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गुलामी के दिनो में प्रयाग कुम्भ मेला देखकर अंग्रेजों ने किया नीति बनाई

Pahado Ki Goonj

गुलामी के दिन थे। प्रयाग में कुम्भ मेला चल रहा था। एक अंग्रेज़ अपने द्विभाषिये के साथ वहाँ आया। गंगा के किनारे एकत्रित अपार जन समूह को देख अंग्रेज़ चकरा गया।

उसने द्विभाषिये से पूछा, “इतने लोग यहाँ क्यों इकट्टा हुए हैं?”

द्विभाषिया बोला, “गंगा स्नान के लिये आये हैं सर।”

अंग्रेज़ बोला, “गंगा तो यहां रोज ही बहती है फिर आज ही इतनी भीड़ क्यों इकट्ठा है?”

द्विभाषीया: – “सर आज इनका कोई मुख्य स्नान पर्व होगा।”
अंग्रेज़ :- ” पता करो कौन सा पर्व है ?”

द्विभाषिये ने एक आदमी से पूछा तो पता चला कि आज बसंत पंचमी है।

अंग्रेज़:- “इतने सारे लोगों को एक साथ कैसे मालूम हुआ कि आज ही बसंत पंचमी है?”

द्विभाषिये ने जब लोगों से पुनः इस बारे में पूछा तो एक ने जेब से एक जंत्री निकाल कर दिया और बोला इसमें हमारे सभी तिथि त्योहारों की जानकारी है।

अंग्रेज़ अपनी आगे की यात्रा स्थगित कर जंत्री लिखने वाले के घर पहुँचा। एक दड़बानुमा अंधेरा कमरा, कंधे पर लाल फटा हुआ गमछा, खुली पीठ, मैली कुचैली धोती पहने एक व्यक्ति दीपक की मद्धिम रोशनी में कुछ लिख रहा था। पूछने पर पता चला कि वो एक गरीब ब्राह्मण था जो जंत्री और पंचांग लिखकर परिवार का पेट भरता था।

अंग्रेज़ ने अपने वायसराय को अगले ही क्षण एक पत्र लिखा :- “इंडिया पर सदा के लिए शासन करना है तो सर्वप्रथम ब्राह्मणों का समूल विनाश करना होगा सर क्योंकि जब एक दरिद्र और भूँख से जर्जर ब्राह्मण इतनी क्षमता रखता है कि दो चार लाख लोगों को कभी भी इकट्टा कर सकता है तो सक्षम ब्राह्मण क्या कर सकते हैं, गहराई से विचार कीजिये सर।” तभी से एक नारा हुआ देश में राज करना है तो ब्राह्मणों को मिटाओ फूट डालो राज करो

क्षत्रिय भी मैं हूँ
ब्राहमण भी मैं हूँ..
जाट भी मैं हूँ
राजपुत और मराठा भी मैं हूँ..
हिला कर रख दे
जो दुष्टों की हस्ती
तूफान और ज्वारभाटा भी मैं हूँ..

बाल्मीकि भी मैं हूँ
विदुर नीति भी मैं हूँ..
दुष्ट सिकन्दर को हराने वाला पौरूष भी मैं हूँ
सर्वश्रैष्ठ गुरू चाणक्य भी मैं हूँ..
महावीर कर्ण भी मैं हूँ
परशुराम भी मैं हूँ..
मुरलीधर मनोहर श्याम भी मैं हूँ
एक वचन की खातिर वनवासी बनने वाला *मर्यादा पुरूषोतम श्रीराम* भी मैं हूँ..
शिवाजी और प्रताप भी मैं हूँ
धधकती है जो जुल्म देखकर
*हिन्दूत्व* नाम की आग भी मैं हूँ..

हाँ मैं *हिन्दू* हूँ
जात-पात में ना बाँटो मुझको
मैं दुनिया का *केन्द्र बिन्दू* हूँ *हाँ मैं हिन्दू हूँ.!!*
?जय श्री राम जय श्री कृष्णा हर हर महादेव?
??जय श्री राम जय श्री कृष्णा हर हर महादेव ??
अभिषेक
तिवारी
8989628972

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