मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार श्री पंकज पंवार की पत्नी के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने उनके आवास पर पहुंचकर परिजनों से भेंट की और इस कठिन घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शुक्रवार को नगर निगम देहरादून द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के तहत प्रदेश में स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जन सुविधाओं के लिए बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लोगो को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने सभी को सेवा पखवाड़ा की गतिविधियों में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट, श्री नरेश बंसल, मेयर श्री सौरभ थपलियाल, विधायक श्री खजानदास, श्री उमेश शर्मा काऊ, अन्य जन प्रतिनिधिगण मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय, देहरादून में राज्य स्तरीय दिशा समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं खेल से जुड़ी योजनाओं की कार्यवाही पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग शीघ्र इसका लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और विभागों के बीच आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बल दिया कि राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए लगातार ठोस और सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी युग में योजनाओं की निगरानी और सफल संचालन हेतु आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचनाओं की त्वरित उपलब्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने से योजना क्रियान्वयन की गति में उल्लेखनीय सुधार होगा। किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुँचाने के लिए सभी विभागों द्वारा समन्वित प्रयास करना आवश्यक है।
कृषि और ऊर्जा क्षेत्र पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा आधारित पंपों की स्थापना की गति तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को न केवल सिंचाई के साधन सुलभ होंगे बल्कि सौर ऊर्जा के उपयोग से दीर्घकालिक रूप से ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी प्राप्त होगी। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शेष गांवों को शीघ्र सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला है, और राज्य के दुर्गम इलाकों में निवास कर रहे लोगों की सुविधाओं तथा आर्थिक अवसरों के विस्तार के लिए यह आवश्यक है।
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों की प्रगति की भी गहनता से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता योजनाओं को और प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि राज्य के हर नागरिक के जीवन स्तर में सार्थक सुधार हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता के लिए शासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनता की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे नियमित रूप से जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर योजनाओं की प्रगति साझा करें और लोगों को इनसे अधिकाधिक लाभान्वित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता जनता की सुविधा और सुख-सुविधा है, और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता से कार्य करना होगा।
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी, विधायकगण श्री सहदेव सिंह पुण्डीर, श्रीमती रेनू बिष्ट, श्री सुरेश गढ़िया, श्री शक्तिलाल शाह, श्री हरीश धामी एवं श्री मनोज तिवारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रमुख सचिव श्री एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव श्रीमती राधिका झा, श्री नितेश झा, श्री बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, श्री एस.एन. पांडेय, श्री आर. राजेश कुमार, श्री धीराज गर्ब्याल, श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, श्री युगल किशोर पंत, श्री रणवीर सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी बैठक में सम्मिलित हुए।
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*काठगोदाम ,हल्द्वानी में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी आपदा से हुई क्षति, विद्युत, पेयजल एवं मोटर मार्गो की अद्यतन स्थिति की समीक्षा बैठक लेते हुए*
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आपदा के समय में सीएम धामी बने “संकटमोचक”*
*सीएम धामी की समय पूर्व तैयारियों ने आपदा के प्रभाव को किया सीमित*
*उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन मॉडल बना मिसाल*
*पीएम मोदी का भी मिला भरपूर साथ*
*प्रभावितों के साथ ग्राउंड जीरो पर सीएम धामी*
गत चार महीनों में उत्तराखंड ने प्रकृति के विकराल रूप का सामना किया है। धराली में तबाही से लेकर थराली, पौड़ी, टिहरी, पिथौरागढ़, हरिद्वार, देहरादून, चमोली तक हुई विनाशकारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने राज्य को झकझोर कर रख दिया है। कई बार लोगों के जहन में 2013 जैसी भयानक त्रासदी की यादें तक ताज़ा हो गई, पर इस बार एक फर्क साफ़ दिखा “तैयारी, शीघ्र प्रतिक्रिया और नेतृत्व की मौजूदगी”!
इसी वजह से जान-माल का नुकसान अपेक्षाकृत कम हुआ। यह सब मिलकर उस ‘धामी मॉडल’ को परिभाषित करते हैं जिसे आज प्रदेश और देश के कुछ हिस्सों में उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
धराली में अचानक आई तबाही ने गांव, होटल और बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुँचाई। शुरुआती सूचनाएँ चिंताजनक रहीं, लेकिन आपदा के कुछ ही समय के भीतर ही सीएम धामी के नेतृत्व में एक्टिव हुई राज्य व केंद्र की एजेंसियाँ—एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन सक्रिय मोड में आ गईं। हेलिकॉप्टर से आपूर्ति, रेस्क्यू दलों की तैनाती और तत्काल राहत शिविर स्थापित किए गए, जिससे कई परिवारों तक समय पर मदद पहुँची। इन समन्वयकारी प्रयासों ने राहत कार्यों में गति और पारदर्शिता दोनों जोड़े।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सबसे प्रमुख विशेषता उनका ग्राउंड-प्रेजेंस और सक्रिय मॉनिटरिंग रहा। हर आपदा के तुरंत बाद सीएम धामी स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे, राहत कार्यों की निगरानी की और प्रभावितों से सीधे संवाद बनाये रखा। गुरुवार को भी सीएम धामी ने देहरादून के सहस्त्रधारा, मसूरी रोड, टपकेश्वर मंदिर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस सक्रिय नेतृत्व ने राहत कार्यों में जनता के विश्वास और प्रशासन की गति को मज़बूती दी है। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में कई जगहों पर पाँच लाख रुपये तक के पैकेज की घोषणा की और चेक वितरण की प्रक्रिया तेज़ की, जिससे प्रभावित परिवारों को आवास, प्राथमिक जरूरतें और पुनर्वास की शुरुआती लागत का सामना करने में मदद मिली।
स्थिति के आकलन के बाद केंद्र सरकार ने भी प्रदेश के साथ समन्वय में कदम उठाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिजली, सड़कों और पुनर्वास के मद्देनज़र 1,200 करोड़ रुपये के तात्कालिक राहत पैकेज की घोषणा की और मृतक परिवारों व घायलों हेतु मदद की व्यवस्था की। इस केंद्रीय पैकेज ने न केवल वित्तीय मदद दी बल्कि प्रदेश के पुनर्निर्माण कार्यों को गति भी प्रदान की।
धामी मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी तैयारी और त्वरित तैनाती है। मौसम और हाइड्रोलॉजी पर लगातार निगरानी रखी जाती है, जोखिम वाले इलाकों में समय पर रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी होते हैं, SDRF/NDRF, सेना, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत कंट्रोल रूम से निर्देशित किया जाता है। स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्राम स्तर की व्यवस्थाओं के जरिए राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है, और प्रभावितों को त्वरित चेक वितरण तथा दीर्घकालिक पुनर्वास योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है।
कई सर्वे सीएम धामी के आपदा प्रबंधन मॉडल की सीधे तौर पर सराहना भी कर चुके हैं। हालिया में एक प्रतिष्ठित न्यूज ग्रुप द्वारा सर्वे में भी लोगों ने आपदा प्रभावित राज्यों में सीएम धामी के आपदा प्रबंधन मॉडल को सबसे बेहतर बताया है।
प्रदेश में आई ये आपदा केवल प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि शासन-प्रणाली और तैयारियों की कसौटी भी है। मुख्यमंत्री के निर्णायक कदम, त्वरित राहत और केंद्र–राज्य समन्वय ने इस बार नुकसान को कम करने में भूमिका निभाई और यही कारण है कि कई राष्ट्रीय प्लेटफॉर्मों ने इस प्रतिक्रिया मॉडल पर ध्यान दिया है।
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*उत्तराखंड में पहली बार! एशियन कैडेट फेंसिंग कप का हुआ भव्य शुभारंभ*
*17 देशों के खिलाड़ी पहुँचे हल्द्वानी, तलवारबाज़ी में आज़माएंगे दम!*
*सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया एशियन फेंसिंग कप का उद्घाटन, बोले – खेल संस्कृति को मिले नया मुकाम*
*हल्द्वानी बना अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजन का केंद्र, 5 दिन चलेगा ‘फेंसिंग का महासंग्राम’*
*उत्तराखंड खेलों में रच रहा इतिहास – राष्ट्रीय खेलों में 103 पदकों के साथ देश में 7वां स्थान*
शुक्रवार को हल्द्वानी पंहुचे मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में एशियाई कैडेट कप फेंसिंग प्रतियोगिता का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में सभी प्रतिभागियों को बधाई देते अपने संबोधन में माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी खिलाड़ी अपने अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच से न केवल खेलों में नई ऊंचाइयाँ हासिल करेंगे, बल्कि समाज के समक्ष भी आदर्श प्रस्तुत करेंगे तथा उत्तराखंड को सभी क्षेत्रों में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार कार्य करती रहेगी। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से कहा कि वह पर्यावरण संरक्षण के प्रति सदैव सजग रहें और पौधारोपण, जल-संरक्षण व स्वच्छता के प्रति न केवल स्वयं का योगदान सुनिश्चित करें, बल्कि समाज को भी इसके लिए जागरूक करें, साथ ही नशे के दुष्प्रभावों के प्रति स्वयं भी सजग रहें और युवा पीढ़ी को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जब एक फिट व्यक्ति नशा मुक्ति का संदेश देता है, तो वो संदेश हर युवा तक जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “मुख्यमंत्री खेल विकास निधि”, “मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना”, “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना” तथा “खेल किट योजना” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है,साथ ही “उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार” और “हिमालय खेल रत्न पुरस्कार” प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त राज्य की राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कर दिया है, जिससे राज्य के खिलाड़ियों के परिश्रम और उत्कृष्टता को उचित अवसर और सम्मान मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दौरान राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपए की सम्मान राशि से भी पुरस्कृत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार ने नई खेल नीति लागू की है। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को “आउट ऑफ टर्न” सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं साथ ही, माननीय रेल मंत्री जी से यहाँ नई ट्रेनें देने के लिए भी आग्रह किया है, जिससे यहां आने वाले यात्रियों, पर्यटकों और खिलाड़ियों को बेहतर यातायात सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हल्द्वानी में उत्तराखंड के प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने के अपने संकल्प को साकार करने हेतु तत्परता से कार्य कर रही है। विश्व विद्यालय की स्थापना के बाद खेल शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी एक अलग पहचान बनाएगा। यहॉं बढ़ती स्पोर्ट्स एक्टिविटी को देखते हुए यहाँ के कारोबारियों को भी भविष्य में लाभ प्राप्त होगा। और पर्यटकों की सुविधा में भी बढ़ोत्तरी होगी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7 वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा है। राज्य में 517 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का प्रयास किया है। इसी का परिणाम है कि उत्तराखंड केवल राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन गया है। जिसका एक उदाहरण ये “एशियन कैडेट कप” भी है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में शीघ्र ही एक “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वरूप में भारत में फेंसिंग खेल की शुरुआत काफी देर से हुई और अन्य खेलों की तुलना में फेंसिंग को उतना प्रोत्साहन भी नहीं मिल पाया। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में फेंसिंग ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की है और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित भवानी देवी के राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलो में मेडल के बाद अब युवाओं का इसके प्रति रुझान और अधिक बढ़ा है। आज युवा न केवल इस खेल में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी देश का नाम रोशन कर रहे हैं। आज जिस प्रकार शूटिंग,आर्चरी और जैवलिन थ्रो जैसे खेलों में पूरे विश्व में भारत का परचम लहराता है। आने वाले समय में फेंसिंग में भी हमारे युवा अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन से नए-नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। फेंसिंग यानि तलवारबाजी की कला मानव सभ्यता के आरंभ से ही अस्तित्व में रही है। प्राचीन भारत में शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञान को ही पूर्ण शिक्षा माना जाता था और प्राचीन काल में “शस्त्रविद्या” हमारी शिक्षा का अनिवार्य अंग हुआ करती थी। हमारे गुरुकुलों में युवाओं को केवल वेद-पुराण और शास्त्रों का अध्ययन ही नहीं कराया जाता था, बल्कि आत्मरक्षा और समाज की रक्षा हेतु तलवार चलाने, गदा एवं धनुष-बाण चलाने और युद्धकला का प्रशिक्षण भी दिया जाता था। उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि देश में प्रथम बार आयोजित हो रही इस अंतर्राष्ट्रीय फेंसिंग प्रतियोगिता के आयोजन की मेजबानी का सुअवसर देवभूमि उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है।
इससे पूर्व माननीय मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय फेंसिंग महासंघ के महासचिव राजीव मेहता ने आयोजन के संबंध में विभिन्न जानकारियां दी उन्होंने अवगत कराया कि खेल एशियाई फेंसिंग परिसंघ की ओर से आयोजित 5 दिन स्पर्धा के मुकाबले आगामी 23 सितंबर तक खेले जाएंगे जिसमें देश-विदेश के लगभग 250 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं जिसमें भारत से लगभग 150 खिलाड़ी प्रतिभा कर रहे हैं बालक बालिका वर्ग में होने वाले होने जा रही इस स्पर्धा में तजाकिस्तान सीरिया मलेशिया श्रीलंका थाईलैंड इंडोनेशिया आदि देशों के खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक डॉ मोहन सिंह बिष्ट, राम सिंह कैड़ा,प्रमोद नैनवाल, उत्तरांचल ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट , उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी डॉ अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, नवीन वर्मा, दीपक महरा, मेयर काशीपुर दीपक बाली, आयुक्त कुमाऊं मंडल व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी वंदना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अन्य देशों से आए खिलाड़ी,खेल प्रेमी आदि उपस्थित रहे।
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मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान विभागों को आउटकम इंडिकेटर्स निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों ने अपने कार्य क्षेत्र में विगत वर्षों के सापेक्ष कितना बढ़ोत्तरी की है, इसे आउटकम इंडिकेटर्स में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे विभागीय योजनाओं का मूल्यांकन भी हो सकेगा और विभाग किस दिशा में जा रहा है इसकी भी जानकारी मिलेगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि ‘की आउटकम इंडिकेटर’ (केओआई) निर्धारित करने में इन बातों का ध्यान रखा जाए कि विभान द्वारा संचालित योजनाओं का क्या आउटकम रहा, इसका आंकलन हो सके। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग अपना आउटकम इंडिकेटर यह रखे कि उन्होंने प्रदेश की कितने प्रतिशत खेती योग्य भूमि को वर्षा आधारित सिंचाई को निश्चित सिंचाई में परिवर्तित किया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा संचालित किसी योजना से पर्यटकों के औसत फुटफॉल में कितना बढ़ोत्तरी हुई है, या पर्यटकों की संख्या, पर्वतारोहियों और ट्रैकिंग करने वालों की संख्या आदि गतिविधियों में कितने प्रतिशत ग्रोथ प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के तहत् उत्पादकता कितनी बढ़ी है, या एफपीओ का क्रेडिट फ्लो कितना बढ़ा है, इस पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा गुणवत्ता में सुधार, क्षमता का उपयोग और आय में बढ़ोत्तरी को शामिल किया जा सकता है।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सचिव सैनिक कल्याण को विभाग द्वारा दी जाने वाली प्री रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग को बढ़ाये जाने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, श्री धीरज सिंह गर्ब्याल, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, एपीसीसीएफ श्री कपिल लाल, डीजी होमगार्ड डॉ. पी.वी.के. प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
*सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग*
[19/09, 8:10 pm] +91 94101 89723: *आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेज़ी से राहत और पुनर्निर्माण कार्य सुनिश्चित करें – CM धामी का सख्त निर्देश*
*नैनीताल लोअर मॉल रोड और बागेश्वर पुलों की क्षति पर जल्द कार्यवाही होगी – मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश*
” *लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी” – CM धामी ने जिम्मेदारी तय करने के दिए निर्देश*
*एक माह में सड़कों का पैचवर्क पूरा करें, जल निकायों से अतिक्रमण हटाएं – मुख्यमंत्री का अल्टीमेटम*
*हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर घटिया हॉटमिक्स कार्य: ठेकेदार और अधिकारी होंगे जवाबदेह*
*लालकुआं, बिंदुखत्ता, गोला नदी जैसे क्षेत्रों के स्थाई समाधान को लेकर DPR तैयार*
*जलभराव से जलजनित रोगों की आशंका: स्वास्थ्य विभाग को तत्काल तैयारी के निर्देश*
*आपदा से नुकसान अब नहीं रहेगा नजरअंदाज़ – सड़कों, पुलों, जल निकायों पर CM की पैनी नज़र*
*रिलीफ वर्क में दिखेगी रफ्तार – 443 करोड़ की क्षति के बाद अब ‘रिलीफ मिशन’ का संकल्प*
“ *हर विभाग तय करे जिम्मेदारी – वरना होगी जवाबदेही” – काठगोदाम से CM का साफ संदेश*
*जल निकायों से हटेगा अतिक्रमण, सड़कें होंगी दुरुस्त – एक महीने में दिखेगा बदलाव*
*UPNL कर्मियों का वेतन रुका? CM ने लिया संज्ञान – जल्द होगा समाधान*
सर्किट हाउस काठगोदाम, हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आपदा से हुई क्षति, विद्युत, पेयजल और मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित जनता के साथ खड़ी है और राहत व पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को त्वरित राहत उपलब्ध कराना और समयबद्ध ढंग से पुनर्निर्माण कार्य पूरे करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक के दौरान मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को मंडल एवं जिले में आपदा से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि आपदा की वजह से जिले में भारी नुक़सान हुआ है। नैनीताल की लोअर मॉल रोड धंसने, बागेश्वर में पुलों की क्षति, रानीबाग पावर हाउस की समस्या, ओखलकांडा और धारी ब्लॉक मार्गों के अवरोध तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन जैसी गंभीर चुनौतियाँ सामने आई हैं। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि अब तक नैनीताल जिले में आपदा से हुई कुल क्षति का आकलन लगभग 443 करोड़ रुपये किया गया है और यह रिपोर्ट भारत सरकार की आपदा विश्लेषण टीम को भी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने विस्तार से जिले में मानसून काल में हुए नुकसान की जानकारी देते हुए, किए गए राहत बचाव एवं आपदा न्यूनीकरण कार्यों की जानकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दी।तथा जिले के संवेदनशील स्थानों, सड़क मार्गो, गांवों, नदी नाले आदि के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्ताव जो शासन को भेजे गए उनकी स्वीकृति का भी अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने चुकम,खुपी गांव सहित विभिन्न सड़क मार्गों जहॉ खतरा बना हुआ है उनके विस्थापन एवं सड़कों के ट्रीटमेंट आदि कार्यों के संबंध में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।साथ ही लालकुआं, बिंदुखत्ता, गोला नदी, नंधौर नदी, कोसी नदी से हो रहे नुकसान के बारे भी अवगत कराते हुए उसके स्थाई समाधान हेतु की जा रही कार्यवाही व तैयार डीपीआर के बारे में भी अवगत कराया।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि इस वर्ष असामान्य वर्षा और भूस्खलन के कारण राज्य के लगभग सभी जनपद प्रभावित हुए हैं और आपदा का असर दो से तीन गुना अधिक देखने को मिला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग और राज्य के संसाधनों का उपयोग कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पुनर्निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हर विभाग और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी तय करे और समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करे। उन्होंने कहा, “जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” साथ ही, एक माह के भीतर सड़कों का पैचवर्क पूरा करने, जल निकायों के मार्गों को संरक्षित करने और अतिक्रमण हटाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण के प्रयासों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार पूरे समर्पण से कार्य कर रही है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को जलाशयों में de-silting कार्य की ठोस योजना बनाने और कार्ययोजना प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सुशीला तिवारी अस्पताल के UPNL कर्मियों के लंबित वेतन का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुए तुरंत समाधान कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में राज्य सरकार का हर कदम जनता के साथ है। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चाहे सड़कें हों, जल निकाय हों या आवासीय क्षेत्र, हर स्तर पर समन्वित प्रयासों से पुनर्निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाए जाएंगे और प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे जलजनित रोगों की समस्याएँ बढ़ जाती हैं। इसकी रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग तत्परतापूर्वक कार्य करे, सभी चिकित्सा केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा सुविधा रखने के साथ ही व्यापक तैयारी की जाए और जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान हेतु जन निवारण शिविर एवं बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। सभी अधिकारी क्षेत्र पंचायतों की बैठकों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें तथा जनता मिलन कार्यक्रम लगातार संचालित किए जाएँ।
बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल,भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल विधायक राम सिंह केड़ा, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी डॉ. अनिल डब्बू, दीपक महरा एवं शंकर कोरंगा सहित सभी मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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सेवा में,
मा० मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड सरकार।
विषय- उत्तराखण्ड में सरकारी कार्मिकों को नई पेंशन योजना (NPS) / यूनिफाईड पेंशन योजना (UPS) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) से आच्छादित किये जाने के सम्बन्ध में।
द्वारा -जिलाधिकारी महोदय, देहरादून।
महोदय,
जैसा कि आपको विदित ही हैं कि सरकारी कार्मिकों के द्वारा नयी पेंशन व्यवस्था के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने के लिए पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आन्दोलन (NMOPS) के बैनर तले कई वर्षों से पूरे देश में आन्दोलन किया जा रहा है। केन्द्र सरकार तथा उत्तराखण्ड राज्य सरकार के द्वारा पुरानी पेंशन बहाली की मांग को स्वीकार न करते हुए, नई पेंशन योजना (NPS) के स्थान पर यूनिफाईड पेंशन योजना (UPS) भी लागू कर दी गयी है, इस तरह वर्तमान में कार्मिकों हेतु तीन प्रकार की पेंशन योजनायें राज्य में लागू कर दी गयी है जो कार्मिकों के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड है।

पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आन्दोलन, NMOPS की राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा NPS तथा UPS के विरोध में तथा पुरानी पेंशन बहाली की मांग हेतु शिक्षक दिवस के अवसर पर पूरे देश में एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस उपवास कार्यक्रम का उद्देश्य देश व प्रदेश की सरकारों को, कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन क्यों आवश्यक है, बताना है। राजनेता स्वयं चार-चार पेंशन ले रहे है लेकिन देश की सरहदों पर दुश्मनो से देश की रक्षा और सुरक्षा करने वाले पैरामिलिट्री जवानों सहित देश के एक करोड़ शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों को इस संवैधानिक अधिकार से वंचित कर दिया गया है जो कि अन्याय पूर्ण है। NMOPS केंद्र तथा राज्यों की सरकारों को स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि NPS तथा UPS कर्मचारियों को मंजूर नही है और हम इसका खुलकर विरोध करते है। हमे सिर्फ और सिर्फ OPS चाहिए।
पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आन्दोलन (NMOPS) विगत कई वर्षों से पूरे देश के साथ-साथ उत्तराखण्ड राज्य में पुरानी पेंशन बहाली के लिए लगातार संघर्षरत है। इन्ही संघर्षो के परिणामस्वरूप कई प्रदेशों में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल हो चुकी है तथा हमारे पडोसी राज्य हिमांचल में भी सभी कार्मिक पुरानी पेंशन व्यवस्था से आच्छादित हो गये है।
महोदय पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आन्दोलन (NMOPS) आपसे अनुरोध करता है कि प्रदेश के लगभग 01 लाख कर्मचारियों को नयी पेंशन योजना (NPS) या यूनिफाईड पेंशन योजना (UPS) के स्थान पर पुरानी पेशन बहाल करने की महती कृपा प्रदान करेगें। अन्यथा की स्थिति मे पूरे भारतवर्ष के साथ ही उत्तराखण्ड में भी आन्दोलन को और तेज किया जायेगा, जिसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व सरकार एवं शासन का होगा।
(जीतमणी पैन्यूली) प्रान्तीय अध्यक्ष
(इं० मुकेश रतूड़ी) प्रान्तीय महामन्त्री
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शिक्षक दिवस पर पुरानी पेंशन बहाली हेतु उपवास कार्यक्रम 5 सितम्बर।
शिक्षक दिवस के अवसर पर पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन उत्तराखंड के आह्वान पर आज एकदिवसीय उपवास कार्यक्रम का आयोजन एकता भवन, यमुना कॉलोनी, देहरादून में किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रांतीय अध्यक्ष श्री जीतमणि पैन्यूली ने किया।
सभा का संचालन संयुक्त रूप से महामंत्री श्री मुकेश रतूड़ी और प्रांतीय कोषाध्यक्ष श्री शांतनु शर्मा ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के कार्मिकों एवं बड़ी संख्या में शिक्षकों ने उपस्थिति दर्ज कराई और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को बुलंद किया।
अपने उद्बोधन में प्रांतीय अध्यक्ष श्री जीतमणि पैन्यूली ने कहा—
“हम सरकार से स्पष्ट कहना चाहते हैं कि पुरानी पेंशन हमारा अधिकार है, कोई भीख नहीं। जब तक हमारी पेंशन बहाल नहीं होती, तब तक यह संघर्ष पूरे जोश और ताकत के साथ जारी रहेगा।”
उन्होंने आगे कहा— “आज शिक्षक दिवस है, जो हमें अपने अधिकार और सम्मान की याद दिलाता है। यदि शिक्षक और कार्मिक मजबूत नहीं होंगे तो राष्ट्र भी मजबूत नहीं हो सकता। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द पुरानी पेंशन बहाल कर हमें न्याय दे।”
सरकार द्वारा जो कार्यक्रम एनपीएस और यूपीएस को लेकर चलाया जा रहा है उसका विरोध किया जाएगा जब तक ऑप्स का विकल्प नहीं दिया जाएगा 25 नवंबर 2025 को दिल्ली में ऐतिहासिक रैली होगी और 1 अक्टूबर 2025 को ट्विटर पर अपना विरोध दर्ज किया जाएगा आने वाले दिनों में उत्तराखंड के अंदर इस आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा और लगातार आंदोलन के कार्यक्रम किए जाएंगे और जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा
मुकेश रतूड़ी ने कहा कि
“शिक्षक समाज का मार्गदर्शक है, और उसका भविष्य सुरक्षित किए बिना राष्ट्र सुरक्षित नहीं हो सकता। पुरानी पेंशन बहाली हमारी निष्ठा, संघर्ष और अधिकार की मांग है।”
अनिल सिंह पवार ने कहा कि
“शिक्षक और कर्मचारियों का सम्मान तभी सच्चा होगा जब उसकी वृद्धावस्था सुरक्षित होगी। पुरानी पेंशन बहाली केवल हक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की पुकार है।”
सभी उपस्थित कार्मिकों ने अपना बहुमूल्य समय देकर आंदोलन को सशक्त बनाया और संकल्प लिया कि पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा।
, शिक्षक दिवस पर आयोजित यह उपवास कार्यक्रम न सिर्फ शिक्षकों के सम्मान का प्रतीक बना बल्कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को और अधिक धार देने का भी माध्यम सिद्ध हुआ।
आज आयोजित उपवास कार्यक्रम में विभिन्न संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। बैठक में निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित रहे –
मुकेश रतूड़ी – पार्टी महामंत्री
शांतनु शर्मा – कोषाध्यक्ष
पुष्कर राज बहुगुणा – प्रांतीय संयुक्त मंत्री
हर्षवर्धन जमलोकी – प्रांतीय प्रचार मंत्री
सुनील गुसाई – जिला अध्यक्ष
चेतन प्रसाद कोठारी – जिला मीडिया प्रभारी
अभिषेक चौधरी – महामंत्री, रेशम विभाग
अनिल सिंह पंवार – प्रांतीय अध्यक्ष, सिंचाई विभाग
आशीष यादव – मंडल अध्यक्ष, महासंघ इंजीनियरिंग
पूजा श्रेष्ठ – जनपद सचिव
प्रमोद रावत – अध्यक्ष, उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक संघ
रविंद्र मोहन पांडे – महामंत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ
लक्ष्मी कांत चौहान – प्रांतीय अध्यक्ष
उर्मिला द्विवेदी – अध्यक्ष, महिला विंग
रूचि पैन्यूली – ब्लॉक अध्यक्ष, सहसपुर
संतन रावत – अध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कर्मचारी संयुक्त परिषद
अभिषेक चौधरी महामंत्री रेशम विभाग
राजेन्द्र रतूड़ी – समीक्षा अधिकारी
सुनील गौड़,ओमप्रकाश भट्ट, रजनीश अग्रवाल,विजय सिंह कंडासी,पूजा श्रेष्ठ,रूचि पैन्यूली,रवि कुमार, चन्द्र भूषण,अजय कुमार पाल,
प्रेम मोहन, उत्सव सेमवाल, विनोद त्रिपाठी, संजय वर्मा, नरेंद्र चंद्र,दीपक डोभाल, जितेन्द्र सिंह रावत,शिव कुमार यादव, कन्हैयालाल,हरीश कुमार, सुधीर कुमार,राजेश कुमार, सुभाष चंद्र, अमित सिंह, बलीराम, योगेंद्र सिंह, अमित रावत महेंद्र सिंह, दिव्या श्रेष्ठ, सुजाता पाल, लक्ष्मी गुसाईं,दीपा सिंह आदि उपस्थित रहे नरेंद्र चंद चंदन बिष्ट जगजीवन चौहान चंद्र मोहन डोभाल पुष्पेंद्र पवार नागेंद्र मथुरा राजीव नयन पांडे गोदावरी रावत उत्सव सेमवाल उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कर्मचारी परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष श्री संतन सिंह रावत राकेश रावत परशुराम कोठारी नीरज मल अनिल पवार पुष्कर राज बहुगुणा अमित रावत के के राज संजय वर्मा आदि अनेक बाकक्ताओंने संबोधित किया।
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*श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मां चंडी देवी मंदिर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।*
• *नवरात्र पर्व से पहले व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश*
हरिद्वार/ देहरादून 19 सितंबर ।श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने हरिद्वार के नील पर्वत पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चंडी देवी मंदिर के दर्शन किये।
नवरात्र पर्व के मद्देनजर उन्होंने मां चंडी देवी मंदिर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा दर्शन व्यवस्था, यात्री सुविधाओं, का जायजा लिया मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, सीसीटीवी कैमरे तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, दर्शन पंक्ति में मेटिंग, अतिक्रमण की स्थिति की जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिये।
इससे पहले बीकेटीसी अध्यक्ष हरिद्वार स्थित राज्य अतिथि गृह डामकोठी पहुंचे जहां अधिकारियों ने उनकी अगवानी की तथा गंगा सभा सहित पर्वतीय समाज एवं हिंदु रक्षक दल पदाधिकारियों ने उनका भब्य स्वागत किया।डाम कोठी अतिथि गृह में अधिकारियों ने मां चंडी देवी यात्रा व्यवस्थाओंं के बावत बीकेटीसी अध्यक्ष को अवगत कराया।
मां चंडी देवी मंदिर निरीक्षण के दौरान बीकेटीसी अध्यक्ष ने भंडार कक्ष, कैश काउंटर , दर्शन पंक्ति, प्रसाद काउंटर, सीसीटीवी कक्ष, तथा कार्यालय व्यवस्थाओं एवं सुरक्षा व्यवस्थाओंं का स्थलीय निरीक्षण किया तथा देश के विभिन्न प्रांतों से आये श्रद्धालुओं से दर्शन एवं यात्रा व्यवस्थाओंं के विषय में फीड बेक लिया
निरीक्षण एवं समीक्षा के बाद बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए
कहा की देश के दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड चारधाम प्रगति पथ पर है बरसात की आपदा से उबरने के बाद चारधाम यात्रा सुचारू रूप से दूसरे चरण में चल रही है।अभी तक 41 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने चारधाम तथा 28 लाख ने श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धाम के दर्शन कर लिए है।
श्री बदरीनाथ एवं केदारनाथ धाम की तरह मां चंडी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं को सरल -सुगम दर्शन हो यह उनकी प्राथमिकता है।
कहा कि इसी वर्ष जून में उच्च न्यायालय नैनीताल ने मां चंडी देवी मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता एवं सुधार के लिए बीकेटीसी को देखभाल हेतु पर्यवेक्षक नियुक्त किया 2 जुलाई को मंदिर समिति ने बतौर रिसीवर मां चंडी मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार हेतु कार्मिक तैनात किये उसके बाद से मां चंडी देवी मंदिर की व्यवस्थाओं में तो सुधार हुआ है।साथ ही आय एवं यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हुई।
जुलाई माह में बीकेटीसी के पर्यवेक्षण के दो सप्ताह में चंडी देवी मंदिर ट्रस्ट की आय 42 लाख तक पहुंची।इस तरह उच्च न्यायालय की मंशा के अनुरूप मां चंडी देवी मंदिर की प्रबंधन व्यवस्था में बीकेटीसी अपना योगदान दे रही है इस अवसर पर मां चंडी देवी मंदिर परमार्थ ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, परिस्थितिक पर्यटन सलाहकार परिषद उपाध्यक्ष ओमप्रकाश जमदग्नि, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल का अंगवस्त्र, प्रसाद भेंटकर स्वागत किया।
निरीक्षण के पश्चात बीकेटीसी अध्यक्ष पैदल चलकर चंडीदेवी मंदिर मार्ग से वापस हरिद्वार पहुंचे तथा मार्ग की स्थिति का भी अवलोकन किया। मां चंडी देवी मंदिर मार्ग पर बीकेटीसी अध्यक्ष ने वृक्षारोपण भी किया।
इस अवसर पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट/बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, सिटी मजिस्ट्रेट कुस्म चौहान, एसपी सिटी प़कज गैरोला, एचआरडीसी सचिव मनीष कुमार मां च़डी देवी मंदिर ट्रस्ट के महंत भवानी नंदन गिरी, श्री गंगा सभा सचिव उज्जवल पंडित पर्वतीय समाज अध्यक्ष कैप्टन मानसिह रावत, सचिव दीपक नौटियाल, हिंदू रक्षक दल अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, पीआरओ अजय, निजी सचिव प्रमोद नौटियाल प्रशासनिक अधिकारी रमेश नेगी,बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़, अवर अभियंता विपिन कुमार, संजय भट्ट पार्षद सोनू शर्मा , राकेश कुकरेती देवेन्द्र कंडारी, सचिन सेमवाल, राहुल नेगी सहित वनविभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। [19/09, 3:51 pm] Indresh Zila Soochna DDN: ढाई घंटे का पैदल सफर कर फुलेत पंहुचकर डीएम ने सुनी जनता की समस्याएं
भूमि कटाव; फसल क्षति; भवन क्षति; पशु हानि आकलन एवं मुआवजे के लिए तहसीलदार; ब्लॉक प्रभारी कृषि; एडीओ उद्यान; जेई लोनिवी; अंतिम व्यक्ति को मुआवजा वितरण तक मौके पर ही रहेंगे तैनात
लोनिवी के अधिकारियों को भवनो को हुई क्षति की टेक्निकल रिपोर्ट आज ही प्रस्तुत करने के निर्देश
आपदा में मृतक एवं लापता लेबर का समुचित विवरण प्रस्तुत करने के एक्शन पीएमजीएसवाई को निर्देश
फुलेत में दैवीय आपदा में मलबे से ब्लॉक खाले एंव पैदल रास्ते खोलने के लिए पीएमजीएसवाई को मौके पर ही धन की स्वीकृति ; आज से ही कार्य चालू करने के निर्देश
विद्यालयों से संबंधित समस्याओं के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी को क्षेत्र का दौरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
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फुलेत, छमरोली, सिमयारी, सिल्ला, क्यारी, सिरोना, गांव की पगडंडी, खेत घुम डीएम ने जाना 4 हज़ार आपदा प्रभावित आबादी का दर्द;
हेली का विकल्प छोड़; दुर्गम रास्तों से पैदल तथा सड़क मार्ग से सफर कर आपदा से हुए नुकसान का लिया जायजा
ग्रामीण के आग्रह पर डीएम ने ग्रामीणों संग किया भोजन ; सरकार, प्रशासन हरहाल में प्रभावितों के साथ; दिया हर संभव सहायता का भरोसा
ढाई घंटे का पैदल सफर कर फुलेत, छमरोली, सिमयारी, सिल्ला, क्यारी, सिरोना, पंहुचकर डीएम ने सुनी जनता की समस्याएं
भूमि कटाव; फसल क्षति; भवन क्षति; पशु हानि आकलन एवं मुआवजे के लिए तहसीलदार; ब्लॉक प्रभारी कृषि; एडीओ उद्यान; जेई लोनिवी; सिंचाई विभाग के अधिकारी क्षति का आंकलन व अंतिम व्यक्ति को मुआवजा वितरण तक मौके पर ही रहेंगे तैनात
लोनिवी के अधिकारियों को भवनो को हुई क्षति की टेक्निकल रिपोर्ट आज ही प्रस्तुत करने के निर्देश
आपदा में मृतक एवं लापता लेबर का समुचित विवरण प्रस्तुत करने के एक्शन पीएमजीएसवाई को निर्देश
फुलेत में दैवीय आपदा में मलबे से ब्लॉक खाले एंव पैदल रास्ते खोलने के लिए पीएमजीएसवाई को मौके पर ही धन की स्वीकृति ; आज से ही कार्य चालू करने के निर्देश
विद्यालयों से संबंधित समस्याओं के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी को क्षेत्र का दौरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
मा0 मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकार के प्रथम रिस्पांडर के रूप में जनपद के सबसे दुर्गम आपदाग्रस्त क्षेत्र फुलेत पहुंचे डीएम
अभी तक प्रशासन द्वारा हेली सेवा के माध्यम से पहुंचाई जा रही थी राशन रसद;
जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी छमरौली तक दुर्गम रास्तों तथा छमरोली से लगभग 12 किमी पैदल रूट से प्रशासनिक अमले संग फुलेत पहुंचे डीएम
हेली सेवा का विकल्प छोड़ प्रशासन ने चुना दुर्गम एवं पैदल रूट
पैदल रूट नाप डीएम ले रहे हैं आपदा से हुई छति का जायजा; जनमानस की सुनी समस्याएं; अधिकारियों को जनजीवन सामान्य बनाने के निर्देश
ग्राउंड जीरो पर प्रशासनिक अमले संग डेट है डीएम सविन
पुलिया, पुल; सड़क पगडंडी सब धुल गई आपदा में;
गाढ; गदेरे; ढौंड; ढंगार पार कर डीएम पहुंचे आपदा प्रभावित परिवारों के पास; हर संभव सहायता का दिलाया भरोसा;
हर हाल में प्रभावितों के साथ खड़ी है सरकार; प्रशासन; युद्ध स्तर पर जनजीवन सामान्य बनाने के निर्देश
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कमिश्नर गढ़वाल ने लिया आपदा का जायजा
गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय ने शुक्रवार को आपदा प्रभावित मालदेवता – केसरवाला क्षेत्र का जायजा लिया। यहां गत दिनों नदी में आई बाढ़ से सड़क का एक हिस्सा बह गया था, जिस कारण मालदेवता क्षेत्र का रायपुर से सीधे सम्पर्क टूट गया था। लेकिन युद्धस्तर पर चले पुनर्निमाण कार्य के बाद, शुक्रवार सुबह यहां अस्थायी सड़क का निर्माण पूरा किए जाने के बाद यातायात भी खोल दिया गया है। गढ़वाल कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि, अस्थायी सड़क को सुविधाजनक बनाया जाए, साथ ही बरसात बाद तेजी से स्थायी सड़क का निर्माण किया जाए। उन्होंने सड़क को बाढ़ से बचाने के भी उपाय करने के निर्देश दिए। इस मौके पर मौजूद क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सभी विभागों ने दिन रात काम कर दो दिन में ही अस्थायी सड़क का निर्माण कर दिया है, इससे रायपुर के दूरस्थ गांवों के साथ ही टिहरी जिले के सकलाना क्षेत्र के लोगों को भी राहत मिलेगी। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का विशेष तौर पर आभार व्यक्त किया है। क्षेत्रीय विधायक ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि अभी बरसात के दिनों में रात के समय सड़क के इस हिस्से पर आवाजाही से बचें, जल्द ही स्थायी सड़क बनने के बाद यातायात पूर्व की तरह बहाल कर दिया जाएगा।
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*मा0 मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकार के प्रथम रिस्पांडर के रूप में जनपद के सबसे दुर्गम आपदाग्रस्त क्षेत्र फुलेत पहुंचे डीए*
*फुलेत, छमरोली, सिमयारी, सिल्ला, क्यारी, सिरोना, गांव की पगडंडी, खेत घुम डीएम ने जाना 4 हज़ार आपदा प्रभावित आबादी का दर्द;*
*हेली का विकल्प छोड़; दुर्गम रास्तों से पैदल तथा सड़क मार्ग से सफर कर आपदा से हुए नुकसान का लिया जायजा*
*ग्रामीण के आग्रह पर डीएम ने ग्रामीणों संग किया भोजन ; सरकार, प्रशासन हरहाल में प्रभावितों के साथ; दिया हर संभव सहायता का भरोसा*
*ढाई घंटे का पैदल सफर कर फुलेत, छमरोली, सिमयारी, सिल्ला, क्यारी, सिरोना, पंहुचकर डीएम ने सुनी जनता की समस्याएं*
*भूमि कटाव; फसल क्षति; भवन क्षति; पशु हानि आकलन एवं मुआवजे के लिए तहसीलदार; ब्लॉक प्रभारी कृषि; एडीओ उद्यान; जेई लोनिवी; सिंचाई विभाग के अधिकारी क्षति का आंकलन व अंतिम व्यक्ति को मुआवजा वितरण तक मौके पर ही रहेंगे तैनात*
*लोनिवी के अधिकारियों को भवनो को हुई क्षति की टेक्निकल रिपोर्ट आज ही प्रस्तुत करने के निर्देश*
*फुलेत में दैवीय आपदा में मलबे से ब्लॉक खाले एंव पैदल रास्ते खोलने के लिए पीएमजीएसवाई को मौके पर ही धन की स्वीकृति ; आज से ही कार्य चालू करने के निर्देश*
*अभी तक प्रशासन द्वारा हेली सेवा के माध्यम से पहुंचाई जा रही थी राशन रसद;*
*जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी छमरौली तक दुर्गम रास्तों तथा छमरोली से लगभग 12 किमी पैदल रूट से प्रशासनिक अमले संग फुलेत पहुंचे डीएम*
*ग्राउंड जीरो पर प्रशासनिक अमले संग डटे है डीएम सविन*
*आजादी के बाद से पहली बार किसी डीएम को अपने बीच पाकर भावुक हुए क्षेत्रवासियों, डीएम और प्रशासन का जताया आभार*
*देहरादून 19 सितंबर, 2025
जिलाधिकारी सविन बंसल शुक्रवार को पूरे प्रशासनिक अमले के साथ दुर्गम रास्ते और पगडंढियो से होते हुए 12 किलोमीटर पैदल चलकर आपदा प्रभावित सुदूरवर्ती गांव फूलेत और छिमरौली पहुंचे और आपदा पीडितों की आपबीती सुनी। जिलाधिकारी ने कहा कि दुःख की इस घडी में पूरा प्रशासन हर पल प्रभावितों के साथ खडा है। आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद एवं राहत पहुंचाने के साथ उनकी समस्याओ का प्राथमिकता पर निराकरण किया जाएगा। आजादी के बाद पहली बार किसी डीएम को अपने बीच पाकर दूरस्थ क्षेत्रवासी भावुक दिखे। क्षेत्रवासियों ने आपदा की इस घडी में प्रभावितों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए पूरे प्रशासन का आभार जताया।
जिलाधिकारी ने फूलेत और छमरौली में प्रभावितों की समस्याए सुनी। उन्होंने अधिकारियो को निर्देश दिए कि भूमि कटाव; फसल क्षति; भवन क्षति; पशु हानि आकलन एवं मुआवजा वितरण के लिए तहसीलदार; ब्लॉक प्रभार, एडीओ कृषि व उद्यान; जेई लोनिवि को अंतिम व्यक्ति को मुआवजा वितरण तक मौके पर ही स्टेशन रहने के निर्देश दिए। लोनिवि के अधिकारियों को भवनो को हुई क्षति की टेक्निकल रिपोर्ट आज ही प्रस्तुत करने को कहा। वही पीएमजीएसवाई को आपदा में मृतक एवं लापता मजदूरों का समुचित विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। दैवीय आपदा से मलबे से क्षतिग्रस्त पैदल रास्ते खोलने के लिए पीएमजीएसवाई को मौके पर ही बजट स्वीकृति प्रदान करते हुए आज से ही कार्य चालू करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई और लोनिवि को क्षतिग्रस्त मालदेवता-सेरकी सिल्ला-छमरौली फूलेत मोटर मार्ग पर दोनो तरफ से जेसीबी के साथ पाकलैंड मशीन लगाते हुए सडक को जल्द से जल्द सुचारु करने के निर्देश दिए। श्रेत्रवासियो ने बताया कि फूलेत में 4, सिमयारी मे एक ओर छमरौली में 02 घर क्षतिग्रस्त हुए है। आपदा में क्षतिग्रस्त पैदल रास्तो को दुरूस्त करने के लिए जिलाधिकारी ने ब्लाक के जेई को आपदा क्षेत्र में ही स्टेशन रहते हुए दो दिनो के भीतर सभी क्षतिग्रस्त रास्तो का आंगणन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि क्षतिग्रस्त रास्तो को ठीक कराने के लिए आपदा से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। फूलेत और छिमरौली में राशन की समस्या पर जिलाधिकारी ने आस्वस्त किया कि दोनों गांव के लिए हैली या खच्चर से जैसे भी होगा गांव की सस्ता गल्ला दुकानो तक एक दो दिन में राशन पहुंचाया जाएगा।

प्राथमिक विद्यालय छिमरौली और राइका भगद्वारा खाल तक पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने, स्कूल में शौचालय, पेयजल, शिक्षको एवं स्कूल की विभिन्न समस्याओं पर जिलाधिकारी ने डीईओ और बीईओ को कल ही स्कूल का निरीक्षण कर विद्यालय की सभी समस्याओ और आवश्यकताओ की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि विद्यालय की समस्याओ को शीघ्र दूर किया जाएगा। गांव में क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर, गूल एवं पेयजल लाईनों को ठीक करवाने हेतु डीएम ने लघु सिंचाई व पेयजल को त्वरित रूप से रेस्टोरेशन कार्यो को पूर्ण करने के निर्देश दिए।
फलेत और छमरौली गांव के निवासियों ने बताया कि पाल्या सेरा तोक में चार परिवार के घरों में दरारे पडी है। वही गांव मे नगदी फसल एवं खेतोँ को भारी नुकसान पहुंचा है। सडक क्षतिग्रस्त होने से हल्दी, अदरक, मिर्च, मटर आदि नगदी फसलें मंडी तक नहीं जा पा रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त हो गई है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, ईई विद्युत राकेश कुमार, लोनिवि, पीएमजीएसवाई सहित ब्लाक स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
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स्पेशल तहसीलदार , बीडीओ एंब अन्य विभागों के अधिकारी डीएम ने इसी आपदाग्रस्त क्षेत्र के लिए अग्रिम आदेश तक किए तैनात
आपदाग्रस्त क्षेत्र फुलेत, छमरोली, सिल्ला, सरोना, सिमयारी, क्यारा आदि में मूलभूत सुविधा बिजली; पानी; सड़क; नहर आदि सुविधाओं के पुनर्स्थापना तक आपदा ग्रस्त क्षेत्र में रहेंगे ही तैनात
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*सेवा पखवाडे पर पर्यटन विभाग उत्कृष्ट होम स्टे का चयन कर पुरस्कृत करेगा।*
जिला पर्यटन अधिकारी बृजेन्द्र पांडेय ने बताया कि 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2025 तक सेवा पखवाड़ा के अवसर पर उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद्, देहरादून द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में पर्यटन विभाग, देहरादून द्वारा जनपद देहरादून में संचालित होम स्टे का चयन कर पुरूस्कृत किया जाना है। जनपद देहरादून के होम स्टे संचालक उक्त प्रतियोगिता में प्रतिभाग हेतु जनपद देहरादून के लिंक https://forms.gle/z32GEzj3sU1rFsg36 पर अपनी प्रविष्टि दिनांक- 22.09.2025 की मध्य रात्रि तक ऑनलाईन प्रेषित कर सकते हैं। चयनित होम स्टे के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
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उपचार में खर्च हुई रकम बताने व बेहतर सुविधा को मोर्चा ने दी स्वास्थ्य प्राधिकरण में दस्तक #अस्पतालों द्वारा की जा रही लूट को लेकर भी जताया आक्रोश| #आयुष्मान के तहत बाह्य रोगियों को नहीं मिल पाती वेंटीलेटर/ आईसीयू की सुविधा |
देहरादून- आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को बेहतर सुविधा दिलवाने, आपात स्थिति में मरीज को आईसीयू/वेंटीलेटर सुविधा मुहैया कराने, मरीज के इलाज में खर्च हुई रकम का ब्यौरा डिस्चार्ज के समय उपलब्ध कराने व अस्पताल प्रबंधननों द्वारा मरीजों से की जा रही लूट को लेकर जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएचए) के अध्यक्ष ए. एस. ह्यांकी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा | ह्यांकी ने इस मामले में बेहतर मॉनिटरिंग, ब्यौरा उपलब्ध कराने व मरीजों से की जा रही लूट के मामले में कार्यवाही का भरोसा दिलाया| नेगी ने कहा कि आयुष्मान के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों द्वारा मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज के समय इलाज में खर्च हुई धनराशि का ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया जाता,जिससे अस्पताल प्रबंधन इलाज के नाम पर सरकार को चूना लगाने का काम करते हैं | अक्सर बाह्य रोगियों को आपात स्थिति में ये अस्पताल वेंटिलेटर/ आईसीयू की सुविधा उपलब्ध कराने में आनाकानी करते हैं, जिससे इलाज न मिलने के कारण मरीज की मौत हो जाती है, जबकि निजी स्वास्थ्य कार्ड धारकों व नगद भुगतान वाले आदि मरीजों को प्राथमिकता दी जाती है | नेगी ने कहा कि कई अस्पतालों ने तो मानवता को भी शर्मसार करने का काम किया है, उनकी नजर में मरीज जिंदा रहे या मरे,उनका उद्देश्य तो सिर्फ सरकार व मरीज को लूटना रह गया है| मोर्चा मरीजों को इनके हाथों लुटने नहीं देगा एवं सरकारी धन भी हड़पने नहीं देगा |


