
शिक्षा अधिकारी की सुरक्षा पर सवाल, शिक्षकों का शिक्षा निदेशालय पर धरना
बोर्ड परीक्षाओं के बहिष्कार की चेतावनी से बढ़ी छात्रों की चिंता
देहरादून। शिक्षा विभाग में हालिया घटना के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। शिक्षकों का कहना है कि जब शिक्षा अधिकारी अपने ही कार्यालय में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम शिक्षक और कर्मचारी किस भरोसे से काम करें। इसी आक्रोश के चलते शिक्षकों ने शिक्षा निदेशालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने निदेशालय के सामने सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
इस मामले में राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि सरकार और प्रशासन के साथ वार्ता जारी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आरोपी विधायक की गिरफ्तारी नहीं होती और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तो संगठन बोर्ड परीक्षाओं के बहिष्कार का निर्णय ले सकता है। उनके अनुसार यह निर्णय किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
उधर, प्रदेश में आज से उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में शिक्षकों द्वारा बहिष्कार की चेतावनी से छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। छात्र महीनों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। यदि परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होती है, तो इससे न केवल परीक्षा कार्यक्रम बाधित होगा, बल्कि छात्रों का मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है।
फिलहाल सभी की नजर सरकार और शिक्षक संगठन के बीच चल रही वार्ता पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द ही सकारात्मक समाधान निकलेगा।

