बागेश्वर। विस्फोटक पदार्थ के साथ पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके पास से 104 जिलेटन की छड़े बरामद हुई है।

जानकारी के अनुसार बीते रोज थाना कपकोट क्षेत्रांर्तगत चौकी शामा पुलिस द्वारा एक सूचना के बाद पान सिंह पुत्र उमेद सिंह निवासी लीती थाना कपकोट की दुकान से विस्फोटक पदार्थ (जिलेटिन) की 104 छड़ें बरामद की गयी। बरामद वस्फोटक पदार्थ की छड़ो के सम्बन्ध में पान सिंह से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वर्ष 2010-2012 में लिती सड़क निर्माण का कार्य प्रीतम सिंह परिहार एवं महेश खेतवाल निवासी बागेश्वर के ठेकेदार द्वारा किया जा रहा था, उनके द्वारा श्याम सिंह कोरंगा के खाली पड़े मकान में सड़क निर्माण सामग्री का गोदाम बनाया था जिसकी देख रेख स्वय पान सिंह करता था सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण होने के उपरांत विस्फोटक पदार्थ (जिलेटिन) की कुछ छडे बच गई थी जिन्हे पान सिंह द्वारा अपने पास रख लिया। उक्त बरामद विस्फोटक पदार्थ की छड़ो की जॉच हेतु बीडीएस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। बीडीएस टीम द्वारा बरामद छड़ो को विस्फोटक पदार्थ होना बताया गया। बरामद विस्फोटक पदार्थ (जिलेटिन) की 104 छड़ों के सम्बन्ध में आरोपी पान सिंह पुत्र उमेद सिंह को गिरफ्तार किया गया। जिसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
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अवैध रूप से रह रहे विदेशियों का ठिकाना बना उत्तराखण्ड
देहरादून। उत्तराखण्ड अवैध रूप से भारत मंे आकर रह रहे विदेशियों का ठिकाना बनता जा रहा है।
ऑपरेशन कालनेमि और ऑपरेशन क्रैकडाउन जैसे अभियानों के तहत पुलिस ने हजारों संदिग्धों का सत्यापन किया है। इसके साथ ही अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ है। 10 जुलाई 2025 से लेकर मार्च 2026 तक चले इस अभियान में सैकड़ों लोगों पर कार्रवाई हुई है, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।पुलिस से मिले आंकड़े बताते हैं कि 10 जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान के दौरान कुल 511 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया था। इनमें कम से कम 19 बांग्लादेशी नागरिकों की पुष्टि हुइ। जो बिना वैध दस्तावेजों के राज्य में रह रहे थे। पुलिस ने इनमें से कई को विदेशी अधिनियम के तहत हिरासत में लिया और बाद में वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर कुछ को डिपोर्ट भी किया गया। अन्य के खिलाफ न्यायालय में मुकदमे लंबित हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह आंकड़ा केवल चिन्हित मामलों का है, जबकि सत्यापन के दौरान हजारों लोगों की जांच की गई। प्रदेश की राजधानी देहरादून इस पूरे अभियान का केंद्र बिंदु बनकर उभरा है। यहां सबसे अधिक विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी दर्ज की गई। 29 मार्च 2026 को भी देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया। इनमें दो उज्बेकिस्तान और एक किर्गिस्तान की नागरिक थी। जांच में सामने आया कि ये महिलाएं फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और स्थानीय पहचान पत्रों के सहारे लंबे समय से यहां रह रही थीं। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ विदेशी अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। उनसे पूछताछ के दौरान दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क की जानकारी भी जुटाई जा रही है। इसी तरह साल 2025 के दौरान देहरादून के पटेल नगर नेहरू कॉलोनी रायपुर और सहसपुर क्षेत्रों में चलाए गए सत्यापन अभियान में कई बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार एक वर्ष के भीतर कम से कम 19 बांग्लादेशी घुसपैठियों को अलग अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया। इनमें महिलाओं और पुरुषों दोनों की संख्या शामिल थी। कई मामलों में आरोपियों के पास से फर्जी भारतीय पहचान पत्र बरामद हुए.। पुलिस ने इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा, जबकि कुछ मामलों में दूतावास से संपर्क कर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया भी पूरी की गई।
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कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसी,प्रदेश को आठ चुनावी जोन में बांटा
देहरादून। चुनावी साल में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में लगी है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार और जन मुद्दों को लेकर मंथन हुआ।
कांग्रेस सूत्रों की माने तो चुनाव के दृष्टिगत राज्य को आठ जोन में बांटकर शीर्ष नेताओं को एककृएक जोन की जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने प्रदेश में लगभग 12 हजार बीएलए की नियुत्ति के संबंध में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं को गुटीय मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होकर काम करने की सलाह दी और कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सभी को मिलकर जनता के बीच जाना होगा। प्रदेश व केंद्र की भाजपा सरकारों की नीतियों और विफलताओं को जनकृजन तक पहुंचाने एवं जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों, प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीर, सार्थक और सकारात्मक चर्चा हुई। नेताओं ने संगठनात्मक मजबूती के साथ आगामी चुनाव के लिए ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
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जमीनी विवाद में साठ वर्षीय बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या
ऊधम सिंह नगर। जनपद के गदरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बकेनिया सकेनिया गांव में जमीन के विवाद के चलते 60 वर्षीय सर्वेश्वर सिंह पुत्र स्वर्गीय रामचंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप मृतक के भाई पर लगा है। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सर्वेश्वर सिंह का अपने ही परिवार में जमीन का विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने बीती देर रात हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि उनके भाई सर्वजीत सिंह ने उन्हें गोली मार दी। गोली लगने से सर्वेश्वर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही गदरपुर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल अवस्था में सर्वेश्वर सिंह को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए रुद्रपुर पोस्टमॉर्टम हाउस भेज दिया है।
गदरपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार पाठक ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी और पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे जमीन के विवाद की बात सामने आ रही है और परिवार की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस द्वारा घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके और सबूतों के आधार पर मजबूत कार्रवाई की जा सके।
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कोविड पैरोल पर रिहा बंदी गिरफ्तार
े उधम सिंह नगर। जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक अहम सफलता मिली है, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार अपराध और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए कोतवाली ट्रांजिट कैंप पुलिस टीम ने कोविड-19 महामारी के दौरान पैरोल पर रिहा किए गए एक बंदी को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट द्वारा कोविड महामारी के दौरान कारागारों से कई बंदियों को पैरोल पर रिहा किया गया था। बाद में इन बंदियों की पुनः गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए गए थे।
गिरफ्तार आरोपी पप्पू पुत्र मदन लाल निवासी मोहल्ला पकड़िया, थाना कोतवाली, पीलीभीत उत्तर प्रदेश, वर्तमान निवासी रुद्रपुर के रम्पुरा क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। उसके साथ उसकी पत्नी रुपवती को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ वर्ष 2019 में मुकदमा अपराध दर्ज है, जिसमें पॉक्सो एक्ट की धारा के तहत गंभीर आरोप शामिल हैं। ऐसे गंभीर मामलों में शामिल होने के बावजूद आरोपी पैरोल पर बाहर आने के बाद वापस न्यायिक प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ और फरार हो गया था।
उप निरीक्षक अकरम अहमद ने बताया कि आरोपी की लंबे समय से तलाश की जा रही थी। लगातार प्रयासों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को उसकी लोकेशन का पता चला, जिसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा रहा है।
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सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए एक साथ तीन गुलदार,पूरे गांव में दहशत

ऊधम सिंह नगर। जनपद के जसपुर क्षेत्र अंतर्गत पतरामपुर और मनोरथपुर गांवों में इन दिनों गुलदारों की दहशत चरम पर है। आबादी क्षेत्र में गुलदारों की उपस्थिति के कारण ग्रामीण शाम ढलते ही अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं। गांवों में गुलदारों की बढ़ती गतिविधियांे से लोग खौफजदा हैं। हाल ही में पतरामपुर गांव में एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में एक साथ तीन गुलदार कैद हुए। इसके बाद गांव के लोगों में दहशत का माहोल है।
मिली जानकारी के अनुसार तराई पश्चिम वन प्रभाग के पतरामपुर रेंज में पिछले काफी समय से गुलदारों की मौजूदगी बनी हुई है। यह गुलदार अक्सर गांवों में घुसकर पालतू जानवरों को अपना शिकार बना रहे हैं। अब तक कई कुत्तों को यह अपना शिकार बना चुके हैं। कुछ दिन पहले निजामगढ़ गांव में तीन गुलदार एक घर में घुस गए और वहां बंधी बकरी को अपना निवाला बना लिया।
इस घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत और अधिक बढ़ गई है। वन विभाग भी इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है। क्षेत्र में कई स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं, ताकि गुलदारों को पकड़ा जा सके। इसी क्रम में बीती रात बूढ़ाफार्म क्षेत्र में लगाए गए एक पिंजरे में एक गुलदार कैद हो गया।
इस घटना के बाद आसपास के लोगों ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है। इस मामले में तराई पश्चिमी रेंजर महेश सिंह बिष्ट ने बताया कि विभाग पूरी तरह सतर्क है और लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि पकड़े गए गुलदार को सुरक्षित रूप से फॉरेस्ट जोन में छोड़े जाने की तैयारी की जा रही है। रेंजर ने ग्रामीणों से भी सतर्क रहने की अपील की है।
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डॉ. जितेन ठाकुर “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से सम्मानित
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा आयोजित उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह-2025 में उत्तराखंड के सर्वाेच्च साहित्यिक सम्मान “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से डॉ. जितेन ठाकुर को सम्मानित किया। इसके साथ मुख्यमंत्री ने डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्री श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, श्री केसर सिंह राय एवं श्री अताए साबिर अफजल मंगलौरी को “उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट साहित्यकारों एवं “युवा कलमकार प्रतियोगिता” के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने साहित्य नारी वंदन सम्मान के अंतर्गत प्रो. दिवा भट्ट, उत्कृष्ट बाल साहित्य हेतु प्रो. दिनेश चमोला, उत्तराखंड मौलिक रचना पुरस्कार के अंतर्गत डॉ भूपेंद्र बिष्ट, डॉ सुधा जुगरान, श्री शीशपाल गुसाई, उत्कृष्ट कुमाऊनी एवं गढ़वाली साहित्य हेतु श्रीमती तारा पाठक, श्री हेमंत सिंह बिष्ट एवं श्री गजेंद्र नौटियाल आदि को सम्मानित किया द्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उनके लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्हें प्रदेश के महान साहित्यकारों को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से सम्मानित डॉ. जितेन ठाकुर न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
उन्होंने सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी रचनात्मकता के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समृद्ध करने के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान” समारोह प्रदेश की साहित्यिक परंपरा, रचनात्मक चेतना और साहित्यकारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि सदियों से ज्ञान, संस्कृति और सृजन का केंद्र रही है, जहां हिमालय, गंगा और प्राकृतिक सौंदर्य ने अनेक लेखकों और कवियों को प्रेरित किया है। सुमित्रानंदन पंत, गौरा पंत “शिवानी”, मोहन उप्रेती और शैलेश मटियानी जैसे साहित्यकारों ने इस धरा को गौरवान्वित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और लेखक केवल शब्दों के निर्माता नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन और उत्तराखंड राज्य निर्माण में साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा विभिन्न पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित करने के साथ-साथ ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य में दो “साहित्य ग्राम” स्थापित किए जा रहे हैं, जहां साहित्यकारों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है और साहित्यिक धरोहर को पुनर्स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रेरणा से राज्य सरकार भी उत्तराखंड की बिखरी साहित्यिक धरोहर को संकलित एवं संरक्षित करने के लिए प्रयासरत है।
अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के साहित्यकारों से आह्वान किया कि वे अपनी रचनाओं के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाएं तथा समाज को दिशा देने का कार्य निरंतर करते रहेंगें द्य
इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में विद्वान, लेखक, साहित्यकार, पत्रकार एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
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दो सौ सीसीटीवी कैमरों से होगी बाबा केदारनाथ यात्रा की निगरानी, 14 एसओएस प्वाइंट सक्रिय
रूद्रप्रयाग। अप्रैल के महीने से शुरू हो रही केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने हाईटेक सुरक्षा कवच तैयार कर लिया है।। रुद्रप्रयाग से लेकर केदारनाथ धाम तक पूरे यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए पैनी नजर बनी रहेगी और इससे आपात स्थिति में जल्द कार्रवाई संभव हो सकेगी।
इस दिशा में कार्य करते हुए जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा पूरे यात्रा रूट और पैदल मार्ग पर तकरीबन 200 हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से करीब 181 कैमरे रुद्रप्रयाग से केदारनाथ तक विभिन्न स्थानों पर सक्रिय हैं, जो यात्रा मार्ग, मुख्य बाजारों, संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों और हेलीपैड तक हर गतिविधि की निगरानी कर रहे हैं।अगर केवल गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग की बात करें तो यहां लगभग 16 कैमरे लगाए गए हैं, जिससे इस संवेदनशील रूट पर विशेष नजर रखी जा रही है। यात्रा मार्ग पर कुल 14 एसओएस प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। इनमें से 5 एसओएस सेंटर गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच गौरीकुंड, जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली और रुद्रा प्वाइंट पर स्थित हैं। इसके अलावा रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक 11 स्थानों पर भी एसओएस सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें जवाड़ी बाईपास सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।
इन एसओएस सेंटरों की खासियत यह है कि नेटवर्क न होने की स्थिति में भी यात्री सीधे जिला मुख्यालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। इसके माध्यम से संबंधित व्यक्ति की रियल टाइम लोकेशन भी ट्रेस की जा सकती है, जिससे राहत और बचाव कार्य तेजी से संभव होगा।प्रशासन द्वारा यात्रा के दौरान 5 ड्रोन कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले लगभग पांच हजार घोड़ा-खच्चरों पर बारकोड, टोकन, चिप लगाई जा रही है, जिससे उनकी आवाजाही और गतिविधियों की भी लगातार मॉनिटरिंग हो सकेगी।केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए भी इन हाईटेक कैमरों का उपयोग किया जाएगा। पुलिस इन कैमरों के माध्यम से जाम और भीड़ की स्थिति पर नजर रखते हुए तत्काल निर्णय ले सकेगी।गौरीकुंड, सोनप्रयाग से लेकर केदारनाथ धाम तक इस बार 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जो सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहेंगे।
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सोमवार सुबह मसूरी रोड पर खूनी खेलः-

रास्ता न देने के विवाद में चली गोलियां,मॉनिंग वॉक पर निकले निर्दोष की गयी जान
देहरादून। सोमवार सुबह राजपुर थाना क्षेत्र में मसूरी रोड पर मालसी क्षेत्र के पास दो कार सवारों के बीच रास्ता न देने को लेकर शुरू हुआ विवाद गोलीबारी तक पहुंच गया। आरोपियों द्वारा कार रोकने के लिए चलाई गई गोली दुर्घटनावश मॉर्निंग वॉक कर रहे एक व्यक्ति को जा लगी। उस व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई। मौके पर पहंुची पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम को जोहड़ी गांव के पास फायरिंग की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी देहरादून, एसपी सिटी सहित राजपुर थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि मसूरी रोड पर एक दिल्ली नंबर की फॉर्च्यूनर कार और एक स्कॉर्पियो कार चालकों के बीच ओवरटेकिंग को लेकर कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते यह मामूली विवाद झड़प में बदल गया. आरोप है कि स्कॉर्पियो में सवार व्यक्तियों ने फॉर्च्यूनर कार का पीछा किया और उसे रुकवाने के उद्देश्य से उसके टायरों पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसी दौरान सड़क किनारे मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को गोली लग गई। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। रिटायर्ड ब्रिगेडियर 70 साल के थे। घटना के दौरान फॉर्च्यूनर वाहन जोहड़ी गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गया। इसके बाद स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने कार में मौजूद लोगों के साथ मारपीट भी की और वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हमले में फॉर्च्यूनर में सवार दो लोग घायल हो गए, जिन्हें उनके साथियों द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद स्कॉर्पियो सवार सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जिलेभर में नाकेबंदी कर दी है। इसके अलावा घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि जोहड़ी गांव के पास ओवरटेकिंग और फायरिंग की घटना हुई है। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों से घटना की जानकारी ली। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसमें एक निर्दाेष व्यक्ति की जान चली गई। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

