*● महान बनने की चार आवश्यकताए :* *1. वाणी में माघुर्यता,* *2. दृष्टी में प्रसन्नता,* *3. मन में पवित्रता,* *4. व्यवहार में कुशलता।* ??? *● चार से विवाद मत करो :* *1. मुर्ख से,* *2. पागल से,* *3. गुरु से और,* *4. माता पिता से।* ??? *● चार में शर्म […]
ताजा खबर
श्री बद्रीनाथ श्रीकेदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारी मैठाणी को भाव भीनी विदाई दी
चमोली/जोशीमठ :श्री बद्रीनाथ श्रीकेदारनाथ मंदिर समिति के मंदिर अधिकारी भूपेन्द्र मैठाणी को लम्बी सेवा के बाद सेवा समय के उपरांत सेवानिवृत्त 31दिसम्बर2017 को किया गया ।उन्होंने अपने लंबे सेवा काल मे ईमानदारी से मंदिर के कार्यों का निर्बाहन किया इनकी ईमानदारी एवं अपने प्रशासन के कार्यों के साथ कोई समझौता […]
सचिवालय में पत्रकारों के प्रवेश नादेने से कोई न कोई बड़ी साजिश की आशंका हैके
गैरसैंण के समर्थन में निकला कैंडल मार्च
टी यच डी सी के ई डी बने यच यल भारज
उत्तराखंड पुलिस विभाग में अश्न्तोष पनप रहा है
देहरादून ।पुलिस अधिकारियों द्वारा जवानों की समस्याओं की अनदेखी करते हुये उत्तराखंड पुलिस विभाग में अश्न्तोष पनप रहा है।फेसबुक वत्सप के माध्यम से वह अपनी मांगों का संज्ञान दिलाने का प्रयास करते हुये ।उच्च अधिकारियों ने3 सिपाही के बर्खास्त करदिया उनकी मांगों को गंभीरता से सरकार कोलेने की आवश्यकता है। […]
बकाया धनराशि तुरन्त जमा न करने पर निरस्त होगा ठेका -नितिका मजिस्ट्रेट
दरगाह ठेकेदारो को प्रबंधक ने दिया अंतिम नोटिस। बकाया धनराशि तुरन्त जमा न करने पर निरस्त होगा ठेका -नितिका ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हरिद्वार/पिरान कलियर:दरगाह पिरान कलियर साबिर पाक क्षेत्र के विभिन तरीके के वार्षिक ठेके प्रतिवर्ष मार्च महीने में छोड़े जाते हैं।ठेकेदारो द्वारा दरगाह की शर्तों पर ठेके आवंटित किए जाते […]
गैरसैंण राजधानी के लिये सचिन थपलियाल के नेतृत्व में कैंडल मार्च
उत्तराखंड में संतरी से लेकर मुख्यमंत्री तक फर्जी कागजात से बने -रघुनाथ सिंह
आगामी 12 जनवरी को दिल्ली मे जीएसटी महामंथन -राजेश्वर पैन्यूली
फेडरेशन द्वारा आयोजित जीएसटी महामंथन मे होगी राष्ट्रीय दलो के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी मे देश भर के व्यापार मंडलो के दिग्गज व्यापारी नेता और लघु एवं मध्यम उद्यमी करेंगे शिरकत करेंगे नई दिल्ली। देश मे शुरू हुई नई कर प्रणाली वस्तु एवं सेवा करयानि जीएसटी की कर एवं कानूनी जटिलताओं के साथ ही इसके पोर्टल जीएसटीएन से आ रही समस्याओं केसमाधान के लिए “फेडरेशन आफ आल इंडिया व्यापार मंडल” ने आगामी 12 जनवरी को दिल्ली मे जीएसटी महामंथन कार्यक्रम का आयोजनकिया है। इस कार्यक्रम कोकांस्टीट्यूशन क्लब के मावलंकर हालमे आयोजित किया जा रहा है।कार्यक्रम के लिए प्रमुख राष्ट्रीय दलो केशीर्ष नेताओ को आमंत्रित किया गयाहै। जिसमे जदयू के वरिष्ठ सांसद शरदयादव, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीषसिसौदिया, एनसीपी के वरिष्ठ नेताडीपी त्रिपाठी, सांसद विवेक गुप्ता केअलावा बीजेपी और कांग्रेस के कईवरिष्ठ नेता शामिल हैं। कार्यक्रम की रूप रेखा को अंतिम रूपदेने के लिए बुधवार को फेडरेशन कोरकमेटी की एक बैठक हुई। बैठक केबाद फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री वीकेबंसल ने कहा कि जीएसटी मे तमामकर एवं तकनीकी सुधारो के बावजूदयह कर प्रणाली सर्वमान्य नहीं बनपायी है जीएसटी को लेकर छोटे वबड़े व्यापारियों, उद्यमियो औरदुकानदारो की परेशानियां जस की तसबनी हुई हैं। हालांकि फेडरेशन द्वारापूर्व मे भेजे गए कई अहम सुझावो केआधार पर सरकार ने इसमे समय-समय पर कई बदलाव किए हैं। इसके बावजूद अभी जीएसटी मे कई अहम बदलाव की दरकार है। इसी बदलाव केलिए फेडरेशन ने जीएसटी महामंथनका आयोजन किया है। इस महामंथन कार्यक्रम मे देश के सभी छोटे-बड़ेव्यापार मंडलो के व्यापारी नेताओं और लघु एवं मध्यम उद्यमियो को आमंत्रित किया गया है।बंसल के मुताबिक जीएसटी महामंथनमे देश भर से आने वाले व्यापारी और लघु उद्यमी अपने समस्याओं को साझा करेंगे। इन समस्याओं के आधार परफेडरेशन एक मांग पत्र तैयार करेगा।जिसे बाद मे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक व्यापारियों से मिली जानकारियों के अनुसार लगभग दो दर्जन से ज्यादाजीएसटी की समस्याएं सामने आ चुकीहैं। इसके अलावा भी जीएसटी मे कईकर एवं तकनीकी समस्याएं रह गयीहैं। जिन्हें मंथन के बाद मांग पत्र मेजोड़ा जाएगा। ताकि सरकार पर दबावबनाकर इसे दुरूस्त कराया जा सके।फेडरेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश्वर पैन्युली ने कहा कि जीएसटी मे तमाम सुधारो के बाद भी यह सरकार की एक देश-एक कर की मंशा को पूरा नहीं कर पायी है। एक ही वस्तु के व्यापार पर जीएसटी की कई दरें लागू होना इसबात का प्रमाण है। यही नही अगलेमहीने से लागू होने वाली ई वे बिलव्यवस्था एक देश-एक कर के उद्देश्य के विपरीत है। बैठक मे फेडरेशन के संयोजक वीके जैन, प्रकाश केजरीवाल, दिल्ली प्रभारी राधेश्याम शर्मा के अलावा व्यापारी नेता उपस्थिति थे।

