गौप्रतिष्ठा यात्रा के तहत आगरा पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, गौ संरक्षण को लेकर किया जनजागरण का आह्वान
आगरा। ऐतिहासिक 81 दिवसीय ‘गौप्रतिष्ठा (गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध)’ यात्रा के क्रम में का आगरा जनपद में विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। परशुराम भवन में आयोजित विशेष सभा सहित अनेक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस दौरान वैदिक मंत्र “अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ” के सामूहिक उच्चारण के साथ गौ संरक्षण का संकल्प लिया गया।
सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने भगवान परशुराम के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि गौ रक्षा के लिए उन्होंने अन्याय और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष अंततः विजय दिलाता है और इसी भावना के साथ गौ संरक्षण का अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने “यतो धर्मस्ततो जयः” का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म के पक्ष में खड़े लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन अंततः विजय धर्म की ही होती है। उन्होंने गौ संरक्षण के लिए समाज को संगठित होने का आह्वान किया और कहा कि यह अभियान जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ रहा है।
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने देश में गौवंश संरक्षण, बीफ निर्यात तथा राजनीतिक दलों की नीतियों को लेकर भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गौ माता के सम्मान और संरक्षण को राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे गौ संरक्षण के मुद्दे पर जागरूक होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान आगरा निवासी श्री राजेश शर्मा को क्षेत्र में गौधाम निर्माण एवं जनसंपर्क अभियान के लिए प्रतिनिधि नियुक्त किया गया। इस अभियान के तहत लोगों से सहयोग राशि एकत्र कर गौधाम निर्माण की योजना प्रस्तुत की गई।

सभा के अंत में उपस्थित जनसमुदाय ने सामूहिक संकल्प लिया और गौ संरक्षण के लिए सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया। आयोजकों के अनुसार 3 मई 2026 को गोरखपुर से शुरू हुई यह यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजर रही है तथा 24 जुलाई 2026 को लखनऊ में इसके अगले चरण की घोषणा की जाएगी।
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