
उत्तराखंड को PM कृषि सिंचाई योजना 2.0 में केंद्र का बड़ा सहयोग, सितंबर 2026 तक बढ़ी परियोजना अवधि
₹232.26 करोड़ की 15 जलग्रहण परियोजनाएं प्रगति पर, 2026-27 की पहली दो तिमाहियों के लिए ₹31.58 करोड़ की अतिरिक्त सहायता स्वीकृत ।
देहरादून। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के अंतर्गत संचालित जलग्रहण विकास घटक–2.0 (WDC–PMKSY 2.0) के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड को विशेष सहयोग प्रदान किया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे पत्र में योजना की प्रगति और केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सहायता की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्ष 2021-22 से 2025-26 की परियोजना अवधि के अंतर्गत उत्तराखण्ड में 15 जलग्रहण विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से 0.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का उपचार किया जाना है। परियोजनाओं की कुल लागत ₹232.26 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार का अंश ₹209.03 करोड़ निर्धारित किया गया है। अब तक राज्य को ₹106.05 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
योजना की मूल अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी थी, लेकिन अधूरे कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने परियोजना अवधि को सितंबर 2026 तक अस्थायी रूप से बढ़ा दिया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए उत्तराखण्ड को ₹31.58 करोड़ की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। इसमें से ₹15.79 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी गई है, जिससे परियोजनाओं का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकेगा।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित WDC–PMKSY 3.0 के तहत राज्यों को नई परियोजनाओं का आवंटन उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। समयबद्ध कार्यान्वयन, केंद्रीय सहायता का प्रभावी उपयोग तथा परियोजनाओं की पूर्णता जैसे मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है, ताकि स्वीकृत परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और उपलब्ध कराई गई धनराशि का पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग करते हुए जलग्रहण विकास के लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक शीघ्र पहुंचाए जा सकें।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने भूमि संसाधन विभाग की ओर से उत्तराखण्ड सरकार को भविष्य में भी हरसंभव तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

