भारत मे 78 वर्ष आजादी के बीत जाने के बाद अभी भी आदमी पशुओं की भांति व्यबहार करता है।उसको लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहने के लिए लोहे के सांचे के अन्दर से गुजरना पड़ रहा है।अभि भी लोग अपने आप लाईन में लग कर अपनी बारी का इंतजार नहीं कर पाते।यानि अभी हमारी मनन करने की इच्छा नहीं है।जब आदमी मनन नहीं करता है ।ऐसी स्थिति के कारण ही यह एक साथ साथ आदमी को लाईन से सामग्री लेने की कोशिश 78 वर्षों से की जारही है पर भारत का आदमी अपने देश मे यह सब करने को तैयार नही
उपराष्ट्रपति एम. वैंकैया नायडू, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में डिग्रीयां दी
Tue Dec 5 , 2017
माँ, मातृभूमि व मातृभाषा का सदैव सम्मान करेंः उपराष्ट्रपति उपराष्ट्रपति श्री एम. वैंकैया नायडू, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में सम्बोधित कर रहे थे। राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कंात पाल, मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उपराष्ट्रपति श्री एम. […]

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लिखवार गावँ में पूर्णिमा के पावन लिखवार गावँ भदूरा बटुक भैरव, नागराजा , माँ भवनेश्वरी, मन्दिर में दैनिक आरती में समलित हुए गाँव के श्रद्धालु भगवताचार्य बृंद ।कल पूर्णिमा के पावन अवसर पर कोरोना महामारी को समाप्त कराने के लिए अखन्ड रामायण का पाठ प्रारम्भ कर लिया जाएगा। उत्तरकांड में इस महामारी के पैदा होने से लेकर अंत करने का बर्णन है।साथ ही आज ग्राम पंचायत की बैठक में जीतमणि पैन्यूली पूर्व प्रधान एंव सम्पादक पहाड़ों की गूंज राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र,www. ukpkg.com न्यूज पोर्टल वेव चैनल ने मंदिर समिति का गावँ की निजी ट्रष्ट बनाने का सुझाव दिया है।इसके लिए कार्यवाही करनी है पर कोरोना महामारी को समाप्त करने के लिए अखण्ड रामायण पाठ का आयेजन किया जाएगा
Pahado Ki Goonj June 23, 2021

