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Police are on alert after a threat to blow up all the police stations in Doon; know all the news दून के सभी थानों को बम से उड़ाने के धमकी के बाद पुलिस अलर्ट

Pahado Ki Goonj
Police are on alert after a threat to blow up all the police stations in Doon; know all the news
दून के सभी थानों को बम से उड़ाने के धमकी के बाद पुलिस अलर्ट

देहरादून। दो दिन पूर्व सोशल मीडिया से सभी थानों में बम धमाके किए जाने की धमकी मिलने के बाद दून पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देश पर आमजन की सुरक्षा के दृष्टिगत पूरे जनपद में सघन चेकिंग अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
देर रात और सुबह तड़के से सभी क्षेत्राधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक आने-जाने वाले वाहनों की आकस्मिक जांच कर रही हैं। अभियान के दौरान संदिग्ध रूप से घूम रहे व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। उनके सत्यापन संबंधी विवरण भी जांचे जा रहे हैं।अंतरराज्यीय और अंतर्जनपदीय बॉर्डरों के साथ-साथ आंतरिक मार्गों पर भी पुलिस द्वारा विशेष निगरानी रखी जा रही है। संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गहन जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहकर चेकिंग अभियान और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।आगे पढ़ें

पत्नी ने पति पर डाला धर्मांतरण का दबाव, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

पिथौरागढ़। सीमांत जिले गंगोलीहाट से जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला अपने पति का जबरन धर्म परिवर्तन कराना चाहती है। इस मामले में पुलिस को शिकायत भी दी गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
दरअसल, बोकटा गांव निवासी विवेक सिंह ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में विवेक ने अपनी पत्नी पत्नी यास्मीन और ससुराल पक्ष पर धर्मांतरण का दबाव बनाने, बच्चे से मारपीट करने, खतना कराने व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवेक सिंह के अनुसार वह नौकरी के सिलसिले में दिल्ली में रहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात यास्मीन से हुई। उनका कहना है कि यास्मीन खुद को सनातन धर्म में आस्था रखने वाली बताती थी और मंदिरों में भी जाती थी। बाद में उसके मुस्लिम होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने विवाह से इनकार कर दिया था।
आरोप है कि इसके बाद दिल्ली निवासी यास्मीन के पिता साकिर अली, माता सज्जो बानो और अन्य स्वजन ने उसे भरोसा दिलाया कि विवाह हिंदू रीति के अनुसार होगा। विवेक का कहना है कि यास्मीन की सनातन धर्म और हिंदू परंपराओं में आस्था रखते हुए दोनों ने गंगोलीहाट के हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली।
विवेक के अनुसार 24 मार्च 2020 को हिंदू रीति से विवाह भी हो गया, लेकिन बाद में विवेक को पता चला कि यास्मीन ने पहचान बदलकर एक निकाहनामा तैयार कराया था। 2022 में यास्मीन को बेटा हुआ तो उसका भी गुपचुप तरीके से खतना करा दिया और नाम बदलने के दस्तावेज भी तैयार कराए। फिर धीरे-धीरे विवेक के पूरे परिवार पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जाने लगा।
विवेक का कहना है कि पत्नी व बेटे को ससुराल बुलाकर उसे मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस दौरान यास्मीन, साकिर अली, सज्जो बानो, परवेज व फिरोज समेत अन्य लोगों ने मुस्लिम धर्म स्वीकार करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। आरोप है कि 14 अप्रैल और पांच मई 2026 को उसकी पिटाई की गई। बढ़ते दबाव और उत्पीड़न के बीच वह आठ मई को अपने बेटे के साथ वहां से किसी तरह निकलकर गंगोलीहाट पहुंचा। इसके बाद भी आरोपितों ने पीछा नहीं छोड़ा। फिरोज उसके घर तक पहुंच गया और धर्म न बदलने पर परिवार को जान से मारने और बच्चे को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
विवेक सिंह का कहना है कि इस प्रकरण के पीछे संगठित रूप से धर्म परिवर्तन कराने वाले नेटवर्क की भूमिका हो सकती है। इसलिए सभी आरोपितों व उनके सहयोगियों के वित्तीय स्रोतों की भी जांच कराई जाए। कोतवाल कैलाश जोशी का कहना है कि तहरीर के आधार पर दिल्ली निवासी साकिर अली, यास्मीन, सज्जो बानो, परवेज व फिरोज के विरुद्ध मारपीट, गालीगलौज, कूटरचना व मतांतरण के लिए उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत प्राथमिकी कर ली गई है। मामले के सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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छात्रा ने की संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या

नैनीताल। नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। छात्रा का शव फंदे से लटका मिला। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार मृतक छात्रा खाटू श्याम मंदिर के पास स्थित कोचिंग से संबद्ध एक पीजी में रह रही थी। फिलहाल वह डेमो कक्षाओं में भाग ले रही थी, जबकि नियमित कक्षाएं 29 जून से शुरू होनी थी। बताया जा रहा है कि छात्रा का बड़ा भाई भी इसी संस्थान से तैयारी कर नीट परीक्षा में सफल हुआ था और वर्तमान में एम्स भोपाल में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। भाई की सफलता से प्रेरित होकर परिजनों ने छात्रा को भी डॉक्टर बनने के उद्देश्य से हल्द्वानी भेजा था। देर रात एक अज्ञात युवक ने मृतक छात्रा की सहेली को फोन कर बताया कि वह उससे संपर्क करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन उसका फोन नहीं उठ रहा है। सूचना मिलने पर सहेली ने अन्य परिचितों और पुलिस को जानकारी दी।
जब पुलिस और स्थानीय लोग पीजी पहुंचे तो कमरा अंदर से बंद मिला। जब पुलिस ने किसी तरह कमरे में प्रवेश कि तो छात्रा का शव फंदे से लटका मिला। जिसके बाद छात्रा को तत्काल सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। प्रारंभिक जांच में पुलिस प्रेम-प्रसंग या किसी व्यक्तिगत विवाद की संभावना को भी खंगाल रही है। पुलिस ने मृतका के परिजनों को सूचना दे दी है। छात्रा की मां और भाई हल्द्वानी पहुंच चुके हैं। परिजनों के आने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
आगे पढ़ेंलापता बबीता पांडे की तलाश तेज


उत्तरकाशी। पिछले कई दिनों से दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता हुई बबीता पांडे की तलाश में प्रशासन, पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों ने खोज अभियान तेज कर दिया है।
अब खोज अभियान को नए क्षेत्रों तक विस्तार देते हुए गोई पड़ाव क्षेत्र स्थित झील को खाली करने के साथ-साथ आसपास मौजूद भालुओं की संभावित गुफाओं और दुर्गम स्थानों की भी गहन तलाशी ली जा रही है।मिली जानकारी के अनुसार, खोज टीम को आशंका है कि झील में युवती से जुड़ा कोई सुराग, मोबाइल फोन या अन्य सामान मिल सकता है। इसी संभावना के आधार पर लगभग साढे़ सात फीट गहरी और करीब 50 मीटर से अधिक चैडी झील का पानी निकालने का निर्णय लिया गया। इसके लिए मौके पर दो वाटर पंप लगाए गए हैं और बुधवार शाम तक बड़ी मात्रा में पानी बाहर निकाला जा चुका था।खोज अभियान में पुलिस, एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन विभाग सहित अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से जुटी हुई हैं। टीमों द्वारा झील के आसपास के क्षेत्र, जंगलों, खाइयों और कठिन भूभागों में लगातार सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है।
इसके साथ ही टीम एक बार फिर उन स्थानों को भी खंगाल रही है, जहां भालुओं की संभावित गुफाएं होने की संभावना जताई जा रही है। अभियान से जुडे अधिकारियों का मानना है कि किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए प्राकृतिक आश्रय स्थलों और वन क्षेत्रों की भी गहन जांच की जा रही है।पुलिस प्रशासन का कहना है कि लापता बबीता का पता लगाने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों और तकनीकी माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है तथा खोज अभियान लगातार जारी रहेगा।

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निर्जला एकादशी पर  श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डूबकी
हरिद्वार। निर्जला एकादशी के पर्व पर बड़ी संख्या में हरिद्वार पहंुचकर गंगा में आस्था की डूबकी लगाई।  सुबह से ही हर की पैड़ी  समेत अन्य गंगा घाटों श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। स्नान पर्व को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरे मेला क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 12 जोन और 30 सेक्टरों में बांटा गया है। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष पर पड़ने वाले एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि आज के दिन गंगा स्नान करने के बाद जल और अन्न का दान करने से एक सहस्र अश्वमेघ यज्ञ के बराबर पुण्यफल प्राप्त होता है। पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार साल में 24 एकादशी पड़ती हैं. पुराणों के अनुसार सभी एकादशी का व्रत करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है। किसी कारणवश यदि सभी एकादशियों का व्रत जो नहीं कर पाया, यदि वो निर्जला एकादशी का व्रत कर ले तो, एक व्रत से पूरे 24 एकादशियों के बराबर पुण्यफल प्राप्त हो जाता है. यह व्रत रखने और गंगा स्नान करने से भगवान भगवान नारायण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यही कारण है कि दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं। पुण्यलाभ की कामना लेकर दूर दूर से आए श्रद्धालओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं द्वारा गंगा तट पर गंगा स्नान और दान पुण्य कर पुण्यलाभ की कामना की । सोमवती अमावस्या के स्नान पर्व की तरह ही निर्जला एकादशी के स्नान पर्व को लेकर भी प्रशासन अलर्ट रहा। पूरे मेला क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई । रूट डाइवर्जन प्लान लागू किया गया । साथ ही दिन में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई।
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नगरासू प्रकरण पर निहंगों पर कार्रवाई न होने के विरोध में प्रदर्शन
चमोली। नगरासू प्रकरण मामले में निहंगों पर कार्रवाई न होने के विरोध में प्रदर्शन रुद्रप्रयाग गुलाबराय मैदान में लोगों ने प्रदर्शन किया। पौडी, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग से भी लोग प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। दूसरी तरफ जिला पंचायत चमोली के बोर्ड की बैठक में कर्णप्रयाग निहंग घटना की जांच चमोली पुलिस को दिए जाने की मांग उठी।
निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच 16 जून को हुए विवाद के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को डीआईजी यशवंत सिंह मामले की जांच के लिए पहुंचे। वे कुछ दिनों तक पुलिस की कार्यप्रणाली की जांच कर रिपोर्ट आईजी को सौंपेंगे।बीते 16 जून को हुए विवाद में दो स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने तीन निहंगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एक निहंग का बेस अस्पताल श्रीनगर में पुलिस की निगरानी में इलाज चल रहा है। सिख समुदाय ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया था। इसके बाद क्रॉस एफआईआर दर्ज की गईं। पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका और दोनों प्राथमिकी की जांच हरिद्वार पुलिस को सौंपी गई है।
जांच के लिए पहुंचे डीआईजी यशवंत सिंह के माध्यम से व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी, अरविंद चैहान, व्यापार संघ अपर बाजार अनिल खंडूडी, महामंत्री आदित्य नवानी, मुख्य बाजार व्यापार संघ महामंत्री कांति पुजारी, पूर्व प्रधान हरीश चैहान, अधिवक्ता राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मामले को हरिद्वार स्थानांतरित करने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए, घटना में घायल स्थानीय लोगों का उपचार राज्य सरकार कराए, चारधाम यात्रा के दौरान हथियार प्रतिबंध सहित अन्य मांगें रखी। व्यापार संघ ने पुलिस चैकी प्रभारी मानवेंद्र सिंह गुसाईं को ज्ञापन सौंपा। इसमें नगर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की गई। संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल ने कर्णप्रयाग और नगरासू विवाद जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने पर जोर दिया।

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