
आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों में एचएमआईएस व्यवस्था लागू करने पर ज़ोर।
एबीडीएम ने निजी चिकित्सा संस्थानों को दिया वर्चुअल प्रशिक्षणआयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों में एचएमआईएस व्यवस्था लागू करने पर ज़ोर
एबीडीएम ने निजी चिकित्सा संस्थानों को दिया वर्चुअल प्रशिक्षण
आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता से लागू करने को लेकर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) द्वारा सरकारी एवं निजी चिकित्सा संस्थानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बुधवार को प्रदेश के सभी निजी चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधियों को वर्चुअल माध्यम से प्रशिक्षण देते हुए एबीडीएम की प्रबंधक प्रज्ञा पालिवाल ने बताया कि राज्य मिशन निदेशक रीना जोशी के निर्देशों के तहत प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को एचएमआईएस के अंतर्गत डिजिटाइज कर संचालित किया जाना है।
उन्होंने कहा कि लाभार्थियों की सुविधा के लिए स्कैन एंड शेयर व्यवस्था को अनिवार्य रूप से अपनाया जाना आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल की सभी सरकारी चिकित्सा इकाइयों को एचएमआईएस का प्रशिक्षण पहले ही दिया जा चुका है। अब निजी चिकित्सा संस्थानों को भी इस प्रणाली से जोड़ा जा रहा है।
प्रज्ञा पालिवाल ने पीपीटी के माध्यम से एचएमआईएस से जुड़ी जानकारियाँ साझा करते हुए बताया कि आभा आईडी के उपयोग से अस्पतालों में पर्ची बनाने के लिए लगने वाली लंबी लाइनों से राहत मिलेगी तथा मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जा सकेगा।
इसके साथ ही उन्होंने स्कैन एंड शेयर प्रणाली को लागू करने पर भारत सरकार की ओर से दिए जा रहे प्रोत्साहन की भी जानकारी दी।
इस अवसर पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक (प्रशासन) डॉ. डी.पी. जोशी, सूचना सुरक्षा अधिकारी रविंद्र पथानी, अमृत पोखरियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता से लागू करने को लेकर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) द्वारा सरकारी एवं निजी चिकित्सा संस्थानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बुधवार को प्रदेश के सभी निजी चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधियों को वर्चुअल माध्यम से प्रशिक्षण देते हुए एबीडीएम की प्रबंधक प्रज्ञा पालिवाल ने बताया कि राज्य मिशन निदेशक रीना जोशी के निर्देशों के तहत प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को एचएमआईएस के अंतर्गत डिजिटाइज कर संचालित किया जाना है।
उन्होंने कहा कि लाभार्थियों की सुविधा के लिए स्कैन एंड शेयर व्यवस्था को अनिवार्य रूप से अपनाया जाना आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल की सभी सरकारी चिकित्सा इकाइयों को एचएमआईएस का प्रशिक्षण पहले ही दिया जा चुका है। अब निजी चिकित्सा संस्थानों को भी इस प्रणाली से जोड़ा जा रहा है।
प्रज्ञा पालिवाल ने पीपीटी के माध्यम से एचएमआईएस से जुड़ी जानकारियाँ साझा करते हुए बताया कि आभा आईडी के उपयोग से अस्पतालों में पर्ची बनाने के लिए लगने वाली लंबी लाइनों से राहत मिलेगी तथा मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जा सकेगा।
इसके साथ ही उन्होंने स्कैन एंड शेयर प्रणाली को लागू करने पर भारत सरकार की ओर से दिए जा रहे प्रोत्साहन की भी जानकारी दी।
इस अवसर पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक (प्रशासन) डॉ. डी.पी. जोशी, सूचना सुरक्षा अधिकारी रविंद्र पथानी, अमृत पोखरियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


