देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ों क्षेत्रों में 12 साल बाद इन दिनों नीले रंग के फूलों की बहार है। जिसने पहाड़ की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं। यह फूल है नील कुरुंजी , जो 12 साल में एक बार खिलता है। साल 2018 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस फूल का जिक्र किया था। बता दें नील कुरुंजी के फूलों की सबसे अधिक 46 प्रजातियां केरल में पाई जाती हैं। यहां एक पर्वत श्रृखंला को ही इसके चलते नीलगिरी नाम दे दिया गया। केरल में यह फूल 2006 के बाद 2018 में खिला था और यहां के एराविकुलम नेशनल पार्क में नील कुरुंजी फूल को देखने तब 8 लाख पर्यटक पहुंचे थे। उत्तराखंड में यह फूल 2007 के बाद अब 2019 में खिला है। इतने खास फूल के बारे में उत्तराखंड वन विभाग और सरकार दोनों ही इसकी खूबसूरती और महत्व से अनजान हैं।
हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांडः गुजरात से 6 हिरासत में,एक मौलाना से पूछताछ
Sat Oct 19 , 2019
लखनऊ। कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में यूपी पुलिस द्वारा बिजनौर में मौलाना अनवारुल हक से पूछताछ चल रही है। वहीं गुजरात एटीएस ने मामले में सूरत से 6 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। बता दें शुक्रवार को ही हत्याकांड में बिजनौर के दौ मौलानाओं के खिलाफ लखनऊ में […]

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