LIVE: पिलखी, टिहरी गढ़वाल में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उच्चीकरण के उपलक्ष्य में शिलान्यास/भूमि पूजन तथा विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम*
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*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया नयार वैली फेस्टिवल का उद्घाटन*
*नयार वैली फेस्टिवल: पर्यटन, परंपरा और विकास का ऐतिहासिक संगम*
*पौड़ी की नयार घाटी से मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा संदेश, पर्यटन, रोजगार और विकास को मिलेगी नयी गति*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के बिलखेत में आयोजित नयार वैली फेस्टिवल का शुभारंभ किया। इस महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही नयार घाटी की पर्यटन, संस्कृति एवं साहसिक गतिविधियों की अपार संभावनाओं को नई पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है।
मुख्यमंत्री ने नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकासखंड पोखड़ा में रसलवाँण दीवा मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड बीरोंखाल में कालिंका मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड एकेश्वर में एकेश्वर महादेव मंदिर स्थलीय कार्य तथा विकासखंड पाबौ में चम्पेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े विकास कार्यों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की लाभार्थी करिश्मा और सलोनी को महालक्ष्मी किट प्रदान की, योगिता की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई तथा समाज कल्याण विभाग के लाभार्थियों तुलसीदास एवं बीरेन्द्र को दिव्यांग उपकरण भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने महिला समूहों एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनके अनुभव जाने और सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया। उन्होंने साइक्लिस्टों तथा एंगलरों से भी संवाद कर उनके साहस और उत्साह की सराहना की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, हॉट एयर बैलून, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, एंगलिंग, जिपलाइन, बर्मा ब्रिज, रिवर्स बंजी सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का फ्लैग ऑफ कर औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नयार वैली क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है तथा ऐसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने सभी को होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और कहा कि नयार घाटी सहित जनपद पौड़ी गढ़वाल का यह संपूर्ण क्षेत्र अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और साहसिक संभावनाओं के कारण अत्यंत अद्वितीय है। प्रकृति ने इस क्षेत्र को सौंदर्य और रोमांच का अनुपम संगम प्रदान किया है, जिससे यह साहसिक पर्यटन और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए आदर्श स्थल बनता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार सकारात्मक रूप से कार्य करेगी, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है, जिससे प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, अंत्योदय की भावना के साथ कार्य करते हुए सड़क, बिजली, पेयजल, दूरसंचार, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। श्रीनगर में 650 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का निर्माण प्रगति पर है, जबकि खोह नदी को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। पौड़ी के गड़िया गांव में प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी का निर्माण, कोटद्वार में 11 करोड़ की लागत से सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और मालन नदी पर पुल निर्माण कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा पौड़ी के ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज के रूप में संरक्षित किया जा रहा है तथा सतपुली में सिंचाई निरीक्षण भवन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में खेल सुविधाओं के विस्तार, 50 बेड वाले आधुनिक चिकित्सालय के निर्माण, सीडीएस पार्क में विशाल तिरंगा, विज्ञान संग्रहालय, ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील, 20 करोड़ की लागत से माउंटेन म्यूजियम एवं तारामंडल जैसी परियोजनाएं भविष्य में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से क्षेत्र का संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित होगा तथा स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास शासन-प्रशासन को जन-जन तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से 17 दिसंबर 2025 से “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान शुरू किया गया, जिसके तहत प्रशासन के विभिन्न विभागों की टीमें प्रत्येक न्याय पंचायत में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही हैं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके द्वार तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से लोगों के प्रमाणपत्र और आवश्यक दस्तावेज घर-घर पहुंचाए गए, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य य
है कि हर नागरिक को समय पर सुविधाएं मिलें और उसकी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान उसके अपने द्वार पर ही सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का समग्र सामाजिक विकास सरकार का प्रमुख लक्ष्य और संकल्प है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ बनाए रखना, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना तथा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों का संरक्षण करना भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार, उत्तराखंड को देश-विदेश में प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और नयार वैली फेस्टिवल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह एक आयोजन नहीं, बल्कि नयार घाटी की अपार प्राकृतिक सुंदरता, हमारी समृद्ध संस्कृति और साहसिक पर्यटन की असीम संभावनाओं का सशक्त परिचय है। इस महोत्सव के माध्यम से पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियाँ युवाओं को नए अवसर प्रदान करेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के द्वार खोलेंगी।
पर्यटन मंत्री कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाना है, जिसके लिए राज्य सरकार आधारभूत संरचना, कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से नयार घाटी आने वाले समय में देश-दुनिया के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी और विकास, रोजगार तथा सांस्कृतिक पहचान का नया अध्याय लिखेगी।
विधायक राजकुमार पोरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनपद पौड़ी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। साथ ही उन्होंने चिनवाड़ी डांडा पेयजल योजना की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए नयार वैली फेस्टिवल को स्थायी रूप से आयोजित किए जाने का अनुरोध किया।
बिलखेत में जिला प्रशासन द्वारा एक अद्वितीय एवं सुव्यवस्थित आयोजन संपन्न किया गया, जिसमें एक ही मंच पर 10 पृथक-पृथक गतिविधियों का सफल संचालन सुनिश्चित किया गया। विविध रोमांचक, सांस्कृतिक एवं जनसहभागिता आधारित कार्यक्रमों से सुसज्जित इस आयोजन ने न केवल प्रतिभागियों और दर्शकों में उत्साह का संचार किया, बल्कि प्रशासन की समन्वित कार्यप्रणाली और उत्कृष्ट व्यवस्थापन क्षमता का भी परिचय दिया। यह आयोजन नवाचार, सुव्यवस्था और बहुआयामी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेद्र अणथ्वाल, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, ब्लॉक प्रमुख कल्जीखाल गीता देवी, प्रमुख द्वारीखाल बीना राणा, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राणा, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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*स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने पर मंथन*
देहरादून।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन तथा राज्य के छठे वित्त आयोग के अध्यक्ष एन रविशंकर एवं आयोग के सदस्यों द्वारा नगर निकायों (नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत) तथा जिला पंचायतों की वित्तीय आत्मनिर्भरता, प्रशासनिक सक्षमता तथा उन्हें अधिक सक्षम बनाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में प्रभावी योगदानकर्ता के रूप में उन्नत किए जाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में स्थानीय निकायों—नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं जिला पंचायत द्वारा वर्तमान में फेस की जा रही चुनौतियों पर विचार करते हुए कहा गया कि वित्तीय आत्मनिर्भरता के अनेक अवसर उपलब्ध होने के बावजूद ये निकाय अपेक्षित स्तर तक आत्मनिर्भर नहीं हो पा रहे हैं। इसके पीछे प्रशासनिक एवं नीतिगत प्रवृत्तियों में आवश्यक बदलाव की जरूरत बताई। सीमित स्थानीय राजस्व स्रोत, पारंपरिक सुस्त कार्यशैली, प्रभावी एवं स्पष्ट बायलॉज का अभाव, प्रभावी भूमि प्रबंधन का अभाव तथा अत्यधिक राजनीतिक सेंट्रिक जैसे कारणों के चलते अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं।
मुख्य सचिव ने राज्य वित्त आयोग से अपेक्षा की कि स्थानीय शहरी निकायों और जिला पंचायतों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने हेतु उनके स्वयं के संसाधनों, संभावनाओं और क्षमताओं में वृद्धि के लिए व्यावहारिक, समयोचित तथा क्रियान्वयन योग्य सुझाव प्रस्तुत किए जाएं।
आयोग ने अवगत कराया कि शहरी निकायों के लिए भूमि प्रबंधन, राजस्व सृजन से संबंधित बायलॉज, कार्य संस्कृति में विशेषज्ञता, नवाचारों का अनुकूलन (एडॉप्टेशन) एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक सक्षम इंटरवेंशन की आवश्यकता है। साथ ही यह भी बताया गया कि वर्तमान में जिला योजना का आवंटन एलोकेशन आधारित है, जिसे आवश्यकता एवं परिणाम (नीड एवं आउटकम) आधारित बनाए जाने की जरूरत है।
बैठक में आयोग के सदस्य पी. एस. जंगपांगी व एम. सी. जोशी, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर एवं डॉ. आर. राजेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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*श्री बद्रीनाथ कॉरिडोर विकास कार्यों में पारिस्थितिकी संतुलन हेतु वैज्ञानिक अध्ययन को मिला महत्व*
Indian Institute of Remote Sensing (IIRS) के वैज्ञानिकों द्वारा श्री बद्रीनाथ कॉरिडोर डेवलपमेंट वर्क के अंतर्गत हो रहे निर्माण कार्यों के दौरान आसपास की पारिस्थितिकी एवं इकोसिस्टम के संतुलन को बनाए रखने के संबंध में मुख्य सचिव आनंद बर्धन के समक्ष इसके वैज्ञानिक स्टडी का प्रस्तुतीकरण दिया गया।
आईआईआरएस के वैज्ञानिकों द्वारा श्री बद्रीनाथ क्षेत्र में विगत जनवरी माह में पारिस्थितिकी इकोसिस्टम पर आधारित वैज्ञानिक अध्ययन किया गया था। इसी अध्ययन के निष्कर्षों को आज मुख्य सचिव आनंद बर्धन के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यह सर्वेक्षण थर्मल रिमोट सेंसिंग तकनीक एवं जियो-फिजिकल सर्वेक्षण पर आधारित था, जिसके माध्यम से क्षेत्र की संवेदनशीलता, तापीय परिवर्तन तथा भू-भौतिकीय स्थितियों का विश्लेषण किया गया।
मुख्य सचिव ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार के वैज्ञानिक अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां-जहां इस प्रकार के वैज्ञानिक अध्ययनों की आवश्यकता होगी, वहां उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने सर्वेक्षण के निष्कर्षों को आवश्यकता अनुसार सत्यापित कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में सचिव डी. एस. गब्रियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ ( जीओसी इन सी) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने शिष्टाचार भेंट की।

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*‘मुख्यमंत्री ने घनसाली में किया 41.21 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास‘*
*‘पिलखी पीएचसी का सीएचसी में किया गया उच्चीकरण, घनसाली को मिली विकास योजनाओं की सौगात‘*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को जनपद टिहरी के घनसाली में 41.21 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिसमें 13.43 करोड़ रूपए की 03 योजनाओं का लोकार्पण एवं 27.78 करोड़ रूपए की 05 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पिलखी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में उच्चीकरण किये जाने का भी शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल हेतु भूमि दान करने वाले कृष्णा गैरोला एवं उनके परिवार को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन योजनाओं का शिलान्यास हो चुका है उनका कार्य रुकना नहीं चाहिए और उनका शीघ्र लोकार्पण भी सुनिश्चित किया जाएगा। प्रदेश सरकार पहाड़ों में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति हो तो संसाधनों की कमी भी दूर की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है तथा डीबीटी के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पारदर्शिता के साथ पहुंच रहा है। नंदा गौरा योजना के तहत बेटियों को 51 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और शीघ्र की घनसाली क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं व्यवस्थित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय इंद्रमणी बडोनी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए क्षेत्र की प्रमुख मांगों पर प्राथमिकता से कार्य किये जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक हजारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है और अवैध अतिक्रमण हटाकर सरकारी भूमि कब्जा मुक्त कराई गई है। मुख्यमंत्री ने पिलखी बेलेश्वर क्षेत्र में उप-चिकित्सालय स्थापित करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सभी को होली की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि उन्हें सौंपें गये ज्ञापन में शामिल योजनाओं को भी मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक घनसाली शक्तिलाल शाह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए घनसाली को 30 बेड अस्पताल, तीनगढ़ में पुनर्वास, बालगंगा पुल हेतु धनराशि स्वीकृति, विद्यालय भवन निर्माण एवं बिजलीघर शिलान्यास जैसे कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र की 37 सूत्रीय मांगें भी रखीं, जिनमें अखोडी का उच्चीकरण, थाती भटवाड़ा में बाढ़ सुरक्षा कार्य, धमातोली हाईस्कूल का इंटर कॉलेज में उच्चीकरण, ब्लॉक मुख्यालय में मिनी स्टेडियम, कोठार-सौड़ सड़क निर्माण तथा गेंवली बुद्धकेदार व पिंडवाड़ में उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापना प्रमुख रही।
मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण की गई योजनाओं में पीएमजीएसवाई की धमातोली से घनसाली अखोड़ी मोटर मार्ग वाया चांजी मोटर मार्ग अपग्रेडेशन, नागेश्वर सौड से गोना वाया सरकंडा मोटर मार्ग अपग्रेडेशन तथा विकासखंड भिलंगना के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज कोट विशन में भवन का पुनः निर्माण कार्य शामिल है।
जबकि शिलान्यास की गई योजनाओं में विश्व बैंक द्वारा पोषित यू-प्रिपेयर योजना के अन्तर्गत घनसाली में हनुमान मन्दिर के समीप 50 मीटर इण्टरमीडियेट लेन स्टील गर्डर मोटर सेतु का निर्माण कार्य, विकास खण्ड भिलंगना के अन्तर्गत तहसील बालगंगा के अनावासीय भवन का निर्माण कार्य विकास खण्ड भिलंगना के अन्तर्गत तहसील बालगंगा के अवासीय भवन का निर्माण कार्य, विकासखण्ड भिलगना के गंगी में स्वास्थ्य उपकेन्द्र गंगी का निर्माण कार्य तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पिलखी का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उच्चीकरण का निर्माण कार्य शामिल है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, सीडीओ वरुणा अग्रवाल, राज्यमंत्री (उपाध्यक्ष) हस्तशिल्प व हथकरघा वीरेंद्र दत्त सेमवाल, ब्लॉक प्रमुख राजीव कंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष घनसाली आनंद बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष चमियाला गोविंद सिंह राणा, सीएमओ डॉ श्याम विजय, अनुसूचित आयोग सदस्य सुनीता देवी सहित बड़ी संख्या क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।
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*चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों पर उच्चस्तरीय समीक्षा*
*सुरक्षित, सुगम, गतिशील और व्यवस्थित यात्रा के लिए व्यापक कार्ययोजना हेतु CS के निर्देश*
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं तकनीक-सक्षम बनाने के लिए सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
*स्वास्थ्य, विद्युत और आपदा प्रबंधन पर विशेष फोकस*
मुख्य सचिव ने सचिव सचिन कुर्वे को केदारनाथ–बद्रीनाथ रूट पर सभी चिकित्सालयों को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने के निर्देश दिए। ऊर्जा विभाग को निर्बाध एवं संतुलित वोल्टेज की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।
आपदा प्रबंधन एवं पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक जाम, भीड़ या किसी भी आकस्मिक स्थिति की सूचना यात्रियों को व्हाट्सएप अलर्ट के माध्यम से तत्काल उपलब्ध कराई जाए। एक सप्ताह में इसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
*आकस्मिक प्रबंधन और संसाधनों की पूर्व तैयारी*
किसी आपात स्थिति में यात्रा रोकने की दशा में अवधि एवं स्थान निर्धारण का दायित्व आयुक्त गढ़वाल मंडल को सौंपा गया।
यात्रा मार्ग पर आवश्यक मशीनों, उपकरणों और टूल्स की अग्रिम प्रपोजिशनिंग तथा परिसंपत्तियों (एसेट्स) की मैपिंग करने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका त्वरित उपयोग सुनिश्चित हो सके।
पशुपालन विभाग को यात्रा मार्ग पर पशुधन के पंजीकरण, उपचार एवं कैजुअल्टी की स्थिति में समुचित निस्तारण हेतु स्थानीय निकायों के समन्वय से व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
*तकनीक आधारित सुविधाएं और पारदर्शिता*
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रमुख स्थलों पर QR कोड अंकित किए जाएं, जिनके माध्यम से यात्रियों को संबंधित स्थान एवं आसपास की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके। साथ ही सभी मुख्य बिंदुओं पर स्पष्ट एवं सारगर्भित साइनेज लगाए जाएं। यात्रा संचालन हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी चमोली, रुद्रप्रयाग एवं उत्तरकाशी को स्थानीय स्तर पर सभी विभागों, एजेंसियों एवं स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने को कहा। विगत वर्षों के अनुभवों और चुनौतियों की समीक्षा करते हुए भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) के लिए सुदृढ़ और व्यावहारिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ वी मुरुगेशन, सचिव सचिन कुर्वे, रणबीर सिंह, डी एस गब्रियाल, ब्रजेश संत, विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी सहित पुलिस विभाग, चिकित्सा विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेयजल विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, बद्री केदार मंदिर समिति, जिला प्रशासन, पशुपालन, गढ़वाल मंडल विकास निगम, परिवहन विभाग, पर्यटन विभाग, विद्युत विभाग, सिविल एविएशन, सूचना विभाग, बीएसएनल, आईटीडीए, चारधाम होटल एसोसिएशन उत्तराखंड तथा संबंधित हितधारकों के साथ-साथ जिला प्रशासन सहित बैठक में उपस्थित थे।
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*नैनीताल एवं मसूरी से संबंधित समस्याओं पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक*
देहरादून।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में नैनीताल एवं मसूरी से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधान एवं व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
*यातायात, सुरक्षा, सैनिटेशन एवं सौंदर्यकरण पर व्यापक चर्चा*
बैठक में समुचित यातायात प्रबंधन, आवश्यक स्थलों पर लाइटिंग, मुख्य मार्गों का रंग-रोगन, सौंदर्यकरण, साफ-सफाई तथा पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य सचिव ने आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल एवं कुमाऊँ तथा जिलाधिकारी देहरादून और नैनीताल से दोनों मंडल और जनपदों से संबंधित समस्याओं की अद्यतन जानकारी प्राप्त की।
*त्वरित प्रस्ताव एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश*
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, सड़क सुधारीकरण, पार्किंग, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी, लाइटिंग, कूड़ा निस्तारण आदि से संबंधित आवश्यकताओं के लिए दोनों जनपद यदि आवश्यक हो तो तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें। साथ ही, चल रहे कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
*पीक सीजन हेतु वैकल्पिक व्यवस्थाएँ*
यात्रा के पीक सीजन को ध्यान में रखते हुए यातायात को सुचारु रखने, वैकल्पिक पार्किंग एवं सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता अनुसार रूट डायवर्जन स्थानीय स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए।
स्थानीय व्यवसायियों, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों सहित सभी हितधारकों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया गया।
*नेटवर्क ब्लाइंड स्पॉट, लाइटिंग एवं पार्किंग पर विशेष फोकस*
नैनीताल एवं आसपास के मार्गों पर मोबाइल नेटवर्क बाधित होने वाले ब्लाइंड स्पॉट चिन्हित करने तथा जहां-जहां लाइटिंग की आवश्यकता है, वहां तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार, मसूरी में किंग्रेट स्थित पार्किंग के बेहतर उपयोग हेतु पर्यटन विभाग के समन्वय से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
*शहर की सुंदरता, स्वच्छता एवं अनुशासन*
मुख्य सचिव ने दोनों जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर में अव्यवस्थित तारों के जाल को ठीक कराया जाए, छोटे-मोटे भद्दे विज्ञापन हटाए जाएँ जिससे राज्य का नैसर्गिक स्वरूप प्रभावित होता है। साथ ही साफ-सफाई, जल निकासी नालियों की सफाई, रंगाई-पुताई, रेलिंग एवं सौंदर्यकरण से जुड़े सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएँ।
*ओवरचार्जिंग व दुर्व्यवहार पर सख्ती*
पर्यटकों से ओवरचार्जिंग या किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इसके लिए महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों को सादे वस्त्रों में विभिन्न स्थलों पर तैनात रखने तथा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार का नकारात्मक संदेश न जाए।
बैठक में सचिव नितेश झा, डॉ. आर. राजेश कुमार, रणबीर सिंह चौहान, डी. एस. गब्रियाल, हॉफ वन विभाग रंजन मिश्र सहित वर्चुअल माध्यम से आयुक्त गढ़वाल एवं कुमाऊँ, आईजी गढ़वाल एवं कुमाऊँ, जिलाधिकारी देहरादून एवं नैनीताल तथा अपर सचिव बंशीधर तिवारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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*सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा बैठक आयोजित*
*मुख्य सचिव ने डोर-टू-डोर सफाई, सोर्स सेग्रीगेशन और प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के दिए निर्देश*

सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कूड़े के सोर्स सेग्रीगेशन को प्रभावी बनाने और कूड़ा प्रोसेसिंग की क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। जहां-जहां कूड़ा प्रोसेसिंग हेतु आवश्यकता है, वहां शीघ्र भूमि का चयन कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
*ऑनलाइन ट्रैकिंग एवं जवाबदेही प्रणाली विकसित करने पर जोर*
मुख्य सचिव ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एवं कूड़ा निस्तारण में लगे वाहनों, उनके चालकों और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही ड्यूटी और वेतन आधारित ऑटो सिस्टम लागू करने पर भी होमवर्क करने के निर्देश दिए।
*मशीनरी व नवीन तकनीकों के त्वरित उपयोग के निर्देश*
मुख्य सचिव ने शहरी विकास सचिव को निर्देशित किया कि जिन शहरी निकायों में मशीनों एवं उपकरणों की आवश्यकता है, वहां किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए और आवश्यक संसाधन तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित वर्तमान में प्रचलित बेहतर एवं आधुनिक तकनीकों को आत्मसात करते हुए उनके प्रभावी उपयोग हेतु ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
*देहरादून में GPS आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग का ट्रायल*
बैठक में शहरी विकास सचिव नितेश झा ने प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया कि देहरादून में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग का ट्रायल वर्तमान में चल रहा है। GPS आधारित ऑनलाइन मॉनिटरिंग से अधिकारी निगरानी कर सकेंगे तथा आम नागरिक भी कूड़ा वाहन की लोकेशन, आगमन समय और शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही इस GPS आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग वेबसाइट का शुभारंभ किया जाएगा।
इस अवसर पर सचिव रणवीर चौहान, सचिव डी. एस. गब्रियाल, हॉफ वन विभाग रंजन मिश्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से आज लोक भवन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर उन्हों
ने राज्य के विभिन्न विकासात्मक योजनाओं तथा समसामयिक विषयों पर विचार किया
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*International Union for Conservation of Nature की BRIDGE ग्लोबल थीमैटिक बैठक देहरादून में सम्पन्न*
*नदी बेसिन प्रबंधन एवं प्रकृति-आधारित समाधानों पर अंतरराष्ट्रीय मंथन*
23 से 27 फरवरी 2026 के मध्य देहरादून में International Union for Conservation of Nature (IUCN) के तत्वावधान में पांच दिवसीय BRIDGE ग्लोबल थीमैटिक बैठक का आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय बैठक में एशिया, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका एवं यूरोप से लगभग 18–20 प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर नदी बेसिन प्रबंधन, एकीकृत जलागम प्रबंधन (IWRM) तथा Nature-based Solutions के अंतर्गत कार्यक्रमों की समीक्षा एवं भावी रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।
*सचिव जलागम से शिष्टाचार भेंट, प्राकृतिक जलस्रोत संरक्षण पर बल*
आज IUCN के 18 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सचिव जलागम दिलीप जावलकर से सचिवालय में शिष्टाचार भेंट की।
सचिव जलागम ने प्रदेश में पलायन एवं जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि पर पड़ रहे दुष्प्रभाव तथा मृदा अपरदन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण हेतु समेकित एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्राकृतिक जलस्रोत संरक्षण एवं स्प्रिंग-रीचार्ज मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
*वेटलैंड एवं स्प्रिंग पुनर्जीवन पर सहयोग की पहल*
IUCN की रिजनल कॉर्डिनेटर मिलिंद गुप्ता ने उत्तराखण्ड के वेटलैंड्स की स्थिति एवं संरक्षण उपायों की जानकारी प्राप्त की।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य जान डाल्ट्न ने प्राकृतिक स्रोत (Natural Spring) पुनर्जीवन के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग प्रदान करने तथा भविष्य में पुनः उत्तराखण्ड आगमन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
गंगा बेसिन की पारिस्थितिक स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह अंतरराष्ट्रीय संवाद उत्तराखण्ड में संचालित स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन पहलों को वैश्विक मंच पर साझा करने तथा गंगा बेसिन की दीर्घकालिक पारिस्थितिक स्थिरता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
इस अवसर पर अपर सचिव जलागम हिमांशु खुराना, अपर सचिव पेयजल अपूर्वा पांडेय, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी SARRA कहकशां नसीम, डॉ. डी.एस. रावत (उप-निदेशक, SARRA), SARRA टीम, वन विभाग, अधिकारियों ने सहभागिता की।
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मोर्चा की मांग पर चारधाम यात्रा से पहले संचालित होगा संयुक्त चिकित्सालय डाकपत्थर – नेगी


#मरीजों से की जा रही लूट मामले में भी शासन सख्त | देहरादून- जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने सचिव स्वास्थ्य श्री सचिन कुर्वे से मुलाकात कर खंडहर में तब्दील होते संयुक्त चिकित्सालय, डाकपत्थर को संचालित करने की दिशा में पद सृजन व अन्य व्यवस्थाएं शीघ्र पूर्ण करने एवं प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों से की जा रही कई प्रकार की लूट जैसे घिनौने कार्य पर अंकुश लगाने हेतु विजिलेंस सेल का गठन करने का आग्रह किया, जिस पर श्री कुर्वे ने चारधाम यात्रा से पहले डाकपत्थर अस्पताल संचालित करने एवं अस्पतालों द्वारा की जा रही लूटपाट रोकने हेतु विजिलेंस सेल गठन की दिशा में कार्रवाई हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए| नेगी ने कहा कि अस्पतालों द्वारा जिस प्रकार से आईसीयू /वेंटीलेटर में दाखिल मरीजों- मृत मरीजों से लूटपाट की जा रही है उससे प्रतीत होता है कि ये अस्पताल सिर्फ और सिर्फ लूटपाट केंद्र बनकर रह गए हैं | इन अस्पतालों का मरीजों के जीवन से कोई लेना देना नहीं रह गया है, सिर्फ पैसा बटोरना ही इनका मकसद बन गया है| आयुष्मान एवं गोल्डन कार्ड के तहत इलाज कराने वालों को किस प्रकार लूटा जा रहा है, इसकी गहराई से जांच हो जाए तो आंकड़े चौंकाने वाले होंगे | नेगी ने कहा कि उक्त संयुक्त चिकित्सालय मोर्चा के प्रयास से कई माह पूर्व हस्तगत हो चुका है| मोर्चा का स्पष्ट संदेश है कि किसी को भी मनमानी एवं लूट नहीं करने दी जाएगी | प्रतिनिधि मंडल में- भीम सिंह बिष्ट मौजूद थे|

