LIVE: मालदेवता, देहरादून में अतिवृष्टि से हुए जलभराव एवं भू-कटाव वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण*
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*LIVE: देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में आयोजित इण्डियन AI समिट “AI – Faith & Future”*
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अतिवृष्टि से प्रभावित देहरादून जनपद के मालदेवता क्षेत्र एवं केसरवाला का स्थलीय निरीक्षण कर वहाँ की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा स्थानीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों, पुलों एवं सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे आमजन के जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र चालू किया जाए, सुरक्षित पेयजल व बिजली की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व प्रशासन की टीम निरंतर फील्ड में सक्रिय है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत, बचाव व पुनर्वास कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आपदा से निपटने हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
मुख्यमंत्री राज्य आपदा परिचालन केंद्र और विभिन्न जिलों की परिस्थितियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं एवं सभी जिलाधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को तात्कालिक प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक श्री उमेश शर्मा ‘काऊ’, गढ़वाल आयुक्त श्री विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने तहसील स्तर पर जनता से किया वर्चुअल संवाद*
*प्रदेशवासियों के हक़ और संसाधनों की सुरक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री*
*आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच है तहसील दिवस*
*सेवा पखवाड़ा समाज को जोड़ने और सेवा भाव को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम*
*आपदा प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण है राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेशभर की सभी तहसीलों में आयोजित तहसील दिवस कार्यक्रमों में वर्चुअल प्रतिभाग कर जनता से संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि तहसील दिवस आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच है तथा सरकार का लक्ष्य है कि हर शिकायत का तय समय में निस्तारण हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील दिवस पर आमजन की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो, ताकि लोगों को अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला मुख्यालय, शासन न जाना पड़े। उन्होंने कहा सभी ने मिलकर तहसील दिवस को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा शिकायतों का त्वरित समाधान के साथ ही अन्य शिकायतों का नियमित फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर समस्या न रहे। उन्होंने कहा सभी अधिकारी तहसील दिवस को गंभीरता से लें। यह दिवस सरकार की जनसेवा की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अपात्र व्यक्ति जिन्होंने गलत जानकारी के आधार पर आयुष्मान, राशन कार्ड, स्थायी निवास, जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज बनाए हैं। उन्हें भी चिन्हित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के हक़ और संसाधनों की सुरक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि, नदी-नालों की ज़मीनों तथा अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अतिक्रमण रोकने के लिए कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण से संबंधित मामलों पर तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न न हों।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों में भूमि विवादों के निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए। जिसमें पुलिस विभाग, वन विभाग और सिंचाई विभाग आदि के अधिकारी भी सदस्य होंगे। उन्होंने कहा यह समिति सरकारी भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए जिम्मेदार होगी। साथ ही निजी भूमि के विवाद का निस्तारण भी इस समिति द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश भर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सेवा पखवाड़ा में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करें और जनहित में चलाए जा रहे कार्यक्रमों को सफल बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा समाज को जोड़ने और सेवा भाव को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में हमारा राज्य आपदा से जूझ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से हुए नुकसान का त्वरित आकलन किया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को गति दी जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी आपदा प्रभावित परिवारों के साथ संवाद करने एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बीडीसी और जिला पंचायत की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में भागीदारी से अधिकारियों को ग्राम स्तर पर उत्पन्न होने वाली वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलेगी और उनके समाधान की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाई जा सकेगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, डीजीपी श्री दीपम सेठ, सचिव श्री शैलेश बगौली, सचिव श्री विनय शंकर पांडे, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी, एवं वर्चुअल माध्यम से प्रत्येक तहसील से अधिकारी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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*जन्मदिवस पर प्राकृतिक आपदा के मोर्चे पर जूझते रहे मुख्यमंत्री धामी*
*मुख्यमंत्री ने तहसील दिवस में जुड़े लोगों से भी किया वर्चुअल संवाद*
*सुबह ही देहरादून के आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने निकले सीएम धामी*
16 सितंबर को अपने 50वें जन्मदिवस के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सुबह से ही प्रदेश में आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर जूझते नजर आए। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने सुबह ही आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के साथ ही अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य के लिए आवश्यक दिशा- निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक दिन पहले ही मंगलवार 16 सितम्बर को पड़ने वाले अपने जन्मदिवस अवसर पर किसी प्रकार का उत्सव या औपचारिक आयोजन नहीं करने का निर्णय ले चुके थे। मुख्यमंत्री ने अपना जन्मदिन सादगी और सेवा के साथ मनाने की घोषणा करते हुए, समर्थकों से भी सादगी का पालन करने की अपील की थी। इधर, मंगलवार तड़के से ही प्रदेश में कई जगह आपदा की सूचना आने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी जन्मदिन की खुशियों को भूलकर, आपदा प्रबंधन में व्यस्त हो गए। मुख्यमंत्री ने तड़के ही जिलाधिकारियों से आपदा से हुए, नुकसान का विवरण पूछा। साथ ही नौ बजे से पहले ही देहरादून में मालदेवता क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए निकल गए। इस दौरान उन्होंने ट्रैक्टर पर चढ़कर, नुकसान का जायदा लिया, साथ ही प्रभावितों को हर संभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास से प्रदेशभर की सभी तहसीलों में आयोजित तहसील दिवस कार्यक्रमों में वर्चुअल प्रतिभाग कर जनता से संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनक त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि तहसील दिवस आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच है तथा सरकार का लक्ष्य है कि हर शिकायत का तय समय में निस्तारण हो।
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*प्रधानमंत्री सहित दिग्गजों ने दी शुभकामनाएं*
प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित गणमान्य लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं प्रेषित की है। अपने शुभकानाए संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, मख्यमंत्री धामी उत्तराखंड के चहुंमुखी विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री धामी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीब कल्याण के साथ देवभूमि की प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी, धर्मेंद्र प्रधान, मनोहर लाल खट्टर, डॉ मनसुख मांडविया, उत्तराखंड के राज्यपाल लेज (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, गोवा के सीएम प्रमोद सावंत, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा, एमपी के सीएम डॉ मोहनलाल यादव, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई अन्य दिग्गजों ने भी मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकानाएं प्रेषित की हैं।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। विश्वकर्मा जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती न केवल एक धार्मिक अवसर है, बल्कि यह कर्मशीलता, रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का उत्सव भी है। विश्वकर्मा जयंती का यह पर्व प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले उद्यमियों, शिल्पियों व श्रमवीरों को सम्मानित करने का भी अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयन्ती हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें सिखाता है कि हर रचना, हर निर्माण एक तपस्या है। इस अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना होगा कि शिल्प, कला, विज्ञान और तकनीक के अधिष्ठाता विश्वकर्मा द्वारा दिखाए गए जनकल्याण के मार्ग को अपनाकर देश एवं उत्तराखण्ड की उन्नति में योगदान देने का प्रयास करें।
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*LIVE: राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून से प्रदेश भर में हुई अतिवृष्टि के बाद चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए*
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*सरकार आपदा प्रभावितों के साथ, राहत एवं बचाव कार्यों में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर- मुख्यमंत्री*
*मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन से ली नुकसान तथा राहत और बचाव कार्यों की जानकारी*
देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन से राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य जनपदों में मंगलवार रात अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो लोग भी प्रभावित हुए हैं, उन्हें तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। जो लोग लापता हुए हैं, उनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए की राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का दौरा करें और लोगों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए सभी जनपदों में विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखने तथा जनपदों व विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
वहीं, माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अतिवृष्टि से प्रभावित देहरादून जनपद के मालदेवता क्षेत्र एवं केसरवाला का स्थलीय निरीक्षण कर वहाँ की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा स्थानीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों, पुलों एवं सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे आमजन के जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र चालू किया जाए, सुरक्षित पेयजल व बिजली की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।
माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व प्रशासन की टीम निरंतर फील्ड में सक्रिय है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत, बचाव व पुनर्वास कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आपदा से निपटने हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
माननीय मुख्यमंत्री राज्य आपदा परिचालन केंद्र और विभिन्न जिलों की परिस्थितियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं एवं सभी जिलाधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को तात्कालिक प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान माननीय मुख्यमंत्री के साथ विधायक श्री उमेश शर्मा ‘काऊ’, गढ़वाल आयुक्त श्री विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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*मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन पहुंचे कंट्रोल रूम*
*राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की*
देहरादून। राज्य में हो रही लगातार अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों एवं जिलों के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेते हुए राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण अनेक क्षेत्रों में सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र खोला जाए, पेयजल, बिजली और दूरसंचार सेवाओं को प्राथमिकता पर बहाल किया जाए। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं एवं आवश्यक राहत सामग्री की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं आपदा की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री ने देहरादून जिले के मालदेवता और केसरवाला क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की है तथा प्रभावित नागरिकों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि शासन और प्रशासन की टीमें फील्ड में पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रही हैं। नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रभावित नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करें।
*कंट्रोल रूम से राहत और बचाव कार्यों की निगरानी*
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन मंगलवार सुबह ही अपनी टीम के साथ कंट्रोल रूम पहुंचे
देहरादून। राज्य में लगातार हो रही अतिवृष्टि के चलते उत्पन्न आपदा की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र मंगलवार तड़के से ही सक्रिय दिखा। राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य हिस्सों में अतिवृष्टि से बाढ़ तथा मलबा आने की जैसे ही सूचना मिली, सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन अपनी टीम के साथ नियंत्रण कक्ष पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जिलों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि जलभराव, भूस्खलन, मार्ग अवरोध और अन्य समस्याओं की त्वरित जानकारी मिल सके और उनके समाधान हेतु तत्काल कार्रवाई की जा सके।
पेयजल, बिजली, संचार सेवाओं और चिकित्सा सहायता जैसे आवश्यक विषयों पर प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री आनंद स्वरूप, क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबेदुल्लाह अंसारी तथा यूएसडीएमए के विशेषज्ञ नियंत्रण कक्ष में उपस्थित रहकर विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहे हैं। राहत एवं बचाव दलों को अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करने को कहा गया है। बाढ़ में बहकर लापता हुए लोगों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंकी है। खतरे वाले स्थानों से लोगों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों की सभी आवश्यकताओं का ख्याल रखा जा रहा है।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य उत्पादन एवं कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अनिल डब्बू ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर डॉ. अनिल डब्बू ने राज्य में विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों की सहायता हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹1 करोड़ (एक करोड़ रुपये) की सहयोग राशि भेंट की।

मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए विपणन बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान आपदा प्रभावितों के प्रति संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक है। उन्होंने कहा कि राज्य में हाल ही में हुई अतिवृष्टि व आपदाओं से प्रभावित परिवारों की सहायता एवं पुनर्वास के लिए यह सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार आपदा की हर स्थिति से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में शासन, प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं तथा जनप्रतिनिधियों का सहयोग सराहनीय है। उन्होंने सभी संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे आगे आकर इस पुनीत कार्य में योगदान दें।
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*सीएम धामी मंगलवार देर रात पहुँचे आपदा परिचालन केंद्र ( SEOC) , अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की*
” *आपदा की घड़ी में हर पीड़ित के साथ है सरकार” – सीएम पुष्कर सिंह धामी*
” *राहत-बचाव कार्यों में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर” – मुख्यमंत्री ने दिए युद्धस्तर पर कार्रवाई के निर्देश*
*देहरादून समेत राज्यभर में SDRF और प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया – सीएम धामी*
*प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह ने सीएम धामी से की बातचीत, हरसंभव मदद का आश्वासन*
*लापता लोगों की खोज और फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश – सीएम*
*राहत शिविरों में भोजन, पानी, चिकित्सा और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश*
*मुख्यमंत्री ने नुकसान का लिया जायज़ा, कंट्रोल रूम से पूरे प्रदेश की स्थिति पर रखी नजर*
*SDRF व बिजली विभाग की कार्यशैली की मुख्यमंत्री ने की सराहना*
” *अगले 3 दिनों में सभी जिलों में रहे पूरी तरह सतर्कता, मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ किया जाए” – सीएम धामी*
*आपदा बचाव में साहसिक कार्य करने वाले नागरिकों को भी किया जाए सम्मानित*
*सीएम ने पेयजल विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जल्द से जल्द आपूर्ति के साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की निरंतर जांच करने के निर्देश दिए*
*स्वास्थ्य विभाग को भी आपदा के बाद होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए*
देहरादून सहित प्रदेशभर में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार देर रात्रि को राज्य आपदा परिचालन केंद्र (SEOC) पहुँचे। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा कंट्रोल रूम में राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य जनपदों में मंगलवार रात अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो लोग भी प्रभावित हुए हैं, उन्हें तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। जो लोग लापता हुए हैं, उनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए की राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का दौरा करें और लोगों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए सभी जनपदों में विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखने तथा जनपदों व विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाई जाए तथा सभी आवश्यक संसाधनों को सक्रिय किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बचाव कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए है | उन्होंने आपदा बचाव में साहसिक कार्य करने वाले नागरिकों को भी किया जाए सम्मानित करने की बात कही | सीएम ने पेयजल विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जल्द से जल्द आपूर्ति के साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की निरंतर जांच करने के निर्देश दिए है | मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष हिदायत देते हुए कहा कि विभाग को आपदा के बाद फैलने वाली संभावित बीमारियों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है | इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर ले |
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि शासन और प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा राहत शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फील्ड पर कार्य कर रही टीमें, विशेषकर SDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के कर्मचारियों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सभी टीमें समन्वित रूप से कार्य करें और जनता को हर संभव सहायता प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ने आमजन से भी अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के साथ है और संकट की इस घड़ी में हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की आदतन जानकारी ली |
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव, सचिव आपदा प्रबंधन NDRF, SDRF के अधिकारी सहित वर्चुअल माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


