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रवांई घाटी में धूमधाम से मनायी गयी मंगसीर की देवलांग।*

Pahado Ki Goonj

*उत्तरकाशी के रवांई घाटी में धूमधाम से मनायी गयी मंगसीर की देवलांग।*

*जिला पंचायत की ओर से मणपा थोक मे सांस्कृतिक संध्या का आयोजन।*

बड़कोट गंगटाड़ी:

राजा रघुनाथ महासू महाराज मणपा थोक ठकराल पट्टी उत्तरकाशी के मंदिर में महापर्व देवलांग मेला बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। जनपद उत्तरकाशी के रवांई क्षेत्र के बनाल, ठकराल एवं ओजरी आदि पट्टीयों में मंगसीर मे यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस पर्व के समय किसानों की अपनी खेती-बाड़ी के क्रियाकलाप इस अवधि में लगभग पूर्ण हो चुकी रहती है। देवलांग लाने और खड़ी करने की बारी मणपा थोक के सात गांवों से आधे गाँव एक साल आधे गाँव दुसरे साल की रहती है। गावों मे पहले दिन छोटी बगवाल तथा दूसरे दिन देवलांग (बलराज) आदि का पर्व मनाया जाता है। पहले दिन ओला यानी चीड़ के तेल वाली सूखी लकड़ी से बनाया जाता बनाया जाता है, खेले जाते हैं दूसरे दिन देवलांग मे सभी सात गावों के लोग ओलों से खेलते-खेलते ढोल दमऊ के साथ गांव-गांव की टोलिया बनाकर रात को मंदिर की ओर प्रस्थान कर मंदिर प्रांगण में एकत्र होते है। जिन गांवों की बारी देवलांग लाने में होती है वह रात्रि को जंगल से देवदार की देवलांग लेकर आते है। मंदिर में देवदार की जंगल से लाई देवलांग (इसकी एक मान्यता यह भी है कि इसका सर यानी चोंटी टूटनी नहीं चाहिए देवलांग बिना टूटे हुई चोटी की ही मान्य होती है) के चारों ओर घर से लाये के ओलों को तारों आदि से बांधकर देवलांग को विधि विधान से पूजा करके जलाने के बाद जलते हुए खड़ा उठाया जाता है। फिर सातों गावों के ग्रामीण खुशी-खुशी झूमते गाते हुए तांदी नृत्य लगाते हैं। पर्व प्रातः हमेशा लग्नानुसार होता है इसके बाद अपने-अपने गांव में बलराज का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। जिसमें गांव के युवाओं द्वारा प्रत्येक घर से बाबई (एक विशेष प्रकार की घास जो कि प्रत्येक परिवार द्वारा पानी में भिगाई हुई होती है) मांगी जाती है और उससे एक मोटे-मोटा रास्सा बनाया जाता है। और उसके द्वारा विभिन्न ग्रामीण खेलकूदों रस्साकशी, उछल कूद, वर्त खींचने का आयोजन किया जाता है। मंगसीर देवलांग या क्षेत्रों के अन्य मेले लोगों के आदिकाल से क्षेत्र में सौहार्द एवं भाईचारे के प्रतीक रहे हैं। देवलांग में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन जिला पंचायत उत्तरकाशी के सहयोग से राजा रघुनाथ युवा मेला समिति के द्वारा कराया गया। सांस्कृतिक संध्या में अतर शाह, महेंद्र चौहान, रेशमा शाह, जयदेव, सुमन राणा आदि गायको ने अपने-अपने गीतों की प्रस्तुति दी। और युवा राजा रधुनाथ मेला आयोजक टीम एवं ग्रामीणों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष उत्तरकाशी दीपक बिज्लवाण, हरिमोहन युवा राजा रधुनाथ टीम अध्यक्ष मुकेश असवाल, सदस्य गणेश सेमवाल, अन्नु रावत, शिवम मसेटा एवं ममलेश असवाल, प्रदीप असवाल एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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