एकता विहार धरना स्थल, देहरादून
दिनांक: 16 सितंबर 2025
LUCC चिटफंड घोटाले की पीड़ित महिलाओं ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन — महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती ज्योति रौतेला के नेतृत्व में न्याय की मांग तेज
उत्तराखंड के बहुचर्चित LUCC चिटफंड घोटाले में ठगी की शिकार हजारों महिलाओं ने आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती ज्योति रौतेला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपा गया, जिसमें पीड़ितों की पीड़ा, दस्तावेज़ी साक्ष्य और न्याय की मांग को प्रमुखता से रखा गया।
LUCC (Loni Urban Multi-State Credit & Thrift Co-operative Society) द्वारा प्रदेशभर में फैली 37 शाखाओं के माध्यम से ₹1200 करोड़ से अधिक की ठगी की गई, जिसमें अधिकांश निवेशक महिलाएं हैं। कंपनी के प्रमोटर्स विदेश भाग चुके हैं और अब पीड़ित महिलाएं न्याय की आस में सड़कों पर हैं।
पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और चमोली जैसे जिलों से आई महिलाएं पिछले 90 दिनों से पंडित दीन दयाल पार्क में धरने पर थीं और पिछले 8 दिनों से एकता विहार धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटी हुई थीं। प्रशासनिक अनदेखी के बावजूद उन्होंने अपने संघर्ष को जारी रखा।
ज्योति रौतेला का हस्तक्षेप बना निर्णायक

महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती ज्योति रौतेला ने आंदोलन को न केवल समर्थन दिया, बल्कि रणनीतिक नेतृत्व भी प्रदान किया। उनके प्रयासों से मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मिला और ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख मांगें शामिल थीं:
* सीबीआई जांच जल्द शुरू की जाए।
– सभी सुविधा केंद्र संचालकों की जांच की जाए जो अंडरग्राउंड हैं और स्वयं को निर्दोष बता रहे हैं; उनकी संपत्तियों को कुर्क किया जाए।
– उत्तराखंड सरकार द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाए ताकि जनता को पारदर्शिता का भरोसा मिल सके।
– प्रमुख आरोपी समीर अग्रवाल को इंटरपोल के माध्यम से भारत वापस लाया जाए तथा उसकी संपत्तियों को तत्काल कुर्क किया जाए।
– LUCC की सभी शाखाओं और निवेशकों की सूची सार्वजनिक की जाए।
– दोषियों की गिरफ्तारी हो और निवेशकों के निवेश की वापसी सुनिश्चित की जाए।
ज्योति रौतेला का बयान
> “यह सिर्फ आर्थिक धोखा नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा और भरोसे पर हमला है। हम तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक हर पीड़िता को न्याय नहीं मिल जाता।”
भूख हड़ताल समाप्त, अब कार्मिक अनशन जारी
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से CBI जांच को लेकर हुई बातचीत और मिले आश्वासन के बाद पीड़ित महिलाओं ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर कार्मिक अनशन पर बैठने का निर्णय लिया।
इस मौके पर दर्जनों पीड़ित महिलाएं उपस्थित रहीं, जिनमें प्रमुख रूप से संगीता, सुशील रावत, आरती भट्ट, आशा देवी, हौसला, कविता, उर्मिला देवी, रजनी बिष्ट, कांता देवी, उमेंद्र सिंह, रोशनी, बबीता भट्ट आदि शामिल थीं।
विपक्ष और पक्ष की लड़ाई में प्रदेश की कानून व्यवस्था का हो रहा है बुरा हाल।
: पिछले महीने 14 अगस्त को बेतालघाट में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान भाजपा के गुंडों ने ‘मित्र’ पुलिस के सामने ही लोकतंत्र और नागरिक सुरक्षा को ठेंगा दिखाते हुए महेन्द्र सिंह बिष्ट जी पर बेरहमी से दो गोली चलाकर उन्हें घायल कर दिया।
उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री करन माहरा जी आज बिष्ट जी का कुशलक्षेम जानने ग्राम छड़ा स्थित उनके आवास पर गए।
इस दौरान श्री करन माहरा जी ने कहा कि यह कोई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि भाजपा द्वारा योजनाबद्ध तरीके से अराजकता फैलाने की साज़िश थी। वायरल वीडियो में दो युवक खुलेआम गोलियां चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनमें से एक ने काली शर्ट और दूसरे ने सफेद शर्ट पहनी थी। चौंकाने वाली बात यह है कि सफेद शर्ट पहने युवक को बचाने की पूरी कोशिश प्रशासन द्वारा की जा रही है। इस घिनौनी घटना के 16 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन एक महीने से अधिक बीत जाने के बावजूद मात्र 9 आरोपियों को ही गिरफ्तार किया जा सका। रसूखदार आरोपियों के साथ ‘मित्र’ पुलिस की मित्रता खुलकर सामने आ रही है, जबकि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिस दरोगा ने साहस दिखाकर भाजपा गुंडों को गिरफ्तार किया और रिपोर्ट सौंपी थी, उन्हें भी बेवजह ट्रांसफर कर दिया गया। अब सवाल यह उठता है कि आखिर किस आधार पर दरोगा का यह ट्रांसफर किया गया, क्या यह भाजपा सरकार का सीधा हस्तक्षेप नहीं है? सरकार-प्रशासन लगातार यह दावा कर रहे हैं कि इस पूरे मामले की सीबीसीआईडी जांच चल रही है, लेकिन ऐसा कौन सा जांच तंत्र है जिसमें अभी तक गोली मारकर घायल किए गए पीड़ित महेन्द्र सिंह बिष्ट जी से एक भी अधिकारी बयान लेने नहीं गया?
जबकि रानीखेत विधायक के दो भांजे इस पूरी अराजकता में शामिल थे, तब यह जांच कितनी निष्पक्ष मानी जा सकती है? यह एक सिस्टमेटिक षड्यंत्र है, जिसमें भाजपा के अपराधी नेता खुलेआम कानून और व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, प्रशासन उनके साथ सांठगांठ निभा रहा है और आम जनता की आवाज़ दबाई जा रही है। विधायक के दोनों भांजों से अभी तक पूछताछ क्यों नहीं हुई ?
श्री करन माहरा जी ने आगे कहा कि यह सब साफ संकेत देता है कि भाजपा सत्ता के नशे में चूर होकर लोकतंत्र की हत्या करने में लगी है और प्रशासन उसके साथ सांठगांठ निभा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट हो गया है कि यदि भविष्य में महेन्द्र सिंह बिष्ट जी के साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो उसकी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ भाजपा सरकार और प्रशासन की होगी। जनता अब भाजपा के अपराधीकरण, गुंडागर्दी, और लोकतंत्र विरोधी रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगी। यह समय आ गया है जब जनता की आवाज़ को दबाने का भाजपा का नकारात्मक खेल समाप्त हो। दोषियों को सजा दिलाई जाए, पीड़ित परिवार को न्याय मिले और भाजपा नेताओं द्वारा फैलायी जा रही अराजकता पर अंकुश लगाया जाए। भाजपा को समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र की भावना पर थूंकने वाले दिन अब समाप्त हो चुके हैं। जनता अब जाग चुकी है और वह भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज़ बुलंद करेगी।
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🕯 नन्ही परी को न्याय दो।
2014 में काठगोदाम के शीशमहल क्षेत्र में एक विवाह समारोह के दौरान 6 साल की मासूम बच्ची नन्ही परी को अगवा कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। यह घटना उत्तराखंड के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।
लोअर कोर्ट और हाई कोर्ट ने इस मामले में मुख्य आरोपी अख्तर अली को फांसी की सजा सुनाई थी जिससे पीड़िता के परिवार और समाज को न्याय की उम्मीद जगी थी। लेकिन आज, 11 वर्षों बाद, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आरोपी को बरी कर देना न्याय व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े करता है और पीड़िता के परिवार की पीड़ा को और बढ़ा देता है।
इस अन्याय के खिलाफ और नन्ही परी को न्याय मिले आज शाम 6:30 बजे एक कैंडल मार्च निकाला जा रहा है जिसमें आप सब की उपस्थिति प्रार्थनीय रहेगी ।
स्थान: [कांग्रेस भवन से घंटाघर]
समय: आज शाम 6:30 बजे
निवेदक:
ज्योति रौतेला अध्यक्ष
प्रदेश महिला कांग्रेस


