देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मंत्री रेखा आर्य को अपने पद की गरिमा के अनुरूप बात करने की हिदायत दी है।
गोदियाल ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से वार्ता के दौरान कहा कि मंत्री रेखा आर्य के पति के खिलाफ जिन गंभीर धाराओं में उत्तर प्रदेश पुलिस ने नॉन बेलेबल वारंट जारी किया है उसके मद्देनजर नैतिकता के आधार पर रेखा आर्य को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। लेकिन इसे दुर्भाग्य ही कहना चाहिए कि रेखा आर्य लगातार पूर्व मुख्यमंत्री एवं अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव हरीश रावत के साथ जुबानी जंग लड़ने का काम कर रही है।
गोदियाल ने कहा कि जिस तरह की शब्दावली का प्रयोग मंत्री के द्वारा की जा रही है वह भृतस्नीय है। गोदियाल ने यह भी कहा कि सूबे के भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक जिस तरह से गिरधारी लाल उर्फ पप्पू साहू पर लगे आरोपों को 25 साल पुराना बताकर आरोपी को संरक्षण देने का और बचाने का काम कर रहे हैं उससे भाजपा की चाल चरित्र चेहरा उजागर हो गया है।
गोदियाल ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि भाजपा गंभीर अपराधों में संलिप्त लोगों को बचाने का काम कर रही हो। इससे पहले भी भाजपा ने अपने उन तमाम नेताओं को संरक्षण देने का काम किया जो प्रदेश में महिलाओं के यौन उत्पीड़न में संलिप्त पाए गए हैं। गोदियाल ने कहा कि भाजपा के अध्यक्ष स्वयं को कानून से ऊपर समझते हैं क्या? गोदियाल ने कहा कि जिस तरह से मंत्री और सम्पूर्ण भाजपा लगातार पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को घेरने का प्रयास कर रही है उसे यही परिलक्षित होता है कि भाजपा को हरीश रावत का कितना खौफ है। गोदियाल ने मंत्री से अपेक्षा करी की कोई भी बात करने से पहले पद की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने संपूर्ण भाजपा संगठन से तत्काल प्रभाव से मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
मुख्यमंत्री धामी ने हाकी खिलाड़ी कटारिया को दिया 25 लाख का चेक
Thu Aug 12 , 2021
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नई दिल्ली से उत्तराखंड वापसी की। दिल्ली से वापसी पर वह जौलीग्रांट एयरपोर्ट से सीधे हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने हाकी खिलाड़ी वंदना कटारिया के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वंदना कटारिया को 25 लाख रुपये का चेक सौंपा। […]

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ब्रेकिंग न्यूज़ उत्तरकाशी के पुरोला को जिला बनाओजिला मुख्यालय पुरोला से 150 से 200 किमी की दूरी में होने से उन्हें काफी सारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। -स्थानीय लोगों को हर छोटी या बड़ी समस्या के लिये इतना लम्बा सफर तय करना पड़ता है। -जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। -उनका कहना है कि पुरोला को जिला बनाने से यह सारी परेशानी खत्म हो जाएंगी। अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों ने बताया कि 24 फरवरी 1960 में उत्तरकाशी जिला टिहरी से अलग हुआ था। उस समय रवांई परगना उत्तरकाशी जिले में शामिल किया गया था। यह क्षेत्र बड़कोट, पुरोला, नो गांव, मोरी तहसील के अंदर आता है। 1960 में रवांई के लोगों ने अलग जिले की मांग शुरू कर दी थी। उसके बाद उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पृथक जिले की मांग और तेज हुई, जिसके चलते सरकार ने राज्य के 4 नए जिलों की घोषणा में यमुनोत्री को जिला बनाने की बात कही थी। जिससे पुरोला के लोग भड़क गए और तब से लगातार पुरोला को जिला बनाने की मांग की जा रही है।
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