकारियों को राज्य सेनानी का दर्जा दिए जाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं चारु कोठारी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं और मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण में आंदोलनकारियों का योगदान अमूल्य है और उनके सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
वहीं पूर्व राज्यमंत्री धीरेन्द्र प्रताप ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करना होगा, ताकि उनकी आवाज सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता और नई पीढ़ी को भी उस इतिहास से अवगत कराना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय अध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट ने राज्य आंदोलन के शहीद जे.पी. पांडे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी पत्नी कमला पांडे को सम्मानित किया। समारोह में आंदोलनकारियों और उनके परिजनों का सम्मान कर उनके योगदान को याद किया गया।
इस अवसर पर कमला पांडे, सावित्री नेगी, जिला अध्यक्ष पृथ्वी कपूर,बासुदेव डिमरी, अतोल रावत, प्रताप रावत,नरोत्तम सेमवाल, बृजमोहन अग्रवाल, पूर्ण चौहान, वरदेव नेगी, किताब सिंह, कबूल पंवार, नागेंद्र दत्त, लखपत भंडारी, रामप्रसाद बहुगुणा, गोबिंद राम, पूरन फर्स्वाण, राधाकृष्ण सेमवाल सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

