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मजबूर फरियादी, संवेदनशील डीएम, सशक्त प्रशासन; त्वरित एक्शन जानिए सभी समाचार

Pahado Ki Goonj

देहरादून दिनांक 08 जुलाई 2025जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशन में के आज जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड

हेल्प लाइन 1098, द्वारा ऋषिकेश के भिक्षावृत्ति बाहुल्य क्षेत्र गरुड़ चट्टी पुल,लक्ष्मण झूला पुल, त्रिवेणी घाट व इंद्रमणी बडोनि चौक मे भिक्षावृत्ति उन्मूलन हेतु जन जागरुकता अभियान चलाया गया।

जिसमें जन मानस को भिक्षा न देने , बाल श्रम, बाल विवाह रोक थाम, नशा मुक्ति अभियान चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 का प्रचार प्रसार किया गया। जिसमें कि डीसीपीयू, चाइल्ड हेल्प लाइन, आसरा ट्रस्ट और एएचटीयू के कार्मिक उपस्थित थे। जन जागरुकता अभियान के दौरान एक बालक वो दो बालिकाएं इंद्रमणी चौक व एक बालक लक्ष्मण झूला पुल पर भिक्षावृत्ति व बालश्रम करते हुए पाए गए जिनको रेस्क्यू करते हुए काउंसलिंग की गई।
जिला प्रशासन की रेस्क्यू टीम द्वारा आज ऋषिकेश से आठ बच्चे रेस्क्यू किए गए हैं। ऋषिकेश में अक्टूबर 2024 से जून 2025 तक बाल श्रम में 12 बच्चे तथा भिक्षावृत्ति में 17 बच्चे रेस्क्यू किए गए हैं।
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन की भिक्षावृति उन्मूलन टीम द्वारा बाल मजदूरी एवं भिक्षावृति करते पाए गए बच्चों को रेस्क्यू किया जा रहा है. तथा इसके लिए डेडीकेटेड वाहन है जो निरंतर पेट्रोलिंग कर रहे हैं. जो भिक्षावृति बाल मजदूरी करते बच्चों को रेस्क्यू करते हैं। जिला प्रशासन द्वारा भिक्षावृति एवं बाल मजदूरी उन्मूलन अभियान के तहत जनपद देहरादून के शहरों में भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को रेस्क्यू कर माइक्रो प्लान के तहत साधु राम इंटर कॉलेज में आधुनिक इनेसेटिव केयर सेन्टर में विशेषज्ञों के द्वारा बच्चों के मन को रिफॉर्म कर रहे है। आधुनिक इन्टंेसिव केयर सेंटर के 19 बच्चे, शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ते हुए स्कूल में मिला दाखिला दिलाया गया है। सेन्टर में जहां कम्प्यूूटर, संगीत, योगा, गेम्स, प्राजेक्टर से बच्चे शिक्षा में विलीन हो रहे हैं तथा एक्टिविटी बेस्ट लर्निंग से बच्चों में सीख रहे है। अब तक 231 से अधिक बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कर, इन्टेंसिव केयर सेंटर के माध्यम से मुख्यधारा में जोड़ा जा रहा है।

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जिलाधिकारी  के निर्देशन में आज दिनांक 08/7/2025 को भिक्षावृत्ति में लिप्त चार बालकों को हनुमान मंदिर बसं त विहार, ISBT से भिक्षावृत्ति रेस्क्यू टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया बच्चों कि GD व मेडिकल करवा कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया तीन बालक को राजकीय शिशु सदन मे एक बालक को समर्पण खुला आश्रय मे रखवाया गया है।

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*पंचायत चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी ने की तैयारियों की समीक्षा।*

*निर्वाचन तैयारियों को त्रुटिरहित समयबद्धता से पूर्ण करने के दिए निर्देश।*

*देहरादून 08 जुलाई, 2025
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारर्शिता के साथ संपन्न कराने को लेकर जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी (पं0) सविन बंसल ने मंगलवार को विभिन्न प्रकोष्ठ प्रभारियों एवं सहायक प्रभारियों की बैठक लेते हुए अब तक किए गए कार्याे की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्वाचन की सभी तैयारियों को त्रुटिरहित समयबद्धता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का भंली भांति अनुश्रवण किया जाए। निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। बरसात को देखते हुए सड़क निर्माणदायी एजेंसियों को सभी संवेदनशील स्थलों में पर्याप्त संख्या में मैनपावर और मशीनरी की तैनाती करने, वैकल्पिक एवं पैदल मार्गाे को सुचारू रखने और मतदान दिवस के लिए विशेष कंटीजेंसी प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी पोलिंग बूथों पर मूलभूत सुविधा यथा बिजली, पानी, शौचालय, फर्नीचर आदि व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी एसडीएम एक बार पुनः इसका निरीक्षण करें। पोलिंग बूथों पर जो कार्य शेष है उनको जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। सभी एसडीएम व सीओ पुलिस मिलकर संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदेय स्थलों का अपने स्तर पर समीक्षा कर लें। कम्यूनिकेशन प्लान के साथ ही पोलिंग पार्टियों की रवानगी, वापसी, स्ट्रांग रूम और मतगणना के लिए टेबल निर्धारण संबंधी पूरा प्लान तैयार किया जाए और निर्वाचन से जुड़े कार्याे को समयबद्वता के साथ त्रुटिरहित पूरा करें। रूट चार्ट के अनुसार हेल्थ प्लान एवं पोलिंग पार्टियों के लिए हेल्थ किट तैयार की जाए।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम से निर्वाचन सूचनाओं का नियमित संकलन एवं समय पर प्रेषण करने के निर्देश दिए। इस दौरान कार्मिकों प्रशिक्षण कार्यक्रम, मतपत्र, मतदान सामग्री सहित प्रभारी अधिकारियों के माध्यम से अभी तक की गई अन्य निर्वाचन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि जिले के सभी 06 विकास खंडों में कुल 409 ग्राम पंचायत है, जिनमें 1090 मतदेय स्थल बनाए गए है। इसमें से 271 संवेदनशील और 322 अति संवेदनशील मतदेय स्थल है। इन सभी मतदेय स्थलों पर 262628 महिला, 282730 पुरूष, 14 अन्य सहित कुल 545372 मतदाता पंजीकृत है।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, एसपी रेनू लोहनी, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, एसडीएम प्रत्यूष, एसडीएम अपर्णा ढौडियाल, सीईओ विनोद कुमार ढ़ौडियाल सहित निर्वाचन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं के अधिकारी उपस्थित थे।

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मा0 मुख्यमंत्री की त्वरित न्याय कार्यशैली से प्रेरित जिला प्रशासन के जनहित में एक के बाद एक धुआंधार एक्शन जारी

प्रशासन का रौद्ररूप देख दोड़ने लगी वर्षों से दबी भूमि फर्जीवाड़े की फाईलें; पुलमा देवी के नाम चढाई भूमिधरी

मजबूर फरियादी, संवेदनशील डीएम, सशक्त प्रशासन; त्वरित एक्शन

वर्षों से न्याय को भटक रही पुलमा देवी को न्याय; अवस्थापना खण्ड ने तहसील को भेजा भूमिधरी सुधारीकरण पत्र; तहसील ने भूमिधरित में चढाया फरियादी का नाम

डीएम के हाथ पंहुचे गर्दन तक, तब टिहरी बांध पुर्नवास विभाग को याद आए अपने दायित्व;

 

Tehri जनपद  प्रतापनगर परगना  के लिखवार गाँव  भदुरा के निवासियों के जीवन यापन करने के  लिए दिये गये अधिकार के पालन करने की छूट मिलने पर   रुकेगा पलायन

डीएम ने पकड़ा था भूमि फर्जीवाड़ा खेल, घोर लापरवाही पर अधीक्षण अभियंता (टिहरी बांध पुर्नवास) का वाहन कर लिया था जब्त; पुनर्वास परियोजना अधिकारियों को लिया डीएम ने आड़े हाथः

अवस्थापना पुनर्वास खण्ड ऋषिकेश का कारनामा; एक व्यक्ति जिसने अपनी भूमि 2007 में विक्रय की, बिना जांच के 2019 में उसी के नाम चढावा दी थी दोबारा भूमिधरी;

अब तहसील को भेजा स्वामित्व सुधारीकरण पत्र; उसी दिन हो गया महिला का इद्रांज

डीएम ने एसडीएम अपूर्वा को सौंपी अग्रेतर क्रिमनल प्रोसेडिंग;
देहरादून 08 जुलाई, 2025(सू.वि.), जिलाधिकारी सविन बसंल भूमि फर्जीवाड़ा की शिकायतों पर सख्त रूख अपनाएं हुए हैं। विगत दिवस जनता दर्शन में शास्त्रीनगर तपोवन निवासी फरियादी पुलमा देवी प्रकरण में जिला प्रशासन ने सख्ताई दिखाते हुए अब भूमि प्रकरण में जाचं कराई तथा भूमि को फरियादी के नाम चढवा दिया हैं। फरियादी ने फुलसनी में 2007 में भूमि क्रय कि थी जिसकी रजिस्ट्री भी है, जो आवासीय भूमि टिहरी विस्थापित को आंविटत की गई थी, वर्ष 2020 में भूमि स्वामी द्वारा वही भूमि किसी अन्य को विक्रय कर दी। इस गंभीर एवं संदिग्ध प्रकरण पर डीएम ने जांच कराई। जून माह के द्वितीय जनता दर्शन में डीएम के संज्ञान में आया था पुलमा देवी प्रकरण। डीएम का रौद्र रूप देख अवस्थापना (पुनर्वास) खण्ड ऋषिकेश द्वारा अपनी 2019 में की गई भूल को सुधारते हुए पुर्नवास विभाग ऋषिकेश ने 07 जुलाई तहसील विकासनगर को भूमिधरि दुरस्त करने हेतु पत्र लिखते हुए वर्ष 2019 में चढाई गई भूमिधरि को निरस्त करने तथा 2019 के उपरान्त हुए नामांन्तर को निरस्त करते हुए दुरस्ती करने का अनुरोध किया गया है, जिस तहसील प्रशासन द्वारा अभिलेखों में दुरस्तीकरण कर लिया गया है।
डीएम जांच में खुलासा हुआ कि अधिशासी अभियंता अनुसंधान एवं नियेाजन खण्ड ऋषिकेश द्वारा चन्दरू पुत्र अमरू को ग्राम फुलसनी में खसरा न0 399 च0मि0 में 200 वर्गमीटर भूखण्ड ग्रामीण पुनर्वास ऋषिकेश के द्वारा मार्च 2007 में आवासीय भूखण्ड स0 44, 200 वर्म मी0 आंवटित कर माह अपै्रल 2007 में कब्जा दिया गया था। वरिष्ठ प्रबन्धक (पुनर्वास) टिहरी बांध परियोजना केदारपुर देहरादून द्वारा अपने पत्र में बताया कि चन्दरू ग्राम बन्द्राकोटी द्वारा विभाग को गुमराह करते हुए वास्तवित तथ्य छिपाते हुए उक्त भूखण्ड पर भूमिधरी दिये जाने हेतु पुनः प्रत्यावेदन किया गया, जिसके फलस्वरूप उप राजस्व अधिकारी अधिकारी अवस्थापना (पुनर्वास) खण्ड ऋषिकेश द्वारा अपने पत्र 2019 को भूमिधरी प्रकरण तहसील विकासनगर देहरादून को प्रेषित किया गया था तथा भूमिधरि पुनः अंकित की गई। जिस पर डीएम ने अधीक्षण अभियंता (टिहरी बांध पुर्नवास) का वाहन जब्त करते हुए संख्त कार्यवाही की चेतावनी देते हुए विवरण सहित प्रस्तुत होने के निर्देश दिए थे। प्रकरण की विस्तृत अग्रेतर क्रिमिनल प्रोसेडिंग हेतु जांच उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा को सौंपी है। इस प्रकार की कार्यवाही से जिला प्रशासन इस पर सख्त कार्यवाही का मूड बना चुका है साथ ही सख्त संदेश दिया है जब तक फरियादी को न्याय नही मिलेगा तब तक प्रशासन चुप नही बैठेगा। डीएम ने पकड़ा भीषण खेल, एक ही व्यक्ति ने गुमराह कर दो बार विक्रय कर दी टिहरी बांध प्रभावितों को भूमि; व्यथित, विस्थापित की मजबूरी, पीड़ा का फायदा उठा रहे पुनर्वास परियोजना अधिकारियों को डीएम ने आड़े हाथ लेते हुए अधीक्षण अभियंता (टिहरी बांध पुर्नवास) का वाहन जब्त कर लिया था तथा विवरण सहित प्रस्तुत होने के निर्देश दिए थे। डीएम की जांच में हुए खुलासे पर डीएम ने एसडीएम मुख्यालय अपूर्वा को जांच अग्रेतर क्रिमनल प्रोसेडिंग हेतु सौंप दी है। अवस्थापना पुनर्वास खण्ड ऋषिकेश का कारनामा; एक व्यक्ति जिसने अपनी भूमि 2007 में विक्रय की, बिना जांच के 2019 में उसी के नाम दोबारा भूमिधरी चढावा दी। इसे डीएम ने गंभीर मानते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। जून माह के द्वितीय जनता दर्शन में उठा था मामला। जब तक पुलमा देवी को न्याय नही मिलेगा, तब तक प्रशासन छोड़ने वाला नही है। प्रशासन ने इस प्रकरण पर सख्त एक्शन का मन बना लिया है।
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*Regarding Launch of Campaign Mediation “for the Nation” from 01 July 2025 to 30 September 2025*

माननीय मुख्य न्यायाधीश, भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशन पर NALSA (National Legal Services Authority) के निर्देशानुसार देशभर के समस्त मा० न्यायालयों में लम्बित वादों का मीडियेशन / मध्यस्थता अर्थात मध्यस्थ अधिवक्ता के सहयोग से पक्षकारों के मध्य सुलह-समझौते के आधार पर वाद निस्तारित किये जाने हेतु दिनांक 01 जुलाई 2025 से 30 सितम्बर 2025 90 दिन के लिये राष्ट्रव्यापी अभियान Mediation “For the Nation” Campaign (मीडियेशन फॉर द नेशन अभियान) चलाया जा रहा है।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी द्वारा बताया गया कि मध्यस्थता / मीडियेशन से समय व सखर्च की बचत होती है। कानूनी प्रकिया से बचाव होता है। पक्षकारों द्वारा संतुलित और निष्पक्ष समाधान के माध्यम से मामले का निस्तारण किया जाता है, जोकि भविष्य में भी उनके रिश्तों को बनाए रखता है।

जनपद देहरादून के मा० न्यायालयों जैसे, देहरादून, विकासनगर, ऋषिकेश, डोईवाला एवं मसूरी में किसी भी व्यक्ति, जिसका उक्त न्यायालयों या कुटुम्ब न्यायालयों में वाद लम्बित है, तो वह अपने वाद को मध्यस्थता के माध्यम से निपटाने के लिए माह जुलाई, 2025 के अन्त तक सम्बंधित मा० न्यायालय में प्रार्थना पत्र योजित कर सकते हैं व इस अभियान में अधिक से अधिक वाद को नियत कराकर मध्यस्थता का लाभ उठा सकते हैं।

(सीमा डुँगराकोटी)सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून

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प्रमुख सचिव ऊर्जा, आवास एवं नियोजन श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को प्रेषित पत्र में स्पष्ट किया है,  कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपने व्हाट्सएप  न0-84 812986500 की प्रोफाइल पर उनकी फोटो लगाकर कई व्यक्तियों/अधिकारियों से अनावश्यक रूप से पैसों की डिमांड गूगल पे न0-8974517706 पर की जा रही हैं, उन्होने इसकी स्क्रीन शॉट की फोटोकॉपी संलग्न कर इस प्रकार के कृत्य को उनकी छवि खराब करने की प्रबल चेष्टा बतायी। प्रमुख सचिव द्वारा यह भी अवगत कराया है कि पूर्व में भी उनके नाम से इसी प्रकार से विभागीय अधिकारियों से अनावश्यक मांग की गयी थी, जिसकी शिकायत भी उनके द्वारा अपने पत्र दिनांक 28 मार्च, 2024 के माध्यम से की गयी थी।

प्रमुख सचिव ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से अपेक्षा की है कि इस कृत्य में संलग्न अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कठोर कार्यवाही की जाये जिससे कि भविष्य में उनके अथवा अन्य किसी अधिकारी के साथ इस तरह के कृत्य की पुनारावृत्ति न हो।

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विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण की पहल पर अंतराष्ट्रीय संसदीय अध्ययन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान और स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के बीच हुआ ऐतिहासिक एमओयू हस्ताक्षर

राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण स्थित शोध संस्थान और एसआरएचयू जौली ग्रान्ट मिलकर करेंगे अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण पर संयुक्त कार्य

08 जुलाई 2025/उत्तराखंड विधान सभा भवन, देहरादून

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण को नीति, नवाचार और अनुसंधान का केंद्र बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल की गई। यह रणनीतिक समझौता उत्तराखंड विधान सभा की अध्यक्ष  ऋतु खण्डूड़ी भूषण की दूरदर्शी सोच, प्रभावशाली नेतृत्व और सक्रिय पहल का परिणाम है। उनकी गरिमामयी उपस्थिति में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, जौलीग्रांट और अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, भराड़ीसैंण-गैरसैंण के बीच एक महत्वपूर्ण आपसी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते का उद्देश्य राज्य में पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, पेयजल, जल स्रोत प्रबंधन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण नवाचार, सामुदायिक शासन व्यवस्था में सहभागी कार्यनीति और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देना है। एमओयू पर विश्वविद्यालय की ओर से रजिस्ट्रार कमांडर चल्ला वेंकटेश्वर (से.नि.) और शोध संस्थान की ओर से सचिव हेम चंद्र पंत ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर बोलते हुए विधान सभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने कहा कि यह समझौता केवल दो संस्थाओं के बीच नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य की दिशा को तय करने वाला कदम है। उन्होंने कहा, “हमारा सपना है कि भराड़ीसैंण केवल एक प्रशासनिक राजधानी न रहकर एक ऐसा केन्द्र बने जहाँ नीति, विज्ञान, शोध और परंपरा मिलकर उत्तराखंड की समस्याओं के समाधान गढ़ें। हमारी कोशिश है कि यहां से ऐसी नीतियां निकलें जो हिमालयी राज्यों के लिए मार्गदर्शक बनें। यह समझौता एक ‘पॉलिसी इनोवेशन हब’ की नींव है।”

उन्होंने यह भी कहा कि “यह साझेदारी विधायकों, वैज्ञानिक संस्थानों, प्रशासन और समाज के बीच एक सेतु का कार्य करेगी। इससे हमारे नीतिगत फैसले केवल दस्तावेजों तक सीमित न रहकर जमीन से जुड़े, व्यवहारिक और जन-संवेदनशील बन सकेंगे। भराड़ीसैंण को एक जन-केंद्रित नीति राजधानी के रूप में विकसित करना हमारा संकल्प है।’’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेन्द्र डोभाल ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, विज्ञान और समाज के बीच एक सेतु बनाना है। विश्वविद्यालय बीते तीन दशकों में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु अनुकूलन और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। अब यह अनुभव नीति-निर्माण की प्रक्रिया से जुड़कर अधिक व्यापक बदलाव लाएगा।

इस समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थाएं जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यावरण, जलस्रोत पुनर्जीवन (स्प्रिंगशेड प्रबंधन), वर्षा जल संचयन, महिला नेतृत्व, पारंपरिक ज्ञान आधारित समाधान और समग्र स्वास्थ्य जैसे विषयों पर संयुक्त परियोजनाएं प्रारंभ करेंगी। साथ ही विधायकों, पंचायत प्रतिनिधियों, महिला समूहों, युवाओं और अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण, अध्ययन यात्रा, नीति संवाद और डिजिटल मंच का विकास किया जाएगा। यह भागीदारी केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित करेगी और प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों से सहयोग की संभावनाओं को भी विस्तार देगी।

कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि भराड़ीसैंण-गैरसैंण को अब नीति, नवाचार और पारिस्थितिकीय शोध के एक सक्रिय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ से भविष्य की योजनाएं आकार लेंगी। यह समझौता केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उत्तराखंड को नीति, विज्ञान और जन सेवा के संगठित और सहभागी शासन मॉडल की दिशा में ले जाने वाला ठोस और दूरदर्शी कदम है जिसकी अगुवाई राज्य की पहली महिला स्पीकर कर रही हैं।

इस अवसर पर शोध संस्थान के सचिव हेम चंद्र पंत ने शोध संस्थान की भूमिका, उद्देश्य और भावी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भराड़ीसैंण स्थित यह संस्थान उत्तराखंड विधानसभा के नेतृत्व में एक ऐसी पहल है जो राज्य को नीति, शोध और प्रशिक्षण का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। श्री पंत ने विश्वास जताया कि इस समझौते से न केवल संस्थान की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि उत्तराखंड में नीति नवाचार और जन-भागीदारी आधारित शासन को भी नई दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के डॉयरेक्टर जनरल (अकादमिक) डॉ. वी. चौहान ने विश्वविद्यालय की कार्यशैली और व्यापक योगदान की जानकारी देते हुए कहा, विश्वविद्यालय एक ऐसा संस्थान है जो शिक्षा, अनुसंधान और सेवा के त्रिवेणी संगम पर कार्य करता है। विश्वविद्यालय ने स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, जलवायु परिवर्तन, जल प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य किए हैं। हमारी कोशिश रही है कि ज्ञान केवल कक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि समाज की जमीनी जरूरतों से जुड़े और व्यवहार में उतरे।”*

इस अवसर पर एसआरएचयू के सलाहकार प्रो. एच.पी. उनियाल ने उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी भूषण द्वारा विश्वविद्यालय पर जताए गए विश्वास और अपेक्षाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, यह हमारे लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों है कि माननीय अध्यक्ष ने स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय को इस ऐतिहासिक साझेदारी के लिए चुना। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि विश्वविद्यालय पर जो अपेक्षाएं रखी गई हैं, उन्हें धरातल पर पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ उतारा जाए।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की ओर से प्रो-वाइस चांसलर डॉ. ए.के. देवराड़ी, निदेशक जनरल (अकादमिक) डॉ. वी. चैहान, सलाहाकार प्रो. एच.पी. उनियाल, सलाहकार प्रो. (डॉ.) हेम चन्द्र, रजिस्ट्रार कमांडर चल्ला वेंकटेश्वर, उपनिदेशक नितेश कौशिक, सहायक प्रबन्धक राजकुमार वर्मा और समन्वयक सुजीत थपलियाल सहित विधान सभा शोध संस्थान के कार्यकारी समिति के अधिकारी मौजूद रहे।

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