नैनीताल। उत्तराखंड राज्य में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के प्रकोप के कम होने और तीसरी लहर की आशंका के बीच बेतहाशा बढ़ रहे पर्यटन को लेकर हाई कोर्ट ने चिंता जताते हुए सरकार को वीकेंड लॉकडाउन के बारे में पुघ्नर्विचार करने का आदेश दिया। देहरादून समेत मसूरी और राज्य के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल में पर्यटकों की भीड़ बढ़ने को लेकर हाई कोर्ट ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि नैनीताल ज्यूडिशियल कैपिटल है, इसके बावजूद स्वास्थ्य संबंधी पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि नैनीताल में भारी भीड़ के बीच न तो मास्क के नियम का पालन हो रहा है, न ही सोशल डिस्टेंसिंग का।
उत्तराखंड में पर्यटकों की भीड़ बढ़ने के बारे में मीडिया में जो रिपोर्ट्स प्रकाशित हुईं, उन पर संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने न केवल चिंता ज़ाहिर की बल्कि सरकार से कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर वह पर्यटन और स्वास्थ्य संबंधी मामलों में उचित कदम उठाते हुए पुनर्विचार करे। हाई कोर्ट ने कहा कि अगली तारीख तक राज्य के मुख्य सचिव वीकेंड लॉकडाउन पर निर्णय की जानकारी कोर्ट को दें। हाई कोर्ट ने कोविड को लेकर चल रहीं राज्य भर की तैयारियों को लेकर जवाब तलब किए हैं। स्वास्थ्य सचिव को आदेश देते हुए कोर्ट ने कहा कि डेल्टा प्लस के संबंध में इंतजाम क्या हैं व कितने केस मिले हैं, इस बारे में रिपोर्ट कोर्ट को दी जाए। सीएचसी में डॉक्टरों की स्थिति और जूनियर डॉक्टरों के मानदेय बढ़ाने पर भी सरकार को विचार करने के निर्देश कोर्ट ने दिए।
मांगों पर कार्यवाही को सीएम से मिले राज्य आंदोलनकारी
Wed Jul 7 , 2021
देहरादून। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक व कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप के नेतृत्व में आज राज्य आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस मौके पर धीरेंद्र प्रताप ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का माल्यार्पण कर उनको मुख्यमंत्री का दायित्व मिलने पर बधाई दी। साथ […]

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ब्रेकिंग न्यूज़ उत्तरकाशी के पुरोला को जिला बनाओजिला मुख्यालय पुरोला से 150 से 200 किमी की दूरी में होने से उन्हें काफी सारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। -स्थानीय लोगों को हर छोटी या बड़ी समस्या के लिये इतना लम्बा सफर तय करना पड़ता है। -जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। -उनका कहना है कि पुरोला को जिला बनाने से यह सारी परेशानी खत्म हो जाएंगी। अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों ने बताया कि 24 फरवरी 1960 में उत्तरकाशी जिला टिहरी से अलग हुआ था। उस समय रवांई परगना उत्तरकाशी जिले में शामिल किया गया था। यह क्षेत्र बड़कोट, पुरोला, नो गांव, मोरी तहसील के अंदर आता है। 1960 में रवांई के लोगों ने अलग जिले की मांग शुरू कर दी थी। उसके बाद उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पृथक जिले की मांग और तेज हुई, जिसके चलते सरकार ने राज्य के 4 नए जिलों की घोषणा में यमुनोत्री को जिला बनाने की बात कही थी। जिससे पुरोला के लोग भड़क गए और तब से लगातार पुरोला को जिला बनाने की मांग की जा रही है।
Pahado Ki Goonj July 31, 2018

