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मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह से की भेंट

Pahado Ki Goonj

देहरादून, मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह से भेंट की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को जोशीमठ क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी दी, तथा आपदा राहत हेतु केंद्रीय सहायता का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को अवगत कराया कि जोशीमठ शहर जनपद चमोली का तहसील मुख्यालय, श्री बद्रीनाथ जी का शीतकालीन निवास स्थान है, तथा सामरिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ पुराने भू-स्खलन के मोटी परत के मलबे के ऊपर बसा है। यद्यपि भू-स्खलन, भवनों में दरारों का इतिहास पुराना है परन्तु 02.01.2023 की रात से भवनों में मोटी दरारें दृष्टिगोचर हुई तथा जे0पी0 प्लान्ट के नीचे 500 एल0पी0एम0 की नई धारा फूटने की शिकायत प्राप्त हुई।
उन्होंने कहा कि अभी तक क्षेत्र का 25 प्रतिशत भू-भाग, भू-धंसाव से प्रभावित है जिसकी अनुमानित जनसंख्या लगभग 25000 है, पालिका क्षेत्र में दर्ज भवन लगभग 4500 है, उस में से 849 भवनों में चौड़ी दरारें परिलक्षित हो चुकी है, अस्थायी रूप से विस्थापित परिवार 250 हैं, सर्वे गतिमान है एवं उक्त प्रभावित परिवार तथा भवन निरन्तर बढ़ रहे हैं। जबकि पुनर्वास हेतु पांच स्थल चिन्ह्ति किये गये है, जिनका भू-गर्भीय परीक्षण किया जा रहा है। जोशीमठ के कुल 09 वार्ड में से 04 वार्ड पूर्णरूपेण प्रभावित हैं जबकि 08 केन्द्रीय तकनीकी संस्थान प्रभावित क्षेत्र में वैज्ञानिक परीक्षण कर रहे है।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया कि 16 से 22 अगस्त 2022 के मध्य MULTI DISCIPLINARY COMMITTEE (USDMA, GSI, IIT, Roorkee, CBRI, Roorkee, WIHG) ने क्षेत्र का स्थलीय सर्वेक्षण किया था एवं भू-धंसाव के कारण एवं उपाय इंगित किये गये थे साथ ही सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा 05 से 07 जनवरी 2023 के मध्य MULTI DISCIPLINARY COMMITTEE (USDMA, GSI, IIT, Roorkee, CBRI, Roorkee, WIHG) के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण किया था एवं कतिपय Concrete recommendation किये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 जनवरी 2023 पी0एम0ओ0, भारत सरकार के द्वारा कैबिनेट सचिव, NDMA तथा USDMA के अन्य केन्द्रीय विभागों के साथ एक समीक्षा बैठक आहूत की गई। तथा 09 जनवरी 2023 को MHA, GOI की High Powered Team एवं NDMA के समस्त सदस्यों द्वारा देहरादून में वस्तुस्थिति की समीक्षा एवं जोशीमठ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी तथा गढ़वाल आयुक्त एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जोशीमठ क्षेत्र में कैम्प किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न केन्द्र्रीय तकनीकी संस्थानों से विचार विमर्शोंपरान्त प्रारम्भिक रूप से अवगत कराया गया है कि क्षेत्र में वृहद् पुनर्निर्माण की आवश्यकता होगी जिसका FINAL ESTIMATION तकनीकी परीक्षण समाप्त होने के उपरान्त प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों के लिये तात्कालिक राहत शिविरों की व्यवस्था, Prefabricated Transit Shelter, स्थायी पुनर्वास, नवीन स्थल विकास, आवास निर्माण, मूलभूत सुविधायें यथाः स्कूल, कालेज, drainage, sewerage आदि, जोशीमठ का पुर्ननिर्माण, विस्तृत तकनीकी जांच, भू-स्खलन की रोकथाम, सम्पूर्ण जल निकासी व्यवस्था, शहर में सीवर लाईन की व्यवस्था, समस्त घरों का सीवर लाईन से जुड़ाव आदि मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिये मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री से केंद्रीय सहायता के लिये अनुरोध किया।
केंद्रीय गृहमंत्री ने जोशीमठ के भू-धंसाव क्षेत्र के प्रभावितों की आवश्यक मदद का आश्वासन मुख्यमंत्री को दिया।

आगे

 मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में जोशीमठ में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जोशीमठ में भू-धसांव के कारणों को लेकर सभी तकनीकी संस्थानों एवं वैज्ञानिकों की रिपोर्ट आते ही आगे की योजना पर तेजी से कार्य किया जाए। जोशीमठ के भूधंसाव क्षेत्र के अध्ययन की फाइनल रिपोर्ट के बाद ट्रीटमेंट के कार्य तेजी से सुनिश्चित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापन के लिए वहां के लोगों से मिलकर सुझाव लिये जाएं। जिलाधिकारी चमोली स्थानीय लोगों से सुझाव लेकर शासन को रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र से जिन लोगों को विस्थापित किया जायेगा, उनको सरकार की ओर से बेहतर व्यवस्थाएं की जायेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के जिन शहरों में समुचित ड्रेनेज प्लान एवं सीवर सिस्टम नहीं हैं, उनमें ड्रेनेज एवं सीवर सिस्टम के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्ययोजना बनाई जाए। शहरों को श्रैणी वार चिन्हित किया जाए।

सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिंन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय जल विज्ञान (एनआईएच) की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में जोशीमठ में रिस रहा पानी और एनटीपीसी परियोजना के टनल का पानी अलग-अलग है। उन्होंने कहा कि अन्य केन्द्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट एवं एनआईएच की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पायेगी। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र के 258 परिवारों को राहत शिविरों में ठहराया गया है, उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में पानी का डिस्चार्ज एवं सिल्ट दोनों काफी तेजी से कम हुआ है।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, श्री आनन्द बर्द्धन, सचिव श्री आर.मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव श्री सविन बंसल, श्री आनन्द श्रीवास्तव एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।आगे पढ़ें 
सचिव आपदा प्रबंधन डॉ रंजीत कुमार सिन्हा आज शाम 4:15 बजे मीडिया सेंटर सचिवालय में जोशीमठ नगर क्षेत्र में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे | समस्त मीडिया प्रतिनिधि सादर आमंत्रित हैं आगे पढ़ें 
LIVE: देहरादून में पेटिंग प्रतियोगिता एवं छात्रों से संवाद कार्यक्रम*

https://youtu.be/0w5WcuuEGow आगे पढ़ें 

 *जोशीमठ में भवनों में लगाये गये क्रेकोमीटर में दरारों की चौड़ाई में गत तीन दिनों से बढ़ोतरी न होने के संकेत*

*राज्य सरकार के स्तर पर आज माननीय मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव वित्त, शहरी विकास, सचिव आपदा प्रबन्धन के साथ राहत कार्यों के संबंध में बैठक की*

*राज्य सरकार तथा भारत सरकार के विभिन्न तकनीकी संस्थानों द्वारा किये गये कार्यों की अद्यतन स्थिति से माननीय मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया*

*मा0 मुख्यमंत्री ने जोशीमठ में पूरी मुस्तैदी से आपदा प्रबन्धन के कार्य करने के निर्देश दिए*

*जोशीमठ में आपदा प्रबन्धन के कार्यों में किसी भी प्रकार की धन की कमी नही आने दी जाएगी*

*शहरी विकास विभाग को प्रत्येक जिले में प्रभावी अर्बन टाउन प्लानिंग की तैयारी के निर्देश*

*पर्वतीय नगरों में डै्रनेज एव सीवर सिस्टम की प्रभावी व्यवस्था हेतु निर्देश*

**चमोली जिला प्रशासन द्वारा जोशीमठ में मुस्तैदी से सर्वेक्षण कार्य तथा प्रभावितों से विचार विमर्श किया जा रहा है*

सचिव आपदा प्रबन्धन डा0 रंजीत कुमार सिन्हा ने गुरूवार को जोशीमठ नगर क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव एवं भूस्खलन के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे राहत एवं बचाव, स्थायी/अस्थायी पुनर्वास आदि से सम्बन्धित किये जा रहे कार्यो की मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सीबीआरआई द्वारा भवनों की दरारों को नापने के लिए लगाये गये क्रेकोमीटर से गत तीन दिनों में दरारों की चौड़ाई में बढ़ोतरी नही होने के संकेत मिले हैं। यह एक सकारात्मक सकेंत है। डा0 सिन्हा ने जानकारी दी कि आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव वित्त, शहरी विकास, सचिव आपदा प्रबन्धन के साथ जोशीमठ में चल रहे राहत कार्यों के सम्बन्ध में बैठक की। राज्य सरकार तथा भारत सरकार के विभिन्न तकनीकी संस्थानों द्वारा किये गये कार्यों की अद्यतन स्थिति से माननीय मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया ।
मुख्यमंत्री द्वारा जोशीमठ में आपदा प्रबन्धन के कार्यों में पूरी मुस्तैदी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जोशीमठ में आपदा प्रबन्धन के कार्यों में किसी भी प्रकार की धन की कमी नही आने दी जाएगी। बैठक में शहरी विकास विभाग को प्रत्येक जिले में प्रभावी अर्बन टाउन प्लानिंग की तैयारी के निर्देश दिए गये हैं। पर्वतीय नगरों में डै्रनेज एव सीवर सिस्टम की प्रभावी व्यवस्था हेतु भी निर्देश दिए गए हैं। डा0 सिन्हा ने बताया कि चमोली जिला प्रशासन द्वारा जोशीमठ में मुस्तैदी से सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन विस्थापितों से विचार-विमर्श भी कर रहा है।
सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी दी कि जोशीमठ में पानी का डिस्चार्ज 150 एल.पी.एम है। अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 615 कक्ष हैं जिनकी क्षमता 2190 लोगों की है तथा पीपलकोटी में 491 कक्ष हैं जिनकी क्षमता 2205 लोगों की है। अभी तक 849 भवनों में दरारें दृष्टिगत हुई है। सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है। उन्होनें जानकारी दी कि गांधीनगर में 01, सिंहधार में 02, मनोहरबाग में 05, सुनील में 07 क्षेत्र / वार्ड असुरक्षित घोषित किए गए हैं। 181 भवन असुरक्षित क्षेत्र में स्थित है। 259 परिवार सुरक्षा के दृष्टिगत अस्थायी रूप से विस्थापित किये गये हैं। विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या 867 है।
प्रेस वार्ता में अपर सचिव आपदा प्रबन्धन, निदेशक उत्तराखण्ड भूस्खलन प्रबन्धन एवं न्यूनीकरण संस्थान, निदेशक वाडिया संस्थान, निदेशक आईआईआरएस देहरादून, निदेशक एनआईएच तथा निदेशक आईआईटीआर उपस्थित थे।आगे पढ़ें 
मुख्यमंत्री ने परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में छात्रों से किया संवाद।

*सफलता के लिए संयम, नियम और अनुशासित जीवन जरूरी: सीएम*

*छात्रों की शंकाओं का किया समाधान, परीक्षा की तैयारियों के लिये दी ज्ञानवर्धक सलाह।*

*पेंटिंग प्रतियोगिता के प्रतिभागी छात्रों को किया पुरस्कृत।*

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सफलता के लिए संयम, नियम और अनुशासित जीवन जरूरी है। मुख्यमंत्री ने गुरूवार को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा में विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में छात्रों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों को उत्तराखण्ड एवं देश का भविष्य निर्माता बताते हुए उन्हें परीक्षा की तैयारियों के लिये ज्ञानवर्धक सलाह देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पेंटिंग प्रतियोगिता के प्रतिभागी छात्रों को पुरस्कार भी प्रदान किये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के साथ इस आयोजन में शामिल होकर वे स्वयं को और अधिक ऊर्जा से भरा हुआ अनुभव कर रहे हैं। बच्चों की परीक्षाएं आने वाली हैं और उनके साथ इस विषय पर संवाद करना भी एक सुखद अनुभव है। इससे उन्हें अपने स्कूल के दिनों का भी स्मरण करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि उनके एक शिक्षक ने बचपन में उन्हें विद्यार्थी के पांच मुख्य गुणों के बारे में एक श्लोक के माध्यम से बताया था कि उसमें कौवे की तरह जानने की चेष्टा, बगुले की तरह ध्यान लगाने की क्षमता, श्वान निद्रा और अल्पाहारी और गृहत्यागी गुण पांच गुण होने चाहिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षाओं में थोड़ा तनाव होना स्वाभाविक बात है, परन्तु जब यह तनाव बहुत अधिक बढ़ जाता है तो न केवल परीक्षा के परिणाम में इसका विपरीत असर पड़ता है बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कुछ समय पहले पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न स्व. एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी पर आधारित किताब “अग्नि की उड़ान“ पढ़ी। इस किताब से वे अत्यंत प्रभावित हुए, क्योंकि यह किताब हमें बताती है कि सफलता, परिश्रम के साथ-साथ व्यक्ति की सकारात्मक सोच पर निर्भर करती है ।

उन्होंने कहा कि आप लोग डा. कलाम या हमारे प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी सहित अनेक महान लोगों की जब जीवनी पढ़ेंगे, तब पाएंगे कि उनमें एक बात समान है और वो है सकारात्मक सोच। जब मेहनत के साथ सकारात्मक सोच का मिश्रण हो जाता है तो व्यक्ति को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को भी ऐसी किताबें पढ़नी चाहिये। परीक्षा की तैयारियों से संबंधित प्रधानमंत्री जी ने भी एक किताब लिखी है, इसका नाम है “एग्जाम वॉरियर्स“ यह किताब अत्यंत ही रूचिपूर्ण और ज्ञानवर्धक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कुछ दिन पूर्व जहां एक ओर हमने वीर बाल दिवस मनाकर गुरू गोविंद सिंह जी के महान सपूतों का स्मरण किया, वहीं दूसरी ओर हमने चिर युवा सन्यासी स्वामी विवेकानंद जी का जन्मदिवस भी युवा दिवस के रूप में मनाया। स्वामी विवेकानंद जी का उनके जीवन में बहुत अधिक प्रभाव रहा है। जब अपने स्कूल के दिनों में उन्होंने उनकी यह उक्ति उठो, जागो और लक्ष्य तक पहुंचे बिना रूको मत पढ़ी तभी ठान लिया था कि जीवन में जिस भी क्षेत्र में जाउंगा, अपना 100 प्रतिशत योगदान देने का प्रयास करूंगा।

उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि आप लोग भी जिस क्षेत्र में जाएं उस क्षेत्र में अपना 100 प्रतिशत योगदान देकर उस क्षेत्र के नेता अर्थात लीडर बनें। जैसे आप खेल के क्षेत्र में जाएं तो सचिन तेंदुलकर की भांति खेल के लीडर बने। आप गायक बनें तो लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी जैसे महान गायक बनें और यदि आप लोग राजनीति में आए तो आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी की भांति विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता बनें।

मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि आप सबने इस कार्यक्रम के माध्यम से बहुत सारी पेंटिंग भी बनाई हैं। जिनमें पर्यावरण संरक्षण सहित अन्य बहुत से समाजोपयोगी विषयों को समाहित किया है। इसके लिये उन्होंने सभी के प्रयासों की सराहना भी की। मुख्यमंत्री ने छात्रों का आहवान किया कि सभी छात्र कड़े अनुशासन, सही समय प्रबंधन और अपने माता-पिता एवं गुरूजनों के आशीर्वाद से जिस भी क्षेत्र में जाए, अपने परिवार, राज्य और देश का नाम रोशन करें।

मुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रेरित करने के लिये ‘‘मंजिल ही जीवन का किस्सा है राही बन उस तक जाना है सफलता-असफलता जीवन का हिस्सा है इनसे घबराना कैसा है उठो, जागो और संघर्ष करों यही तो बस जीवन कहता है’’ कविता भी सुनाई।

संवाद के दौरान छात्रा कु. शैलजा कुकरेती, छात्रा कु. खुशी, पूजा, निशा गुप्ता रानी, छात्र रामकरण, युवराज आदि द्वारा परीक्षा की तैयारियों एवं मुख्यमंत्री से बचपन में परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित प्रश्नों के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के समय कुछ तनाव सभी को रहता है किंतु पहले के और अबके समय में बड़ा अंतर है। आज पूरी दुनिया आपके मोबाइल में सिमटी है। पहले संसाधनों का अभाव था, उनकी प्राइमरी शिक्षा स्लेट, दफ्ती, दवात और टाट पट्टी में बैठकर हुई। 3-4 कि.मी. पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता था। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपनी सोच सकारात्मक रखें, आप जैसा बनना चाहेंगे वही बनेंगे। आज हमारे साथ हमारे अभिभावक के रूप में प्रधानमंत्री श्री मोदी जैसा व्यक्तित्व है जो परीक्षा के समय छात्रों से चर्चा कर उनका मार्ग दर्शन कर रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव श्री रविनाथ रमन ने भी छात्रों को संबोधित किया। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा श्री बंशीधर तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा सभी छात्रों को आने वाली परीक्षाओं की सफलता के लिये शुभकामना दी।

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इस बार 13वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम “वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम” (“Nothing Like Voting Vote For Sure) होगी। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के कम में पूरे भारत में दिनांक 25 जनवरी, 2023 को अपरान्ह 1.00 बजे के बाद 13वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जायेगा। इसी संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रताप शाह द्वारा बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की गई। राज्य के साथ ही समस्त जनपद मुख्यालय में राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जायेगा।

राजभवन देहरादून स्थित सभागार में 25 जनवरी 2023 को अपरान्ह 01.00 बजे से कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। 25 जनवरी 2023 को राज्य, समस्त जिला मुख्याल एवं मतदेय स्थल स्तर पर 13वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस अपरान्ह 1.00 बजे बाद कोविड के मानकों के अनुसार आयोजित किया जायेगा। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के आगामी आयोजन में “मैं भारत हूँ” गीत का भी शुभारम्भ किया जाएगा। निबन्ध, वाद-विवाद आदि प्रतियोगितायें आयोजित जायेगी। विभिन्न सरकारी विभागों जैसे बैंकों डाकघरों रेलवे, पंचायती राज संस्थाओं, नागरिक निकायों आदि के साथ भागीदारी और सहयोग सुनिश्चित किया जायेगा। प्रत्येक मतदान केन्द्र पर बूथ लेवल अधिकारी द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। जिसमें नये पंजीकरण करवाने वाले व्यक्तियों को उचित सुविधा प्रदान की जायेगी तथा नये पंजीकरण वाले नए मतदाताओं को उनके मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रदान किये जायेंगे। मतदान केन्द्र पर उपस्थित समस्त व्यक्तियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस संबंधी शपथ दिलवायी जाएगी।

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संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड श्री प्रताप सिंह शाह ने सभी जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को भेजे गये पत्र में ERO Net 2.0 एवं BLO App के संबंध में स्थिति स्पष्ट की गई है। उनके द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तराखण्ड राज्य सहित तीन अन्य राज्यों में SSR-2023 से संबंधित सम्पूर्ण कार्यवाही Pilot Project के रूप में ERO Net 2.0 एवं BLO App के माध्यम से सम्पादित किये जाने में आ रही कठिनाईयों के दृष्टिगत 01 जनवरी, 2023 की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत असम, बिहार, गोवा व उत्तराखण्ड राज्य में अंतिम प्रकाशन की तिथि विस्तारित करते हुए दिनांक 27 जनवरी, 2023 नियत की गयी है।

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मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस की 5वीं कार्यकारी समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। इस दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सतत विकास लक्ष्य को पाने के लिए इनकी साप्ताहिक मॉनिटरिंग की जाए।
     मुख्य सचिव ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु हमें आपसी सामंजस्य के साथ समेकित विकास पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थानों के साथ लगातार सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने आईआईएम काशीपुर को राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भी विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार आईआईटी रूड़की और पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय अपने अपने क्षेत्र में राज्य के विकास के लिए विभिन्न प्रकार से प्रशिक्षण आदि उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए नियोजन विभाग और संस्थान मिलकर योजना तैयार करें।
     मुख्य सचिव ने कहा कि बहुत से ऐसे कार्य हैं जो राज्य सरकार और शिक्षण संस्थान जनहित में करना चाह रहे हैं, परन्तु आपसी संवादहीनता के कारण ये कार्य बाधित हो रहे हैं। विभिन्न शिक्षण संस्थानों की एक समिति बनाकर तिमाही बैठक आयोजित की जाए। राज्य केन्द्रित शोधों के लिए रिसर्च फेलोशिप कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समस्याओं को समझने और उसका समाधान खोजे जाने के लिए सम्बन्धित संस्थान को समस्या का अभिनव समाधान खोजे जाने का कार्य दिया जाए।
     इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव श्री मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव नियोजन श्री रोहित मीणा सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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