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प्रतापनगर की लाइफलाइन कहा जाने वाला देश का सबसे लम्बा डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज का मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कि‍या उद्घाटन।

Pahado Ki Goonj

प्रतापनगर की लाइफलाइन कहा जाने वाला देश का सबसे लामा डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज का मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कि‍या उद्घाटन ।

टिहरी। मदनपैन्यूली
प्रतापनगर की लाइफलाइन कहा जाने वाला डोबरा-चांठी पुल देश का सबसे लंबा सस्पेंशन ब्रिज का आज रविवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पुल का लोकार्पण किया , इस पुल को टिहरी झील के ऊपर बनाया गया है। पुल को आकर्षक बनाने के लिए इस पर अत्याधुनिक फसाड लाइटिंग सिस्टम भी लगाई गई है जिस पर पांच करोड़ की लागत आई है।
इस पुल को बनने में 14 साल का वक्त जरूर लगा, लेकिन सालों की मेहनत के बाद बना ये पुल ना सिर्फ आवागमन का बेहतर जरिया बनेगा, बल्कि इससे टिहरी में पर्यटन को बढ़ावा भी मिलेगा। इस पुल पर चलने वाले लोगों के लिए ये अनुभव शानदार और यादगार होने वाला है।
डोबरा-चांठी पुल को पर्यटन की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिस तरह टिहरी झील आज देश में एक नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर उभर रही है उसी तरह आने वाले दिनों में डोबरा चांठी पुल भी एक नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनेगा।टिहरी से प्रतापनगर जाने के लिए पांच से छह घंटे लग जाते थे। इस पुल के बन जाने के बाद टिहरी से प्रतापनगर का सफर डेढ़ घंटे में पूरा होगा।
440 मीटर लम्बे इस पुल के निर्माण में 14 वर्ष का लम्बा समय लग गया, जिससे इसकी लागत ₹1.38 अरब से बढ़कर ढाई गुनी हो गई। दरअसल, ‘डोबराचांठी पुल’ का निर्माण वर्ष 2006 में शुरू हुआ था। लेकिन डिजाइन फेल होने, भ्रष्टाचार और अफसरों की लापरवाही से प्रोजेक्ट का निर्माण कभी ‘अटक’ गया तो कभी ‘लटक’ गया। इस अवधि में क्षेत्र की जनता परेशान रही। उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। वर्ष 2017 में सत्ता में आने के बाद त्रिवेन्द्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट की अहमियत समझते हुये इसे अपनी शीर्ष प्राथमिकता में रखा। अधूरे पड़े पुल के निर्माण के लिये ₹88 करोड़ का बजट एकमुश्त स्वीकृत किया गया। टिहरी झील पर नव निर्मित देश के सबसे लंबे डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज का लोकार्पण रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कि‍या। इस ब्रिज से टिहरी जिले के प्रतापनगर क्षेत्र की करीब ढ़ाई लाख की आबादी को लाभ मिलेगा। इस ब्रिज के निर्माण का कार्य 2006 में शुरू हुआ था। डिजाइन फेल होने समेत तमाम कारणों के चलते लंबे समय तक निर्माण कार्य रुका रहा। ब्रिज की कुल लंबाई 725 मीटर है। इसमें सस्पेंशन ब्रिज 440 मीटर लंबा है, जबकि 260 मीटर आरसीसी डोबरा क्षेत्र की ओर और 25 मीटर स्टील गार्डर चांठी की ओर है। इस पर 15 टन तक भारी वाहन गुजर सकते हैं।
टिहरी झील पर बने देश के सबसे लंबे सस्पेंशन पुल डोबरा चांठी के लोकर्पण अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि डोबरा पुल सिर्फ प्रतापनगर ओर टिहरी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में पर्यटन की नई परिभाषा है। इससे दुनिया भर के पर्यटक यहां आएंगे और डोबरा नया पर्यटक स्थल बनेगा। इस अवसर पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, संसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत, विधायक विजय सिंह पंवार, धन सिंह नेगी, विनोद रतूड़ी जयेंद्र सेमवाल ,नरेश नेगी ,रोशन लाल सेमवाल ,अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

 

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