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मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के एमओयू एवं ग्राउंडिंग की समीक्षा बैठक के साथ अन्य समाचार पढ़ें

Pahado Ki Goonj

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के एमओयू एवं ग्राउंडिंग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक*

*स्पिरिचुअल जोन, आयुर्वेद एम्स और भराड़ीसैंण में मंदिर अवसंरचनात्मक निर्माण को प्राथमिकता में लेने के मुख्यमंत्री के निर्देश*
देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत हुए एमओयू तथा उनकी ग्राउंडिंग (क्रियान्वयन) की प्रगति की समीक्षा हेतु उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए एमओयू की वर्तमान स्थिति, जमीनी प्रगति, अवरोधों तथा आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

*एमओयू ग्राउंडिंग में ऐतिहासिक प्रगति, मुख्यमंत्री ने बताया राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि*
बैठक में अवगत कराया गया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत कुल 3,57,693 करोड़ रुपये के 1,779 एमओयू संपादित किए गए थे, जिनमें से अब तक 1,06,953 करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंडिंग सफलतापूर्वक हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखंड के औद्योगिक एवं आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह राज्य में निवेशकों के विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग अनुकूल वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक परिणाम को और आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका लाभ राज्यहित में लिया जाना चाहिए।

*एमओयू ग्राउंडिंग में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री के स्पष्ट और सख्त निर्देश*
मुख्यमंत्री धामी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि एमओयू एवं परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर आ रहे अवरोधों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
प्रत्येक संबंधित विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो एमओयू ग्राउंडिंग की सतत मॉनिटरिंग करे।
यदि किसी नीति में संशोधन, सरलीकरण अथवा शिथिलीकरण की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र पैरवी की जाए।
उद्योगपतियों के साथ नियमित संवाद और संपर्क बढ़ाया जाए तथा उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण,सरलीकृत प्रक्रियाएं और उद्योग फ्रेंडली इकोसिस्टम से संबंधित सुधारों की जानकारी दी जाए।
निर्देश दिए कि परियोजनाओं के इम्प्लीमेंटेशन में अनावश्यक देरी बिल्कुल न हो, कार्यों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए, स्पष्ट टाइमलाइन के अनुसार कार्य पूर्ण हों और किसी भी प्रकार की पेंडेंसी न रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ विभागों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है, जिसकी उन्होंने प्रशंसा भी की।

*पर्यटन, उद्योग और निवेश के नए अवसरों पर विशेष फोकस*
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जिन क्षेत्रों में होटल निर्माण की व्यापक संभावनाएं हैं—जैसे पिथौरागढ़, कैंची धाम सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों—वहाँ निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए।
पर्यटन विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि विभाग *स्पेशल टूरिस्ट ज़ोन* के लिए विभिन्न क्षेत्रों में *एरिया आधारित फोकस पॉलिसी* तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

उद्योगों को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि राज्य के सभी जनपदों में प्रत्येक माह *“उद्योग मित्र समिति”* की बैठक आयोजित की जाए, जिसमें उद्योगों से जुड़े मुद्दों का समाधान तथा उद्योग-अनुकूल निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

*संस्कृति, अध्यात्म और संतुलित विकास को प्राथमिकता*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और प्राचीन गौरवशाली विरासत का केंद्र बिंदु है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु आवश्यक होमवर्क करने,
हिंदू स्टडीज सेंटर एवं प्राच्य शोध केंद्र से संबंधित पूर्व निर्देशों पर अग्रिम कार्रवाई करने, स्पिरिचुअल ज़ोन डेवलपमेंट, भराड़ीसैंण में मंदिर एवं अन्य रचनात्मक निर्माण कार्य तथा
आयुर्वेद एम्स की स्थापना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनय शंकर पांडेय, रणजीत सिन्हा, एस. Adanki, श्री सी. रवि शंकर, श्री डी.एस. गब्र्याल, वन विभाग से श्री रंजन कुमार मिश्रा, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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दिनांक: 03 फरवरी, 2026
*पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड*

◼️ *डीजीपी उत्तराखंड की अपराध और कानून व्यवस्था पर हाई-लेवल समीक्षा बैठक*
◼️ *गंभीर आपराधिक घटनाओं में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही*
◼️ *लैंड फ्रॉड मामलों में समयबद्ध और पारदर्शी कार्यवाही के निर्देश, सीओ की प्रारम्भिक होगी अनिवार्य*
◼️ *सिविल मामलों में हस्तक्षेप करने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्ध होगी कठोर कार्यवाही*
◼️ *पुलिस कर्मियों के भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस नीति के तहत सतर्कता विभाग करे सख्त कार्यवाही- डीजीपी*

*पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड श्री दीपम सेठ* की अध्यक्षता में आज सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में एक *महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय अपराध एवं कानून व्यवस्था समीक्षा गोष्ठी* आयोजित की गई। बैठक में पुलिस मुख्यालय के *वरिष्ठ अधिकारियों सहित गढ़वाल एवं कुमाऊँ रेंज प्रभारी सहित समस्त जनपदों, STF के वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षक* सम्मिलित हुए।

बैठक में वर्तमान अपराध परिदृश्य, कानून व्यवस्था की स्थिति, विवेचनाओं एवं जनशिकायतों के निस्तारण की व्यापक समीक्षा कर विस्तृत दिशा-निर्देश निर्गत किये गये।

*पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा जारी प्रमुख निर्देश-*
◼️ हाल ही में जनपद देहरादून के ऋषिकेश में एक महिला की गोली मारकर हत्या करने की घटना पर लापरवाही बरतने पर *एम्स चौकी प्रभारी SI साहिल वशिष्ट* को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है। साथ ही कोतवाली नगर, देहरादून में युवती के जघन्य हत्याकांड में प्रथम दृष्टया लापरवाही परिलक्षित होने पर *खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी SI प्रद्युम्न नेगी* को भी निलम्बित किया गया है। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की संवेदनशीलता के दृष्टिगत दोनों प्रकरणों की *जांच SP Crime श्रीमती विशाखा अशोक भदाणे* को सौंपी गयी है। घटना में अन्य कर्मियों द्वारा शिथिलता बरते जाने की *07 दिवस* के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है।

◼️ जनपद हरिद्वार के भगवानपुर थाना क्षेत्र में रविदास जयन्ती पर दो पक्षों में हुए संघर्ष एवं गोलीबारी की घटना में गंभीर लापरवाही पर *हल्का प्रभारी चुड़ियाला SI सूरत शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलम्बित* कर पूरे प्रकरण की जांच पुलिस अधीक्षक क्राइम, हरिद्वार श्री जितेन्द्र मेहरा को सौंपी गयी है। साथ ही घटना में अन्य पुलिस कर्मियों द्वारा लापरवाही बरते जाने की 07 दिवस के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है।

◼️ जनपद ऊधमसिंहनगर के सुखवन्त सिंह आत्महत्या प्रकरण में भूमि सम्बन्धी मामले में पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध आरोपों के दृष्टिगत *भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड)* के मामलों में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्यवाही हेतु अनिवार्य रूप से *क्षेत्राधिकारी (सीओ)* स्तर पर समयबद्ध जांच के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्राधिकारी द्वारा पारदर्शी जांच करते हुए स्पष्ट रूप से सिविल अथवा क्रिमिनल प्रकृति का उल्लेख किया जाएगा। तदोपरान्त ही अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
साथ ही *लम्बित भूमि संबंधी मामलों की पुलिस मुख्यालय से लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।*

◼️ माननीय मुख्यमंत्री जी के भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस महानिदेशक द्वारा *सतर्कता विभाग से भ्रष्ट आचरण करने वाले पुलिस कर्मियों* को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही में तेजी लाने के लिए कहा गया है।

बैठक में *महानिदेशक, अभिसूचना एवं सुरक्षा- श्री अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक/निदेशक विजिलेंस, अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री वी. मुरुगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन श्री ए.पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक, पी/एम- श्रीमती विम्मी सचदेवा, पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊँ परिक्षेत्र- श्रीमती रिधिम अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचार श्री कृष्ण कुमार वी.के., पुलिस महानिरीक्षक, साइबर श्री नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना एवं सुरक्षा-श्री करन सिंह नगन्याल, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र श्री सदानन्द दाते, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक- श्री योगेन्द्र रावत, श्री धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण* उपस्थित रहे।

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*मुख्यमंत्री धामी की गुड गवर्नेंस से गांव-गांव पहुँची सरकार, 5.55 सौ से अधिक कैंपों में 4.36 लाख लोगों को मिला सीधा लाभ*

‘ *जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ बना उत्तराखंड में सुशासन का मजबूत मॉडल : लाखों शिकायतों का त्वरित समाधान*

*पहाड़ से मैदान तक प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी, महिला लाभार्थियों को मिला विशेष संरक्षण और सुविधा*

*मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में गुड गवर्नेंस का नया अध्याय, सेवाएं पहुँचीं अंतिम छोर तक*

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ कार्यक्रम बना उत्तराखंड में गुड गवर्नेंस का प्रभावी उदाहरण*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं सशक्त प्रशासनिक इच्छाशक्ति का परिणाम है कि उत्तराखंड में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ कार्यक्रम आज गुड गवर्नेंस का सशक्त और भरोसेमंद मॉडल बनकर उभरा है। इस अभिनव पहल के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँच रही है और समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील समाधान सुनिश्चित कर रही है।

दिनांक 03 फरवरी 2026 तक राज्य के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 555 कैंपों का आयोजन किया गया, जिनमें से 548 कैंप पूर्व में तथा 7 कैंप आज आयोजित हुए। इन कैंपों के माध्यम से कुल 4,36,391 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की, जिनमें 4,33,681 व्यक्ति पूर्व में तथा 2,810 व्यक्ति आज शामिल हुए।

*लाखों शिकायतों का समाधान, सुशासन की मिसाल*

इन जनसुनवाई कैंपों में नागरिकों द्वारा कुल 43,032 शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 42,604 पूर्व में तथा 428 आज प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की स्पष्ट नीति और प्रशासन की तत्परता के चलते इनमें से 29,042 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जिसमें 28,721 पूर्व में तथा 321 शिकायतें आज ही निस्तारित की गईं।

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य सरकार केवल सुनवाई तक सीमित नहीं, बल्कि समाधान की जिम्मेदारी भी पूरी गंभीरता से निभा रही है।

*प्रमाण पत्र, योजनाएं और त्वरित सेवाएं – सरकार आपके द्वार*

कैंपों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं भी तत्काल उपलब्ध कराई गईं। अब तक 61,460 से अधिक प्रमाण पत्र/सेवाएं प्रदान की गईं, जिनमें 61,064 पूर्व में तथा 408 सेवाएं आज दी गईं। इसके अतिरिक्त विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 2,39,766 नागरिकों को लाभान्वित किया गया, जिनमें 2,37,050 पूर्व में तथा 1,816 लोग आज लाभान्वित हुए।

*महिलाओं को विशेष लाभ, पहाड़ की महिलाओं तक पहुँची सरकार*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की गुड गवर्नेंस की सोच का सबसे सशक्त प्रभाव महिला सशक्तिकरण के रूप में सामने आया है। दूरस्थ, दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए ये कैंप आशा की नई किरण बने हैं। महिलाओं को प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने में इन कैंपों ने अहम भूमिका निभाई।

पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाएं, जिन्हें पहले जिला या तहसील मुख्यालय तक पहुँचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, अब अपने ही गांव में सेवाएं प्राप्त कर रही हैं। महिला लाभार्थियों की शिकायतों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ निस्तारण किया जा रहा है, जिससे उनमें प्रशासन के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।

*हर जनपद में प्रभावी क्रियान्वयन*

अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी—राज्य के सभी जनपदों में इस कार्यक्रम का संतुलित और प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है।
हर क्षेत्र की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशासन ने समाधान उपलब्ध कराए हैं, जो मुख्यमंत्री की “समस्या-केंद्रित शासन प्रणाली” को दर्शाता है।

*गुड गवर्नेंस का मजबूत मॉडल*

‘जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ कार्यक्रम यह सिद्ध करता है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में: सरकार जवाबदेह है,
प्रशासन जनता के साथ खड़ा है, नीतियां कागजों से निकलकर जमीन पर उतर रही हैं |

यह कार्यक्रम न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम है, बल्कि लोकतांत्रिक सहभागिता, पारदर्शिता और संवेदनशील शासन व्यवस्था का सशक्त उदाहरण भी है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की यह पहल उत्तराखंड को गुड गवर्नेंस के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

“ *उत्तराखंड में हमारी सरकार का संकल्प है कि शासन केवल सचिवालय तक सीमित न रहे, बल्कि अंतिम व्यक्ति के द्वार तक पहुँचे। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ कार्यक्रम इसी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण है।*

*इन कैंपों के माध्यम से लाखों नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान हुआ है और विशेष रूप से दूरस्थ व पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को सीधी प्रशासनिक सहायता मिली है।*

*महिलाओं को प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराना हमारी गुड गवर्नेंस की प्राथमिकता है।*

*हमारी सरकार संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से उत्तराखंड को सुशासन का आदर्श राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।”*

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*

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/टिहरी/दिनांक 03 फरवरी, 2026

“टिहरी के पीएम श्री विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का हैदराबाद शैक्षिक भ्रमण हेतु प्रस्थान”

“टिहरी के विद्यार्थियों को हैदराबाद शैक्षिक यात्रा के लिए किया गया रवाना”

“शिक्षा के साथ इतिहास से परिचय: पीएम श्री विद्यालयों का शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम”

आज मंगलवार को जनपद टिहरी गढ़वाल के पीएम श्री विद्यालयों में अध्ययनरत कुल 70 छात्र-छात्राओं एवं मार्गदर्शक शिक्षकों के दल को हैदराबाद शैक्षिक भ्रमण के लिए रवाना किया गया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल एवं भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत द्वारा सभी को शुभकामनाएँ देते हुए हरी झंडी दिखाकर दल को फ्लैग-ऑफ किया गया। साथ ही सभी को मिठाई का वितरण किया गया तथा छात्र-छात्राओं को बैग वितरित किए गए।

इसके पश्चात जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने छात्र-छात्राओं से संवाद किया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव होगा। हैदराबाद एक ऐतिहासिक नगर है, जहाँ भारत की समृद्ध संस्कृति एवं गौरवशाली इतिहास को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा। भ्रमण के दौरान गोलकुंडा किला, चारमीनार, सालार जंग संग्रहालय, चौमहल्ला पैलेस एवं कुतुब शाही मकबरों सहित अन्य ऐतिहासिक स्थलों के इतिहास एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी प्राप्त करे और उनसे सीखे।

जिलाधिकारी टिहरी ने छात्रों से अपील की कि भ्रमण के दौरान केवल फोटो और वीडियो तक सीमित न रहें, बल्कि वहाँ के ऐतिहासिक स्थलों, संस्कृति और विरासत की जानकारी प्राप्त करें तथा उससे प्रेरणा लेकर अपने जीवन में उसे व्यवहारिक रूप से अपनाएँ। इस प्रकार के भ्रमण से विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध और विविध इतिहास को समझने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य सुनील जुयाल, वार्ड मेम्बर विजय कठैत, शिक्षा अधिकारी वीपी सिंह, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक / शिक्षिकायें, छात्र छात्राएं
उपस्थित रहे।

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./टिहरी/दिनांक 03 फरवरी, 2026

” धनोल्टी तहसील दिवस में जनसमस्याओं एवं विकास प्रस्तावों पर हुई सुनवाई”

“तहसील दिवस में धनोल्टी क्षेत्र की जनसमस्याओं व विकास कार्यों पर हुआ संवाद”

“जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस, स्थानीय मांगों के निस्तारण के निर्देश”

आज मंगलवार को जनपद टिहरी गढ़वाल के तहसील धनोल्टी में ‘तहसील दिवस’ का आयोजन जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में किया गया। तहसील दिवस के दौरान स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं विकास संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।

अधिकांश प्रस्ताव सफाई व्यवस्था, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट तथा पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं से संबंधित रहे।
इस अवसर पर ग्राम सभा गोठ के प्रधान लाखी राम चमोली द्वारा धनोल्टी से लगा गोठ तक सड़क निर्माण, इंटर कॉलेज धनोल्टी-चुलीसैण में कला वर्ग हेतु पद सृजन, क्षेत्र में आधार कैंप स्थापित करने, लगा गोठ में आंगनबाड़ी केंद्र खोलने तथा स्थानीय पशुपालकों के पशुओं के बीमा एवं टीकाकरण की मांग रखी गई।

प्रधान लामाकांडे दिनेश रावत ने आपदा मुआवजा उपलब्ध कराने, लामाकांडे से हटवाल गांव तक क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत के दौरान सुरक्षा दीवार निर्माण, सौंग नदी पर बने चेक डैम से कृषि भूमि को हो रहे नुकसान की रोकथाम हेतु सुरक्षा दीवार तथा चुनारी गाड़ नाले में गांव की सुरक्षा हेतु सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की।
मंजू देवी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभान्वित किए जाने तथा क्षेत्र में कार्यरत भोजन माताओं के मानदेय में वृद्धि की मांग प्रस्तुत की गई।

टैक्सी-मैक्सी एसोसिएशन, धनोल्टी द्वारा टैक्सी स्टैंड हेतु भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई। जिला पंचायत सदस्य थान दीक्षा नेगी ने क्षेत्र में आधार केंद्र खोलने, खनेरी-छंडूखिल-धनोल्टी मोटर मार्ग को जोड़ने तथा वन विभाग से संबंधित लंबित प्रकरणों के निस्तारण की मांग रखी।

इसके अतिरिक्त धनोल्टी-कददूखाल क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण, विद्युत लाइनों को प्रभावित कर रहे पेड़ों की लॉपिंग, नेटवर्क समस्या, धनोल्टी पार्क में सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने, जीर्ण-शीर्ण उपकरणों की मरम्मत, कार्यरत कर्मियों के मानदेय में वृद्धि तथा निराश्रित गोवंश हेतु पार्किंग के नीचे व्यवस्था करने जैसे विषयों पर भी मांग पत्र प्रस्तुत किए गए।

जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर एसडीएम प्रतापनगर (अतिरिक्त प्रभार धनोल्टी) अंकित राज, तहसीलदार बीरम सिंह सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि व जनता उपस्थित रहे।

 

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