देहरादून। थाईलैंड की राजकुमारी राजकुमारी सिरिंधोर्न गुरुवार को विशेष विमान से पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सर्किट हाउस काठगोदाम पहुंचीं। इसके बाद वह भीमताल से होते हुए ओखलकांडा ब्लॉक के देवस्थल स्थित एरीज के ऑप्टिकल टेलीस्कोप से अंतरिक्ष के नजारे देखेंगी। राजकुमारी के भ्रमण कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के चाक चैबंद इंतजाम किए हैं।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार राजकुमारी राजकुमारी सिरिंधोर्न गुरुवार को दिल्ली से एयर इंडिया के विशेष विमान से दोपहर दो बजे पंतनगर एयरपोर्ट आईं।यहाँ से सड़क मार्ग से रवाना होकर काठगोदाम सर्किट हाउस पहुंचेंगी। दोपहर 3.20 बजे वह मेहरागांव स्थित होटल कंट्री इन में पहुंची। इससे पूर्व थाईलैंड की राजकुमारी राजकुमारी सिरिंधोर्न के कुमाऊं भ्रमण के मद्देनजर थाई दल की एयरपोर्ट पर बैठक आयोजित की गई। दिल्ली से थाई एंबेसी के अन्य चार लोगों का दल भी पंतनगर एयरपोर्ट पर बुधवार को पहुंच गया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उसके बाद थाई दल रुद्रपुर रेडिसन होटल के लिए रवाना हो गया। थाईलैंड के राजदूत शुतिनर्थोन खोंगसक के नेतृत्व में 12 सदस्यीय दल पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचा। एयरपोर्ट डायरेक्टर एसके सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर को राजकुमारी पहुंचेंगी। दल ने एयरपोर्ट परिसर व आवागमन क्षेत्रों की सघन जांच कर जायजा लिया।
आपदा: अचानक ढह गया मकान का एक हिस्सा, बाल बाल बचा घर में सो रहा परिवार
Thu Feb 13 , 2020
रुद्रप्रयाग- बछणस्यूं क्षेत्र के ग्राम पंचायत चौंथला के अंतर्गत ग्राम बाड़ा निवासी श्रीमती सुनीता देवी पत्नी भीम सिंह पटवाल का मकान विगत रात्रि 4:30 बजे के करीब अचानक क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत यह रही कि सुनीता देवी का परिवार मकान के दूसरे कमरे में सोया हुआ था। सुनीता देवी का […]

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ब्रेकिंग न्यूज़ उत्तरकाशी के पुरोला को जिला बनाओजिला मुख्यालय पुरोला से 150 से 200 किमी की दूरी में होने से उन्हें काफी सारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। -स्थानीय लोगों को हर छोटी या बड़ी समस्या के लिये इतना लम्बा सफर तय करना पड़ता है। -जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। -उनका कहना है कि पुरोला को जिला बनाने से यह सारी परेशानी खत्म हो जाएंगी। अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों ने बताया कि 24 फरवरी 1960 में उत्तरकाशी जिला टिहरी से अलग हुआ था। उस समय रवांई परगना उत्तरकाशी जिले में शामिल किया गया था। यह क्षेत्र बड़कोट, पुरोला, नो गांव, मोरी तहसील के अंदर आता है। 1960 में रवांई के लोगों ने अलग जिले की मांग शुरू कर दी थी। उसके बाद उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पृथक जिले की मांग और तेज हुई, जिसके चलते सरकार ने राज्य के 4 नए जिलों की घोषणा में यमुनोत्री को जिला बनाने की बात कही थी। जिससे पुरोला के लोग भड़क गए और तब से लगातार पुरोला को जिला बनाने की मांग की जा रही है।
Pahado Ki Goonj July 31, 2018

