सांप के काटने से दो महिलाओं की मौत
नैनीताल। मानसून में सांप काटने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। सांप के काटने से सुशीला तिवारी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत हुई है।
नैनीताल जनपद के ओखलकांडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत डालकन्या में खेत में गई एक युवती को सांप ने काट लिया। परिजन युवती को लेकर हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है किडालकन्या निवासी मंजू बुंगियाल (17) पुत्री कैलाश बुंगियाल रोजाना की तरह खेत में चारा काट रही थी, तभी जहरीले सांप ने उसके पैर में डस लिया।
नैनीताल जनपद के ओखलकांडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत डालकन्या में खेत में गई एक युवती को सांप ने काट लिया। परिजन युवती को लेकर हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है किडालकन्या निवासी मंजू बुंगियाल (17) पुत्री कैलाश बुंगियाल रोजाना की तरह खेत में चारा काट रही थी, तभी जहरीले सांप ने उसके पैर में डस लिया।
मंजू इंटर कॉलेज भोलपुर में कक्षा 11वीं छात्रा थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। रेंजर गौला रेंज हरीश टम्टा ने बताया कि वन विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को मुआयना दिया जाएगा। विभाग की ओर से मुआवजे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं रानीखेत निवासी महिला की सर्पदंश से इलाज के दौरान सुशीला तिवारी अस्पताल में मौत हो गई। मेडिकल पुलिस ंस्टेशन इंचार्ज भूपेंद्र मेहता ने बताया कि रानीखेत के विशालकोट निवासी 35 वर्षीय ज्योत्सना देवी पत्नी 8 अगस्त को रसोई में खाना बना रही थी। इसी दौरान सांप ने उसके पैर पर काट लिया। परिजन उसे अल्मोड़ा लेकर एसटीएच पहुंचे, जहां महिला की मौत हो गई.शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।फोटो डी 1
बड़ा हादसा टला, भूस्खलन जोन में बस फिसली, दहशत में आए यात्री
उत्तरकाशी। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को बड़ा हादसा टल गया। भटवाड़ी के पास स्थित भूस्खलन जोन में हरिद्वार जा रही रोडवेज बस अचानक फिसल गई, जिससे उसमें सवार यात्रियों की सांसें थम सी गईं।बताया जा रहा है कि बस भटवाड़ी से हरिद्वार की ओर जा रही थी, तभी मार्ग पर जमा मलबा और फिसलन के कारण बस का पिछला टायर सड़क से बाहर लटक गया।
इधर जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से हर्षिल घाटी का पैदल संपर्क भी कट गया है। सोमवार को डबराणी के पास ध्वस्त सड़क को फिर से तैयार करने के दौरान भागीरथी में गिरी पोकलैंड मशीन के कारण डबराणी पुल और सोनगाड़ के बीच पैदल मार्ग भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है।
इस मार्ग को बनाने के लिए वन विभाग और बीआरओ की टीम डबराणी मोटर पुल के पास पहुंची है। जहां पर करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में खड़ी पहाड़ी पर पैदल आवाजाही लिए बटिया तैयार की जानी है।फोटो डी 2
आपदाः आठ जगहों पर दिए कैडेवर डॉग्स ने संकेत, खोदाई करते निकला पानी
उत्तरकाशी। एनडीआरएफ के कैडेवर डॉग्स (शव खोजी कुत्ते) ने आठ जगह सूंघकर संकेत दिए। यहां खोदाई शुरू हुई तो नीचे से पानी निकल आया, जिससे वहां काम रोकना पड़ा। अब यहां ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) से ग्राउंड जीरो की स्कैनिंग की जा रही है। इस राडार की तरंगों से मलबे में दबे भवनों की खोज की जाएगी। इसके बाद जहां से सही दिशा में संकेत मिलेंगे वहीं पर खोदाई की जाएगी।
उधर धराली में राहत-बचाव दलों का खोज, बचाव अभियान जारी रहा। धराली में एनडीआरएफ के कंट्रोल रूम के साथ इंसीडेंट कमांड पोस्ट स्थापित हो गई है। आपदा प्रभावित क्षेत्र को इंसीडेंट कमांडर ने सेक्टर में बांट दिया है। वहीं, अब तक आपदा प्रभावित क्षेत्र से करीब 1300 लोगों को निकाला जा चुका है। प्रशासन का मानना है कि फंसे हुए करीब सभी लोगों को निकाल लिया गया है।
इसमें सेक्टर-ए की जिम्मेदारी एनडीआरएफ, सेक्टर-बी की जिम्मेदारी सेना, सेक्टर-सी की जिम्मेदारी एसडीआरएफ, सेक्टर-डी की जिम्मेदारी आईटीबीपी को सौंपी गई है। रोड सेक्टर की जिम्मेदारी लोनिवि, बीआरओ तथा बीजीबी रुड़की को सौंपी गई है। सोमवार कासे 635 पैकेट सूखे राशन के भेजे गए हैं।
बड़ा हादसा टला, भूस्खलन जोन में बस फिसली, दहशत में आए यात्री

उत्तरकाशी। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को बड़ा हादसा टल गया। भटवाड़ी के पास स्थित भूस्खलन जोन में हरिद्वार जा रही रोडवेज बस अचानक फिसल गई, जिससे उसमें सवार यात्रियों की सांसें थम सी गईं।बताया जा रहा है कि बस भटवाड़ी से हरिद्वार की ओर जा रही थी, तभी मार्ग पर जमा मलबा और फिसलन के कारण बस का पिछला टायर सड़क से बाहर लटक गया।
इधर जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से हर्षिल घाटी का पैदल संपर्क भी कट गया है। सोमवार को डबराणी के पास ध्वस्त सड़क को फिर से तैयार करने के दौरान भागीरथी में गिरी पोकलैंड मशीन के कारण डबराणी पुल और सोनगाड़ के बीच पैदल मार्ग भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है।
इस मार्ग को बनाने के लिए वन विभाग और बीआरओ की टीम डबराणी मोटर पुल के पास पहुंची है। जहां पर करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में खड़ी पहाड़ी पर पैदल आवाजाही लिए बटिया तैयार की जानी है।फोटो डी 2
आपदाः आठ जगहों पर दिए कैडेवर डॉग्स ने संकेत, खोदाई करते निकला पानी
उत्तरकाशी। एनडीआरएफ के कैडेवर डॉग्स (शव खोजी कुत्ते) ने आठ जगह सूंघकर संकेत दिए। यहां खोदाई शुरू हुई तो नीचे से पानी निकल आया, जिससे वहां काम रोकना पड़ा। अब यहां ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) से ग्राउंड जीरो की स्कैनिंग की जा रही है। इस राडार की तरंगों से मलबे में दबे भवनों की खोज की जाएगी। इसके बाद जहां से सही दिशा में संकेत मिलेंगे वहीं पर खोदाई की जाएगी।
उधर धराली में राहत-बचाव दलों का खोज, बचाव अभियान जारी रहा। धराली में एनडीआरएफ के कंट्रोल रूम के साथ इंसीडेंट कमांड पोस्ट स्थापित हो गई है। आपदा प्रभावित क्षेत्र को इंसीडेंट कमांडर ने सेक्टर में बांट दिया है। वहीं, अब तक आपदा प्रभावित क्षेत्र से करीब 1300 लोगों को निकाला जा चुका है। प्रशासन का मानना है कि फंसे हुए करीब सभी लोगों को निकाल लिया गया है।
इसमें सेक्टर-ए की जिम्मेदारी एनडीआरएफ, सेक्टर-बी की जिम्मेदारी सेना, सेक्टर-सी की जिम्मेदारी एसडीआरएफ, सेक्टर-डी की जिम्मेदारी आईटीबीपी को सौंपी गई है। रोड सेक्टर की जिम्मेदारी लोनिवि, बीआरओ तथा बीजीबी रुड़की को सौंपी गई है। सोमवार कासे 635 पैकेट सूखे राशन के भेजे गए हैं।
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