पौराणिक कुंड की जातर का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगाज

पौराणिक कुंड की जातर का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगाज ।
बड़कोट। (मदन पैन्यूली) आज हमारा उत्तराखंड राज्य 19 वर्ष का होने जारहा है ।उन्नीस वर्ष की भरी जवानी का राज्य अपने पैरों पर खड़े होने के लिए अपनी  छमता की छटा  सरकार की अदूर दृष्टि के कारण नहीं बिखेर पा रहा है।इतने वर्षों में हम उत्तराखंड के मेलों,देवी देवताओं की सूची नहीं बना पा सके  कितनी बिडम्बना है।जबकि हमारे पास पर्यटकों को बुलाने के लिये आस्था के मेले थौले हैं फिरभी अंधे को गुड़ की पहचान नहीं होरही है। हमारे नेताओं का विजन न होने के चलते हम अपने अस्तित्व के लिए भी नहीं लड़ पारहे हैं। जबकि राज्य बनने के तुरंत बाद अपने स्थानीय श्रोत को आर्थिक रूप से विकास करने की आवश्यकता है लगता ही नहीं कि यहाँ कोई नये राज्य बनने की सरकार है पुराना आधर के अनुसार त्योहार मनाने के लिए मजबूर समाज में दिखाई देरहा है। इस कड़ी की श्रंखला में हम सब समय को देखते हुए भी नहीं बढ़ पारहे हैं।
हमारी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सदियों से  बसन्त के शुभागमन पर  विश्व प्रसिद्ध यमनोत्री छेत्र में पौराणिक गंगानी वसंतोत्सव (कुंड की जातर) मेले का रंगारंग आगाज हो गया है। बाबा बौखनाग की डोली ने मेले का शुभारंभ किया। तीन दिवसीय यह गंगानी वसंतोत्सव 15 फरवरी तक चलेगा।
मेले के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा ने कहा कि पौराणिक मेले हमारी धरोहर हैं। जातरों से हमारी परंपरा जुड़ी हुई। इस मेले को बड़ा रूप देने के लिए संस्कृति के साथ-साथ वृहद स्तर पर खेलों को भी जोड़ा जाय। मेला आयोजक जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा ने मेले में पहुंचे अभी अतिथियों का आभार व्यक्त करत किया तथा कहा है कि जिला पंचायत इस पौराणिक गंगानी मेले को भव्य रूप देने का पूरा प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा है कि क्षेत्र के विकास को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से पृथक जिला बनाये जाने, हरबर्टपुर से बड़कोट तक राष्ट्रीय राजमार्ग को ऑल वेदर रोड से जुड़े जाने तथा यमुनोत्री धाम में आपदा से हुए नुकसान के पुनर्निर्माण की मांग रखी। साथ ही कहा है कि गंगानी मेला मैदान क्षेत्र को समतलीकरण किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं व विजय दिव्यांग स्कूल विद्यालय के छात्र छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। जिसके बाद विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। अंत में लोक गायिका रेश्मा शाह ने लोक गीतों की रंगारंग प्रस्तुतियां दी तथा लोक गीतों की प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। वहीं मेले में विभिन्न विभागों के स्टाल लगे हुए हैं, जिनके माध्यम से मेले में आए ग्रामीणों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। लोगों ने मेले में लगी चर्खी आदि का भी खूब लुत्फ लुत्फ उठाया तथा श्रद्धालुओं ने यहां त्रिवेणी संगम में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख रचना बहुगुणा, जयबीर जयाड़ा, सकलचंद रावत, कृष्णा राणा, मुकेश टम्टा, सोनू मीर, अमित डिमरी, मनमोहन रावत, जयेन्द्र सिंह, विजय रावत, हर्ष अग्निहोत्री, गीता देवी, जितेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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