
राज्य आंदोलनकारियों ने साझा की संघर्ष की यादें।
उत्तरकाशी । ।
रामलीला मैदान में शनिवार को उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती (25वीं वर्षगांठ) पर जनपद के राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान एवं जिलाधिकारी प्रशांत आर्य सहित उपस्थित राज्य आंदोलनकारियों ने शहीद आंदोलनकारियों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।उसके बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक स्वर में खड़े होकर गीत का सामूहिक गायन किया। पूरा पंडाल देशभक्ति की भावना से गूंज उठा। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रही।
कार्यक्रम में वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी विष्णुपाल रावत,महावीर प्रसाद भट्ट और विजय बहादुर सिंह रावत,हरि सिंह राणा,नागेंद्र थपलियाल ने राज्य आंदोलन के संघर्ष और बलिदान के दिनों को याद किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में मसूरी कांड और मुजफ्फरनगर कांड की घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य निर्माण का रास्ता आसान नहीं था अनेक आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी तब जाकर उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला। आंदोलनकारियों ने कहा कि आज जब उत्तराखंड अपनी रजत जयंती मना रहा है तो यह उन सभी वीरों को नमन करने का अवसर है,जिन्होंने प्रदेश के भविष्य के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।

