वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री ने देश के विकास की विशेष पूजा की जानिए सभी समाचार
सं. २०८२ वि. चैत्र शुक्ल त्रयोदशी तदनुसार दिनाङ्क 10 अप्रैल 2025 ई. 
जन्म-मृत्यु के चक्र का अन्त निवृत्ति मार्ग से ही सम्भव
-‘परमाराध्य’ शङ्कराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ‘१००८’
प्रवृत्ति और निवृत्ति दोनों प्रकार के धर्म हमारे शास्त्रों ने बताये हैं। संसार को आगे बढाने के लिए दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। प्रवृत्ति धर्म को बिन्दु परम्परा और निवृत्ति धर्म को नाद परम्परा कहा गया है। जन्म-मृत्यु के चक्र का अन्त करना हो तो निवृत्ति मार्ग को अपनाना चाहिए क्योंकि इसी यह चक्र छूट सकता है।
उक्त बातें परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ‘१००८’ ने श्रीविद्यामठ में आयोजित अपने 23वें संन्यास समज्या के अवसर पर कही।
उन्होंने दण्डी संन्यासियों की घटती संख्या पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 1986 में काशी में जब संन्यासी समष्टि भण्डारे का आयोजन होता था तब साढे तीन सौ दण्डी महात्मा होते थे और आज यह संख्या घटकर पचास तक सिमट गयी है जो कि चिन्ता का विषय है।
उन्होंने आगे कहा कि ज्योतिर्मठ में गिरि पर्वत और सागर नाम के संन्यासी दुर्लभ हो रहे थे इसीलिए उन्होंने प्रयागराज कुम्भ महापर्व के अवसर पर परम्परा को जीवन्त करने के उद्देश्य से गिरि, पर्वत और सागर नाम के संन्यासी शिष्य बनाये।
आज प्रातः 7 बजे सूर्य पूजन के पश्चात् काशीस्थ दण्डी संन्यासियों की समर्चना का कार्यक्रम हुआ जिसमें शङ्कराचार्य जी महाराज की ओर से श्रीविद्यामठ के प्रभारी ब्रह्मचारी परमात्मानन्द जी ने आगन्तुक महात्माओं का स्वागत किया। उन्हें नूतन काषाय वस्त्र, रुद्राक्ष कुण्ठा, मालपुए और दक्षिणा प्रदान किया गया।
संन्यास समज्या कार्यक्रम में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ से स्वामी श्रीमज्ज्योतिर्मयानन्द सरस्वती जी महाराज, कानपुर से स्वामी भूताद्युदितानन्द पर्वत जी महाराज, बाराबंकी से स्वामी असम्भवसम्भवानन्द सरस्वती जी महाराज पधारे।
सायंकालीन सत्सङ्ग सभा में प्रसिद्ध भजन गायक श्री कृष्ण कुमार तिवारी जी ने सुमधुर भजन और काव्य पाठ प्रस्तुत किया।
ब्रह्मलीन द्विपीठाधीश्वर जी महाराज की पूर्णाभिषिक्त शिष्या साध्वी पूर्णाम्बा जी द्वारा सङ्कलित वाक्यामृत पुस्तक तथा श्री यतीन्द्रनाथ चतुर्वेदी जी द्वारा रचित गोधूलि पुस्तक का विमोचन परमाराध्य के करकमलों से सम्पन्न हुआ। अधिवक्ता पं श्री रमेश उपाध्याय जी ने गौमाता राष्ट्रमाता का चित्र भेंट किया।
प्रमुख रूप से आचार्य पं कमलाकांत त्रिपाठी, आचार्य पं परमेश्वर दत्त शुक्ल,मीडिया प्रभारी-संजय पाण्डेय,श्री योगेश ब्रह्मचारी जी,रवि त्रिवेदी जी,श्री सत्येन्द्र मिश्र जी,अनिल पाण्डेय,हजारी कीर्ति शुक्ला,हजारी सौरभ शुक्ला,सदानंद तिवारी,अखिलेश दुबे,मोहित गुप्ता,सतीश अग्रहरि,अनिल तिवारी,आदि विशिष्ट जन उपस्थित रहे।
आगे पढ़ें
बदरीविशाल मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुले ।
23 अप्रैल 2026
चमोली, उत्तराखंड
#badrinath #himalayas
ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी के सान्निध्य में वैदिक मंत्रों के बीच द्वार पूजा हुई सम्पन्न
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंदिर समिति अध्यक्ष भी रहे मौजूद ।
वैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन तय मुहूर्त में प्रातः 6:15 बजे मंदिर के कपाट खुले । कपाट खुलने से पूर्व द्वारपूजन, पंचांग पूजन के बाद नर पूजा के लिए रावल जी ने सम्हाली जिम्मेदारी ।
बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की अवसर पर लगातार चौथी बार
‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि 12 सितंबर 2022 को ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य पद पर प्रतिष्ठित हुए थे।
इस अवसर पर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य ने कहा कि मंदिर के कपाट खुलने के बाद सभी सनातन धर्मावलंबी अगले छः माह तक भगवान बदरी विशाल के दर्शन का पुण्य लाभ ले सकते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित रहे सर्वश्री स्वामी सदाशिव ब्रह्मेन्द्रानन्द सरस्वती, स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्द गिरि, स्वामी श्रीनिधिरव्यानन्द सागर , स्वामी अप्रमेयशिवसाक्षात्कृतानन्द गिरिः, मन्दिर समिति के अध्यक्ष श्री हेमन्त द्विवेदी, विजय कपरवाण, डा बृजेश सती, अशोक टोडरिया, आशुतोष डिमरी, भास्कर डिमरी , अनिल भारद्वाज, किरण जानी, देवानन्द शुक्ल, देवेन्द्र पाण्डेय सहित सहित अनेक गणमान्य भक्त उपस्थित रहे ।
आगे पढ़ें
टिहरी/दिनांक 23 अप्रैल 2026
“दिशा समिति की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, पारदर्शिता व समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर”
माननीय सांसद टिहरी गढ़वाल माला राज्य लक्ष्मी शाह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी (दिशा) समिति की बैठक आज गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार, टिहरी में संपन्न हुई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सांसद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया।
समिति के सदस्यों द्वारा विभिन्न विकास योजनाओं से संबंधित सुझाव प्रस्तुत किए गए। जनप्रतिनिधियों ने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार व्यवस्था एवं वन विभाग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जिस पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
सांसद ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद के समग्र विकास को गति देने के निर्देश दिए। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रेष्ठा भाकुनी द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, पेंशन योजना एवं छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव ने महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ एवं नंदा गौरा योजना आदि की प्रगति से अवगत कराया।
जिला विकास अधिकारी मो. असलम द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जनपद में 9604 परिवारों के सर्वेक्षण की जानकारी दी गई। मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.के. शर्मा ने राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण योजना एवं गौशालाओं की प्रगति बताई।
स्वास्थ्य विभाग से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्याम विजय द्वारा जनपद में अस्पतालों, रेडियोलॉजिस्ट एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी गई। शहरी विकास विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत निकायों द्वारा लक्ष्य प्राप्ति तथा प्लास्टिक वेस्ट यूनिट की जानकारी साझा की। पेयजल विभाग ने पंपिंग योजनाओं से ग्राम पंचायतों को मिल रहे लाभों से अवगत कराया। पुलिस विभाग से एएसपी दीपक सिंह द्वारा यातायात जाम एवं अन्य कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों पर की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी गई।
बैठक में माननीय सांसद का जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल एवं सीडीओ वरुणा अग्रवाल द्वारा पौधा एवं गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष ईशिता सजवाण, विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय, विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत सहित विभिन्न नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, समिति के अन्य सदस्य, जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।
आगे पढ़ें
चंबा–कोटि मार्ग पर वाहन दुर्घटना, राहत एवं बचाव कार्य जारी”
जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखंड चंबा अंतर्गत चंबा–कोटि मार्ग पर नैल के समीप एक मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 300 मीटर गहरी खाई में गिर गया।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है।
घटनास्थल पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय तथा एसएसपी श्वेता चौबे उपस्थित रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
प्रशासन द्वारा घायलों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
(विस्तृत जानकारी शीघ्र साझा की जाएगी)
आगे पढ़ें
*चमोली, 23 अप्रैल 2026
*वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम*
भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट गुरुवार प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर विधिविधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल हेतु श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा बद्रीनाथ धाम भक्ति और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल एवं अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट उद्घाटन के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर तथा आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री ने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने हेतु हर स्तर पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है।
*मुख्यमंत्री ने देश विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से हरित एवं स्वच्छ चारधाम यात्रा में सहयोग करने का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा।
*लोक संस्कृति की झलक: जागरों पर झूम उठा बद्रीनाथ धाम*
कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा एवं बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे संपूर्ण वातावरण लोक संस्कृति और आस्था के रंग में रंग गया। वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
*भंडारे का शुभारंभ, श्रद्धालुओं के साथ किया प्रसाद ग्रहण*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने धाम में संचालित भंडारे का रिबन काटकर शुभारंभ किया तथा श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने भंडारा संचालकों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और मानव सेवा ईश्वर सेवा उत्थान समिति द्वारा संचालित विशाल भंडारे की सराहना की।

इस अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, बीकेटीसी के सीईओ विशाल मिश्रा, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आगे पढ़ें
उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन के देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट
जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्रीगणों ने उनका स्वागत किया।
आगे पढ़ें
चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर FIR दर्ज*
*आस्था पर प्रहार नहीं सहेंगे: चारधाम यात्रा पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा*
*चारधाम यात्रा को बदनाम करने की कोशिश नाकाम, दुष्प्रचार करने वालों पर कार्रवाई*
*धामी सरकार का सख्त संदेश: चारधाम यात्रा पर फेक न्यूज फैलाने वालों की खैर नहीं*
*भ्रामक खबरों से यात्रा प्रभावित करने की साजिश बेनकाब, पुलिस हुई सक्रिय*
पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की चार धाम यात्रा सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्री सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा सुरक्षा एवं डिजिटल मॉनीटरिंग को सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चार धाम यात्रा के संबंध में भ्रामक, अपुष्ट एवं तथ्यहीन वीडियो/सामग्री प्रसारित कर आम जनमानस को भ्रमित करने तथा राज्य की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। जनपद रुद्रप्रयाग में सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान एक ऐसा वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने संबंधी गलत जानकारी प्रसारित की जा रही थी।
उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। मामले की जांच प्रचलित है। साथ ही, ऐसे अन्य 4–5 संदिग्ध वीडियो भी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है और उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
चार धाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं पूर्णतः सुचारू हैं और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराए जा रहे हैं।
किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार को शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) के तहत लिया जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 निगरानी की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड की आस्था, श्रद्धा एवं चार धाम यात्रा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें तथा किसी भी अपुष्ट, भ्रामक या संदिग्ध सामग्री को साझा करने से बचें।
आगे पढ़ें
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के चंबा क्षेत्र अंतर्गत नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए है कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पर सतत निगरानी बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
आगे पढ़ें
लोक भवन सूचना परिसर, उत्तराखण्ड*
*उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया*
*उपराष्ट्रपति ने स्नातकों से सहानुभूति, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ सेवा करने का आह्वान किया*
*उपराष्ट्रपति ने बुनियादी ढांचे और सेवाओं को मजबूत करने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की प्रशंसा की*
*पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौती को अवसर में बदलें, युवा चिकित्सक- राज्यपाल*
*चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वाेच्च माध्यम है, जिसे निष्ठा, संवेदनशीलता और करुणा के साथ निभाया जाना चाहिए- मुख्यमंत्री*
*लोक भवन देहरादून 23 अप्रैल, 2026*
भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। ऋषिकेश को चिंतन और उपचार का वैश्विक केंद्र होने के साथ-साथ हिमालय का प्रवेश द्वार के रूप में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसा वातावरण दीक्षांत समारोह की गंभीरता को और भी गहरा कर देता है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह न केवल वर्षों के अनुशासित प्रयासों और त्याग की परिणति है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत भी है। उन्होंने स्नातकों से समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाने का आग्रह किया।
कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों पर विचार करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सतत नवाचार और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने भारत के व्यापक टीकाकरण अभियान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त टीके लगाए गए, जिससे स्वास्थ्य सेवा तक समान पहुंच सुनिश्चित हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने लाभ के लिए नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए टीके विकसित किए हैं।
उपराष्ट्रपति ने भारत की वैक्सीन मैत्री पहल के माध्यम से वैश्विक जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया, जिसके तहत 100 से अधिक देशों को टीके उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘‘वसुधैव कुटुंबकम’’ की भावना को दर्शाती है और एक दयालु और जिम्मेदार वैश्विक भागीदार के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करती है।
स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक में देश भर में स्थापित नए एम्स संस्थानों ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच को मजबूत किया है, उन्होंने कहा कि सुशासन लोगों की जरूरतों को समझने और उनकी सेवा करने में निहित है।
एम्स ऋषिकेश की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान नैदानिक देखभाल, शैक्षणिक क्षमता, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के क्षेत्र में उत्कृष्टता का एक आदर्श प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से टेलीमेडिसिन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा को अस्पताल परिसरों से आगे बढ़कर दूरस्थ और कम सुविधा प्राप्त आबादी तक पहुंचना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने हेली एम्बुलेंस सेवाओं और चार धाम यात्रा के दौरान तथा दूरस्थ क्षेत्रों में दवा वितरण के लिए ड्रोन के उपयोग जैसी नवोन्मेषी स्वास्थ्य सेवाओं की भी प्रशंसा की और इन्हें स्वास्थ्य सेवा वितरण में लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का प्रभावी समाधान बताया।
उपराष्ट्रपति ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे सहित क्षेत्र में अवसंरचना के तीव्र विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने समावेशी विकास को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के प्रयासों की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवा एक सार्वजनिक जिम्मेदारी है और राष्ट्र निर्माण में चिकित्सा पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले डॉक्टरों से निवारक देखभाल, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से योगदान देने और सहानुभूति, ईमानदारी और सेवा के मूल्यों का पालन करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन का देवभूमि उत्तराखण्ड में हार्दिक स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन से युवा चिकित्सकों को राष्ट्रसेवा की नई ऊर्जा एवं दिशा प्राप्त होगी।
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की साधना, समर्पण और सेवा भाव का उत्सव है तथा यह वह महत्वपूर्ण क्षण है, जब वर्षों की कठिन मेहनत एक नई जिम्मेदारी में परिवर्तित होती है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता में माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और राष्ट्र की अपेक्षाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सा का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ और आधुनिक अनुसंधान पद्धतियाँ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बना रही हैं। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश इस दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जो स्वास्थ्य तंत्र को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है।
राज्यपाल ने युवा चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का क्षेत्र है। मरीज केवल उपचार ही नहीं, बल्कि विश्वास और आशा लेकर चिकित्सक के पास आता है। ऐसे में चिकित्सकों का व्यवहार, सहानुभूति और समर्पण ही मरीज को सुरक्षा और विश्वास प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच अभी भी चुनौतीपूर्ण है और उन्होंने युवा चिकित्सकों से अपेक्षा है कि वे इन चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित करते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा प्रदान करें तथा समाज में विश्वास का संचार करें। उन्होंने आह्वान किया कि वे अपने जीवन में नैतिकता, ईमानदारी और सेवा के मूल्यों को सर्वाेपरि रखें तथा रोगी के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानें।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह अवसर विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है और चिकित्सा क्षेत्र में उनका योगदान समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन का देवभूमि उत्तराखंड की जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने उपराष्ट्रपति के सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, जनसेवा के प्रति समर्पण और प्रेरणादायी जीवन यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वाेच्च माध्यम है, जिसे निष्ठा, संवेदनशीलता और करुणा के साथ निभाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्थापित एम्स ऋषिकेश आज प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रक्षक संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां कैंसर उपचार, न्यूरोसर्जरी, रोबोटिक सर्जरी और जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। साथ ही, हेली एम्बुलेंस सेवा राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंह नगर में एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र की जनता को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, टेलीमेडिसिन नेटवर्क का विस्तार, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाइयों की उपलब्धता तथा निःशुल्क पैथोलॉजिकल जांच जैसी योजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
समारोह केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने उपाधि प्राप्त कर रहे डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा पेशा केवल करियर नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वाेच्च माध्यम है। उन्होंने मरीजों के विश्वास को बनाए रखने और हर परिस्थिति में उनके हित को सर्वाेपरि रखने का आह्वान किया, साथ ही नैतिकता और ईमानदारी को अपने कार्य का आधार बनाने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर हो रहे बदलावों के बीच डॉक्टरों के लिए आजीवन सीखते रहना आवश्यक है, ताकि बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, मरीजों के साथ प्रभावी संवाद को भी उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे विश्वास और उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद श्री नरेश बंसल, श्री महेंद्र भट्ट, एम्स ऋषिकेश के अध्यक्ष प्रो. राज बहादुर, एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह, डीन (अकादमिक) प्रो. सौरभ, संकाय सदस्यों, छात्रों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित कई गणमान्य लोगों ने प्रतिभाग किया।
आगे पढ़ें
श्री केदारनाथ धाम में हुई घटना के संबंध में प्रशासन की संवेदनशील एवं मानवीय पहल*
श्री केदारनाथ धाम उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है यहां पहुंच रहे श्रद्धालुओं को लंबा एवं चुनौतीपूर्ण पैदल मार्ग तय करने के साथ साथ उच्च हिमालयी मौसम से भी जूझना पड़ता है। जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है,। दिनांक 22.04.2026 को धाम क्षेत्र में एक अपरिहार्य घटना में 69 वर्षीय श्रद्धालु (निवासी—जिला गोरवा, गुजरात) के निधन के संबंध में कुछ माध्यमों द्वारा भ्रामक, अपुष्ट एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं।
जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि दिनांक 22 अप्रैल 2026 को प्रातः 6:30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना प्राप्त हुई कि केदारनाथ में व्हाइट हाउस के समीप एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन द्वारा सक्रियता एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल राहत कार्य प्रारंभ किया गया। वाई0एम0एफ0 के जवानों द्वारा बिना समय गंवाए उक्त व्यक्ति को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, केदारनाथ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित किया।
इसके उपरांत प्रशासन ने पूर्ण संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए मृतक के सम्मानजनक प्रबंधन को प्राथमिकता दी। वाई0एम0एफ0 के सहयोग से पार्थिव शरीर को केदारनाथ हेलीपैड तक पहुंचाया गया। उस समय हैली सेवा अस्थायी रूप से बाधित थी। हैली सेवा सुचारु होते ही प्रशासन द्वारा तुरंत शव को हैली के माध्यम से जामू हेलीपैड भेजा गया, जहां से आगे की आवश्यक कार्यवाही हेतु शव वाहन के माध्यम से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया।
जिला प्रशासन ने इस संपूर्ण प्रक्रिया में संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय क्षमता एवं मानवीय दृष्टिकोण का परिचय दिया है। साथ ही यह भी अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अपुष्ट एवं भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें।
जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सुविधा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा यात्रा के दौरान हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

