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76 वर्षीय जीतमणि पैन्यूली संपादक का देश के लिए बड़ा योगदान है 

Pahado Ki Goonj

जय बद्रीविशाल
जीत मणि पैन्यूली संपादक पहाड़ों की गूंज हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र जाति:ब्राह्मण
राशि: तुला
गौत्र: भारतद्वाज लिखवार गांव भदूरा प्रतापनगर टिहरी बांध प्रभावित क्षेत्र टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड

हम उम्र की 75 वीं सीड़ी को छोड़कर आज 16 जून तदनुसार 2 गते आषाढ़ 76वीं सीड़ी पर पैर रख रहा हूँ । जिस समय मेरा जन्म हुआ उस समय गाँव में घड़ियाँ ना के बराबर हुआ करती थी ,इसलिए जन्मकुंडली बनाने वाले जोतिषी आकाश की स्थिति को देखकर समय का निर्धारण कर तदनुसार सूतिका गृह की स्थिति को जानकर जन्मपत्री बनाते थे । दिन में तो यह सूर्य की स्थिति को देखकर कुछ आसान हो जाता था ,लेकिन रात को विशेषकर मेघाच्छन अवस्था में आकाश को देखकर समय का निर्धारण करना कठिन अवश्य जाता था । जन्मकुण्डली में यदि लग्न ज्ञात हो जाय तो जोतिषी सही कुण्डली बना पाते थे । पूर्व दिशा क्षितिज पर 12 राशियों में से तत्समय उदित होती हुई राशि को ही लग्न कहा जाता है ।

भगवद्गीता के अनुसार जीवन की चार अवस्थाएं मानी गई है ,कुमार योवन ,जरा और और तदोपरांत मरण । प्रथम तीन अवस्थाओं का अनुभव वह स्वयं,कर लेता है और साथ ही उसके परिजन और मित्र समूह भी निरंतर उसका अनुभव करता रहता है ,लेकिन मरण अवस्था का साक्षी वह स्वय ही होता है ।

आयुर्बेद में ज़रा अवस्था को भी रोग माना गया है ,इसलिए ज़रा (बुढ़ापे) की चिकित्सा भी अलग रूप से वर्णित है । अधिकाश बीमारियाँ हमारी गलत आदतों का ही परिणाम होती हैं ,लेकिन कुछ रोग ऐसे भी होते हैं जो हमारे पूर्व जन्म में किये गये पापों के परिणाम स्वरूप होते है , जैसे कि चलते चलते दुर्घटना हो जाना , शरीर पर पर कैंसर जैसी असाध्य बीमारी पैदा हो जाना आदि ब्याधिया पूर्व जन्म में किये गए पाप का परिणाम होती है ,जिस पर हमारा वश नहीं होता ,लेकिन चिकित्सा और ईश्वर अराधना से हम अपने कष्टों को कुछ कम अवश्य कर सकते हैं ।
आयुर्बेद में काय चिकित्सा के महान ग्रन्थ चरक सहिता में उल्लिखित है, कि मनुष्य का शरीर धर्म अर्थ काम और मोक्ष का साधन है । मनुष्य के लिए चार पुरुषार्थ निर्धारित किये गए है ,इनमे प्रथम तीन का अनुभव सब को निरंतर होता रहता है ,चौथा मोक्ष का अर्थ सवकी समझ में नहीं आता । ,जीवन में सस्कार सहित विद्या का अर्जन करना ही धर्म के अंतर्गत आता है । विद्या के आधार पर शुचिता पूर्ण किया गया अर्जन ही अर्थ है ,और उपार्जित धन से गृहस्थ में रहकर संतानोपति सहित सभी इच्छाओं की पूर्ति करना ही काम है ।

चौथा पुरुषार्थ मोक्ष कुछ कठिन और संदिग्ध है । मोक्ष की परिभाषा अलग- अलग शास्त्रों में अलग अलग वर्णित है,लेकिन भगवद्गीता के अध्ययन करने वालों की समझ में यह आसानी से आ सकता है । अब सर्व साधारण के लिए गढ़वाली भाषा में पूज्य गुरु श्री मोहन लाल नौटियाल शास्त्री भिटयारा धौंतरी ने प्रकाशित किया है उसमें मोक्ष का साधारण अर्थ है देव भूमि के लोग समझ सकते हैं।मुक्त हो जाना ,लेकिन किस से ,यह समझना गुरु परम्परा और शास्त्रों से ही संभव हो सकता है । जीवन के इन चार सोपानों को ही पुरुषार्थ कहा जाता है, इसमे पुरुष का अर्थ लिंग विशेष न होकर आत्मा के अर्थ में आता है । आयुर्बेद के अनुसार रोग पुरुषार्थ प्राप्ति में वाधा बन जाते है-

धर्मार्थ काम मोक्षाणां आरोग्यं मूलमुतमम्।
रोगास्तस्यापहर्तारः श्रेयशो जीवितस्य च ।

अर्थात ‘धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष (पुरुषार्थ चतुष्टय) का साधन आरोग्य ही है। रोग उसी कल्याणकारी आरोग्य (जीवन) को नष्ट कर देते हैं । इसलिये हमेशा रोगों से अपने शरीर की रक्षा करनी चाहिए । इसलिए जो हमारे हाथ में हैं उसे अवश्य करें .लेकिन जो हाथ में न हो उसके लिए प्रार्थना करें ,कुछ का मानना है कि धन दौलत सुख-सुविधाएँ प्राप्त कर लेना ही ऐश्वर्य है ,लेकिन हमारे धर्म शास्त्रों में त्याग और वैराग्य को ही परम ऐश्वर्य माना गया है

अन्यत्र महाकवि कालिदास के महाकाव्य ‘कुमारसम्भवम्’ एक प्रसिद्ध और प्रेरणादायक संस्कृत सूक्ति ( “शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्”),जिसका अर्थ है अर्थ है: शरीर ही धर्म (कर्तव्य) का पहला साधन है।” [1, 2]
चाणक्य नीति में ” दानम् दुर्गति नाशनं” उल्लिखित है ,जिसका अर्थ है दिया हुआ दान मनुष्य की बुरी अवस्थाओं को नष्ट करने वाला होता है ,इसलिए चाहे आप गरीब हों या अमीर अपने अर्जित धन से कुछ न कुछ दूसरों की सहायता पर अवश्य व्यय करें ,चाहे वह प्रधानमंत्री कोष हो या मुख्यमंत्री हो ,यदि कही दूसरी जगह देना संभव न हो तो अपनी ग्रामसभा के माध्यम से या किसी मंदिर में दान देकर अपने धन को शुचितायुक्त बना सकते हैं ।

हमने जीवन में ग्रामीण विकास के लिए ग्रामीण बहुउद्देशीय विकास मेला कोटा गांव का प्रारंभ वर्ष 1978 भी किया और टिहरी बांध की लड़ाई 2005 से लड़ कर लड़ाई 2011 तक लड़ी ।
प्रत्येक परिवार को ₹500000 प्रतिपूर्ति दिलाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को हमारे और टिहरी जल विकास निगम के बीच हुए समझौते को लागू करने के लिए लिखा है ।
टिहरी डैम जब बना उसे बन रहा था तो समय उत्तर प्रदेश का हिस्सा था और इसमें 25% भागीदारी उत्तर प्रदेश की है उसके बाद 2000 में उत्तराखंड राज्य अलग बना और उसके हिसाब से तैयारी टाइम की भागीदारी कैसा उत्तराखंड सरकार को मिलना चाहिए जो अब तक नहीं मिला है उसके लिए राज्य सरकार केंद्र पर दबाव डालें और अपना हिस्सा।अब टिहरी डैम में 2400 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है और 24 करोड रुपए रोज का आय का आ रहा है ।अब जिला प्रशासन में पहले डीएम रहे सचिन कुर्वे जी ने दबाव बनाकर हमारा जन आंदोलन को समझौता कराया टिहरी बांध प्रभावित संघर्ष समिति के संयोजक होने के नाते अपनी ओर तैयारी से आंदोलन करता रहा । अब डीएम के साथ-साथ उनके पास कैबिनेट सचिव का अधिकार है ।आप प्रत्येक परिवार को जो नुकसान हमें 2005 से लेकर 18 तक हुआ उसकी भरपाई से आगे विकास की कार्रवाई की जा सकती है ।और लोगों का जीवन में सुधार कर सकता है ।
प्रताप नगर जनप्रतिनिधि यो के लिए एक दुधारू गाय है वहां पर सरकार के प्रतिनिधियों ने जनता का शोषण किया है और अपने भाषणों से जनता को गुमराह कर अपना उल्लू सीधा किया ।केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह जी ने बैकवर्ड को केंद्र सूची में डालने के लिए कहां पर आज तक नहीं हुआ है। हमारा कह ना हैं कि मोदी जी है तो मुमकिन है मेरा मोदी जी से और प्रदेश के प्रभारी मंत्री, मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि प्रताप नगर को कौशल विकास के लिए विशेष योजना बना दी जाए प्रताप नगर एक विधानसभा नहीं है वहां की आबादी विश्व के 12 देश से ज्यादा है इसलिए मेरा विश्व बैंक से भी अनुरोध है कि लंबी अवधि 30 40 साल का अनुदान पैकेज पशुपालन खेती बागवानी होम स्टे ए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वहां पर प्रति परिवार को 30 लाखा रुपए तक ऋण दिया जाए और पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए इसके साथ-साथ लोगों का जीवन स्थर बढ़ेगा और पलायन रुकेगा सरकार के आय बढ़ेगी जहां प्रदेश ऋण के बोझ दबा हुआ है वही पर्यटन से रोजगार की उम्मीद है इसके साथ हमने पत्रकारिता के क्षेत्र में जब केदारनाथ यात्रा आई तो तो टीवी चैनलों ने प्रदेश का विकास रोक दिया था जबकि ट्रेन देहरादून ऋषिकेश हल्द्वानी खाली दौड़ रही थी उसे समय पर्यटक मसूरी नैनीताल नानकमत्ता हरिद्वार में पितृ विसर्जन के लिए आ सकते थे लेकिन सरकार की वरदानी मीडिया ने की है। गलत खबर से उसको रोकने के लिए काम किया। तब प्रदेश के विकास के लिए विकास के लिए हमने चौथे स्तंभ की भूमिका निभाई और 1 जुलाई 2013 से लेकर मई 2014 तक पत्रकारों की बैठक उत्तराखंड पत्रकार संगठन समन्यव समिति के संयोजक  के नाते ग्यारह बैठक की है।  और नेता प्रतिपक्ष अध्यक्ष विधानसभा एवं विधायकों की संस्तुति सरकार के लिए कराई

तब
न्यूज़ पोर्टल को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया है और उत्तराखंड में इसको बढ़ाओ देने के लिएओ एफ सी लाइन बिछाने का कार्य कराया है। जिससे पत्रकार लोगों का रोजगार बड़ा है और चार धाम यात्रा के यात्री अपने घर जगह-जगह से अपने कुशल होने की सूचना अपने घर देते हैं ।इससे यात्रा बड़ी और लोगों का रोजगार बड़ा उत्तराखंड की लाइफ लाइन पर्यटन है इसको बढ़ावा दिया जा रहा है जहां 2013 तक पांच पोर्टल थे आज 2000 से ऊपर न्यूज़ पोर्टल चल रहे हैं और 1400 के करीब सूचना एवं लोक संपर्क विभाग में सूचीबद्ध होने के लिए तैयार है इससे पत्रकारों को सम्मान मिला है और उनके आमदनी बड़ रही है।इसके साथ ही पत्रकारों के सम्मान देने के लिए 2020 में कोरोना कल में हमें कोरोना होने पर ।

अपना इलाज के लिए हमने काली हल्दी का प्रयोग किया है और अपने पांच हॉस्पिटल बदलने के बाद काली हल्दी के सेवन से बीमारी ठीक हुई है और जनसाधारण को स्वस्थ रखने के लिए हमने काली हल्दी का जैविक उत्पादन किया है और इसको प्रदेश में बढ़ाने का काम किया है और लोगों को स्वस्थ रहने में कारगर सिद्ध हो रहा है

इसके साथ ही कोरोना कल में 350 से ज्यादा पत्रकार राष्ट्रीय कार्यक्रम में मृत्यु हुई उनके परिवारों को सरकार ने कोई अनुग्रह राशि नहीं दी प्रदेश में आपातकाल था और धरना प्रदर्शन पर वैन लगा था
तब हमने अपने गांव लिखवार गांव जहां पर इस समय का आयोजन किया जा रहा है ।अपने निवास स्थान पर हिंदी पत्रकारिता दिवस के पूर्व संध्या 29 में 2021 को धंधा प्रदर्शन 5 जून तक किया इसके फलस्वरूप इस खबर का प्रकाशन पहाड़ों की गुण हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र देहरादून से प्रकाशित होने पर

खबर प्रकाशित हुई खबर प्रकाशित होने के बाद देश के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता कार्यकर्ता एवं वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय एवं उनके सहयोगी वकील वकील एवं वैज्ञानिक डॉक्टर शैलेंद्र कुमार बिरनी ने इसको मंडे सुप्रीम कोर्ट कोर्ट में अपील कर इस खबर का सजान मान्य सुप्रीम कोर्ट ने दिया और 28 नवंबर 2022 को मान्य राष्ट्रपति जी के पास पत्रकारों को संवैधानिक अधिकार देने के लिए आगे की कार्रवाई करना उल्लेख कीजिए ।भेजा है जिस पर राष्ट्रपति सचिवालय के अधिकारी अभी तक कार्रवाई नहीं कर पाए हैं या बड़ा खेत का विषय हमारा राष्ट्रपति जी से अनुरोध है कि और पत्रकारों से भी अनुरोध है कि इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर देश के सभी सांसदों मंत्रियों प्रधानमंत्री जी को शेयर करें और इसे लागू करें मंडे प्रधानमंत्री जी ने 9 10 दिसंबर 2021 को अमेरिका के राष्ट्रपति के द्वारा बुलाए गए वर्चुअल सम्मेलन में कहा था कि हम देश के पत्रकारों को मजबूत करने के लिए और अधिकार देना चाहते हैं परंतु इसकी पहल सूचना एवं लोक संपर्क विभाग केंद्र संचार मंत्री द्वारा नहीं की गई यह बड़ा खेद का विषय है।

दूसरी ओर  देखा जा रहा है पत्रकारों के अंदर बहुत गुण है कि वह किसी भले काम को करने वाले के साथ जुड़ना नहीं चाहता है और अपनी रागनी गाने के लिए प्रयास कर समय को बर्वाद कर किये गए कार्य में बड़ा बदलाव कर अपना प्रचार करने से अलावा कुछ नहीं हो सकता है 

श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति कर्मचारी संघ के संरक्षक होने के नाते वहां की व्यवस्था सुधारने हेतु प्रचार प्रसार किया ओर इसका मूल्यांकन यात्रियों ने किया उन्होंने अपने स्थान पर अच्छा संदेश दिया। कर्मचारी संघ की समस्या सुधारने का काम करते आ रहे हैं जब कर्मचारी संघ को दिक्कत होती है तो हम उनकी सेवा करने हेतु तत्पर हैं उनकी वेतन वृद्धि वेतन दिलाने का कार्य करते आ रहे हैं। आप अपने अखबार न्यूज़ चैनल पर इस पोस्ट को आज प्रकाशित कीजिए और शेयर करें। और अपने अपने पत्र एवं पोर्टल पर प्रेस को संवैधानिक अधिकार देने हेतु हमेशा प्राथमिकता से प्रकाशित करें धन्यवाद सारे देश के लोगों को आज अपने क्षेत्र में जन्मदिन पर भगवान बद्री विशाल से पूजल भविष्य की कामना करता है

76 वर्षीय जीतमणि पैन्यूली संपादक का देश के लिए बड़ा योगदान है

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