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सौतेले भाई की हत्या के बाद आरोपित अमित भटेजा ने उनकी संपत्ति पर कब्जा करना शुरू कर दिया था जानिए सभी समाचार

Pahado Ki Goonj
सौतेले भाई की हत्या के बाद आरोपित अमित भटेजा ने उनकी संपत्ति पर कब्जा करना शुरू कर दिया था।
देहरादून। चर्चित कारोबारी अजय भटेजा मर्डर केस में चौंकाने वाली बात सामने आई है। सौतेले भाई की हत्या के बाद आरोपित अमित भटेजा ने धीरे-धीरे उनकी संपत्ति पर कब्जा करना शुरू कर दिया था।
अजय भटेजा जाखन, मसूरी रोड और सहारनपुर में करोड़ों संपत्ति के मालिक थे। हत्या के बाद अमित भटेजा का एकछत्र राज हो गया। सबसे पहले उसने अजय भटेजा के जाखन स्थित मकान में लंबे समय से रह रहे उत्तरकाशी निवासी सरोज देवी, नेपाल मूल के संजू भंडारी और सपना खड़का को डरा धमकाकर वहां से भगाया। इसके बाद वहां खुद रहने लगा।
आरोपित ने मसूरी रोड स्थित जमीन पर कब्जा करने की पूरी तैयारी कर ली थी। वहां पर कुछ लोगों को रखा था। राजपुर पुलिस ने जब जैकी को गिरफ्तार किया तो इसकी भनक लगते ही वह फरार हो गया। बताया जा रहा है कि अजय भटेजा की हत्या के मामले में जब पुलिस ने दबिश दी तो उस समय हुमेरा उर्फ जोया जैकी के साथ थी। जैकी ने उसे वहां से भगा दिया। अब पुलिस हुमेरा उर्फ जोया की तलाश में जुट गई है।कारोबारी की हत्या के मामले में एक आरोपित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गंभीरता से पूरे मामले को देख रही है। जल्द ही फरार चल रहे मुख्य आरोपित अमित भटेजा व गिरफ्तार जैकी की प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया को गिरफ्तार कर सकती है।
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जाम के चलते नर्सो ने सड़क किनारे वाहन में कराया महिला का प्रसव

चमोली। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लग रहा जाम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। लगातार लग रहे जाम ने एक गर्भवती महिला के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर दी। किमाणा गांव की गर्भवती महिला को प्रसव के लिए वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया जा रहा था, लेकिन ज्योतिर्मठ थाने के पास भारी जाम में वाहन फंस गया।
काफी देर तक यातायात नहीं खुलने से महिला की हालत बिगड़ने लगी और परिजनों में चिंता बढ़ गई।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना करीब एक किलोमीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को दी गई। सूचना मिलते ही अस्पताल से नर्सें और चिकित्सकीय स्टाफ आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे।
सड़क किनारे वाहन को खड़ा कर प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था के बीच महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। इस दौरान महिला पुलिस कर्मियों ने भी भीड़ नियंत्रित करने और मदद पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।घटना के बाद स्थानीय लोगों ने ज्योतिर्मठ में लगातार लग रहे जाम पर नाराजगी जताई। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक कमल रतूड़ी का कहना है कि हर दिन स्कूली बच्चे, मरीज और आम नागरिक घंटों जाम में फंस रहे हैं, जिससे आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। प्रशासन को जाम से निपटने के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।सीएचसी ज्योतिर्मठ के प्रभारी डॉ. गौतम भारद्वाज ने बताया कि मारवाड़ी चौक से नृसिंह मंदिर मार्ग पर काफी देर से जाम लगा हुआ था। अपराह्न करीब साढ़े पांच बजे एक महिला का फोन आया और जाम में फंसी गर्भवती के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही है।
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ऑनलाइन सट्टा खिलाने के दो आरोपी गिरफ्तार

ऊधमसिंहनगर। थाना पुलभट्टा पुलिस और एसओजी रुद्रपुर की संयुक्त टीम ने आईपीएल मैचों में मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो आईफोन और 40 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक मोबाइल फोन के माध्यम से आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा लगाकर अवैध कमाई कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमांशु रस्तोगी निवासी इस्लामनगर, पहाड़ी कॉलोनी सितारगंज तथा सौरभ कुमार निवासी कुंवरपुर सिसैया, थाना सितारगंज के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों की उम्र लगभग 24 से 25 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस द्वारा की गई तलाशी में आरोपियों के कब्जे से दो आईफोन और 40 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल फोन के जरिए आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा खिलाने का काम कर रहे थे। इससे मोटी रकम कमा रहे थे। इस मामले में थाना पुलभट्टा में एफआईआर के तहत धारा 13 जुआ अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इस मामले में एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि ऊधमसिंहनगर पुलिस “अपराध मुक्त देवभूमि” के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसी अवैध गतिविधियों से दूर रहें और कानून का पालन करें।
आगे पढ़ेंनशे की हालत में पुल पर चढ़ा मजदूर,उतारने में रेस्क्यू टीम के छूटे पसीने
बागेश्वर। शनिवार सुबह क्षेत्र के खाईबगड़ में  एक नेपाली मजदूर शराब के नशे में पुल पर चढ़कर वहां से कूदने का प्रयास करने लगा। जिसे देखकर मौके पर हड़कंप मच गया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ तथा फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। लगभग आधे घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उसे सकुशल नीचे उतार लिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार 45 वर्षीय दीपक सिंह कार्की पुत्र मान सिंह कार्की, मूल निवासी नेपाल, वर्तमान में खाईबगड़ क्षेत्र में मजदूरी का कार्य करता है। शनिवार सुबह वह शराब के नशे में खाईबगड़ पुल पर चढ़ गया। उसे पुल पर खड़े देख स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने उसे काफी देर तक समझाने तथा नीचे आने की अपील की, लेकिन वह नहीं माना।इसके बाद स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, फायर सर्विस तथा पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया तथा कड़ी मशक्कत के बाद मजदूर को सुरक्षित नीचे उतार लिया।
थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नगरकोटी के अनुसार युवक अत्यधिक शराब के नशे में था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि संबंधित मजदूर पहले भी कई बार पुल पर चढ़ चुका है। एक बार वह नदी में भी कूद गया था, जिससे क्षेत्र में पहले भी दहशत फैल चुकी है।
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होटल के कमरे के बाथरूम में नग्न अवस्था में पड़ा मिला युवक का शव
हल्द्वानी। मुखानी थाना क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे के बाथरूम में एक युवक का शव नग्न अवस्था में पड़ा मिला है। जिससे होटल में सनसनी फैल गयी। इस घटना से पहले कमरे से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने की बात सामने आई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे को सील कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर के समीप बने नंदी  होटल के संचालक के अनुसार रात करीब साढ़े आठ बजे युवक के कमरे से अचानक जोर-जोर से चीखने और चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। होटल कर्मचारियों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर कर्मचारियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने मास्टर की, की मदद से कमरा खोला। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए।
युवक बाथरूम के फर्श पर नग्न अवस्था में मृत पड़ा था। कमरे और बाथरूम में चारों तरफ उल्टी फैली हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
सीओ सिटी हल्द्वानी अमित कुमार ने बताया कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके हल्द्वानी पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवक हल्द्वानी किस काम से आया था। घटना के पीछे आखिर क्या वजह रही। इन सब बातों की जांच की जा रही है।
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विधि विधान के साथ खुले हेमकंुड साहिब के कपाट
चमोली। सिक्खों के पवित्र धार्मिक स्थल गुरूद्वारा हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार सुबह 11.30 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। कपाट खुलने के द्वव्य  अवसर पर करीब तीन हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे।
पंच प्यारों की अगुवाई में सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था शनिवार सुबह से रवाना होकर हेमकुंड साहिब पहुंचा। बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों से पूरी लोकपाल घाटी गूंज उठी। गुरुद्वारे को पांच क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे धाम की सुंदरता और अधिक आकर्षक दिखाई दी।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा और वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि, परंपरानुसार सचखंड से गुरुग्रंथ साहिब को दरबार में विराजमान करने के बाद अखंड पाठ, शबद कीर्तन, अरदास और हुक्मनामा लिया गया। पहले दिन श्रद्धालुओं के लिए विशेष अरदास आयोजित की गई। शुक्रवार  को गुरुद्वारे से पंच प्यारों की अगुवाई में पहला जत्था बैंड-बाजों और पवित्र निशान साहिब के साथ रवाना हुआ था। श्रद्धालुओं ने रात्रि विश्राम घांघरिया गुरुद्वारे में किया, जिसके बाद शनिवार सुबह जत्था हेमकुंड साहिब पहुंचा। समुद्रतल से लगभग 15,225 फीट की ऊंचाई पर सप्तश्रृंग पर्वत मालाओं के बीच स्थित पवित्र धाम तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 18 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा करनी पड़ती है। यात्रा मार्ग से हाल ही में सेना के जवानों ने बर्फ हटाकर आवाजाही सुचारू की थी, हालांकि, धाम में अब भी कई फीट बर्फ जमी हुई है।
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स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर फर्जी डाक्टर पकड़ा
उधम सिंह नगर। जिले के दिनेशपुर थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक कथित फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवक खुद को डॉक्टर बताकर आयुर्वेदिक दवाइयों में एलोपैथिक दवाएं मिलाकर लोगों को दे रहा था। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मौके पर छापेमारी कर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी फर्जी डाक्टर के खिलाफ आगे की कार्यवाही की जा रही है।
दिनेशपुर थाना क्षेत्र में अवैध तरीके से इलाज और दवाइयों के गोरखधंधे का बड़ा खुलासा हुआ है। पकडे गए डॉक्टर पर आरोप था कि पीलीभीत निवासी एक युवक खुद को डॉक्टर बताकर लोगों का इलाज कर रहा था। आरोपी आयुर्वेदिक दवाइयों में एलोपैथिक दवाएं मिलाकर मरीजों को दे रहा था, जिससे लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ होने लगा था। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार इसकी शिकायत प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दी जा रही थी। शिकायत के आधार पर दिनेशपुर पुलिस, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विभाग की टीम और ऋचा सिंह ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित क्लीनिक और दवाइयों की जांच की, जहां कई संदिग्ध दवाइयां बरामद हुईं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी केवल 12वीं पास है, लेकिन वह खुद को डॉक्टर बताकर लंबे समय से लोगों का इलाज कर रहा था। अधिकारियों ने मौके से बड़ी मात्रा में दवाइयां कब्जे में ली। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बरामद दवाओं के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने क्लीनिक में मौजूद दस्तावेजों और लाइसेंस की भी जांच की। प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं सामने आने की बात कही जा रही है। बताया गया है कि पिछले एक साल फर्जी डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहा था। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पास वैध चिकित्सकीय डिग्री और आवश्यक अनुमति से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं पाए गए। इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर उधम सिंह नगर ने बताया कि बरामद दवाओं की सैंपलिंग कर ली गई है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. वहीं पुलिस भी मामले की जांच में जुटी हुई है।
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दवाइयों की अवैध फैक्टरी सील, लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी हो रहा था दवा निर्माण
देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने ऑपरेशन फेक पिल के तहत कोटद्वार में एक अवैध दवा फैक्टरी को सील कर दिया, जिसका लाइसेंस रद्द होने के बावजूद संचालन जारी था
हाल ही में एसटीएफ ने जीवन रक्षक दवाओं की नकली कॉपी बनाकर ऑनलाइन बेचने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इसी जांच के दौरान कोटद्वार के सिडकुल सिगड्डी क्षेत्र स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स फैक्टरी के बारे में सूचना मिली।
एसटीएफ, औषधि विभाग और राजस्व टीम ने संयुक्त छापेमारी कर फैक्टरी का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि फैक्टरी का औषधि निर्माण लाइसेंस वर्ष 2024 में ही निरस्त हो चुका था। इसके बावजूद परिसर में दवा निर्माण से जुड़ी मशीनें और उपकरण मौजूद थे। टीम ने मौके से करीब तीन किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और टैबलेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 34 पंच उपकरण बरामद किए।प्राथमिक जांच में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और फैक्टरी संचालन से जुड़े नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई है। इसके बाद फैक्टरी को सील कर बरामद सामग्री कब्जे में ले ली गई। एसटीएफ ने बताया कि इसी फैक्टरी पर वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने के आरोप लगे थे। वहीं, वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस ने भी यहां छापेमारी कर नकली दवाइयों का बड़ा जखीरा और रैपर बरामद किए थे।
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अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटा मैक्स,नौ घायल,चालक की हालत गंभीर
रुद्रप्रयाग। शनिवार सुबह रुद्रप्रयाग से लगभग चार किलोमीटर आगे श्रीनगर की ओर जा रहा एक मैक्स वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। इस हादसे में सभी वाहन सवार घायल हो गए। जिन्हे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिनमें वाहन चालक की हालत गंभीर बताई जा रही है। वाहन में चालक सहित कुल नौ यात्री सवार थे।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार सुबह जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दुर्घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही प्रशासन ने बिना किसी देरी के आपदा राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। डीईओसी द्वारा तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा, स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और राहत-बचाव टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। प्रशासनिक टीमों ने बेहद कम समय में मौके पर पहुंचकर घायलों को वाहन से सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार देते हुए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस एवं रेस्क्यू टीमों ने समन्वय के साथ तेजी से कार्रवाई करते हुए घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में सुचारु कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना में घायल 8 यात्रियों को सामान्य चोटें आई हैं, जबकि वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हुआ है। जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।

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मुख्यमंत्री ने नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ किया


देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ किया और मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतीकात्मक दौड़ में प्रतिभाग किया।
शनिवार को यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ किया और मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतीकात्मक दौड़ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 31 मई 2026 को होने वाले नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के शुभंकर ृक्यालुकृ हिम तेंदुआ’ का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए विश्वास को जागृत करने का अभियान है। उन्होंने कहा कहा कि कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह, ऊर्जा और आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के युवाओं में साहस, संकल्प और देश के लिए कुछ बड़ा करने का जज्बा कूटकृकूट कर भरा है। उन्होंने कहा कि आज यहां गूंज रहे युवाओं के कदम आने वाले समय में नीति घाटी की ऊंचाइयों पर इतिहास रचेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि नीति घाटी जैसे दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौड़ने के लिए बुलंद हौंसला, हिमालय जैसा अडिग विश्वास और चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को देवभूमि उत्तराखंड के साहस, पर्यटन और सामर्थ्य का ब्रांड एंबेसडर बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता नया उत्तराखंड है। उन्होंने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन नए उत्तराखंड की शक्ति और सामर्थ्य के प्रदर्शन का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 31 मई को नीति घाटी की पावन एवं दुर्गम धरती पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम उत्तराखंड के खेल एवं एडवेंचर टूरिज्म के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने इस महाआयोजन के लिए पंजीकरण कराया है, जो युवाओं में इस आयोजन के प्रति बढ़ते आकर्षण का प्रमाण है।इस अवसर पर सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पर्यटन विकास परिषद नरेन्द्र भंडारी एवं अनेक प्रतिभागी मौजूद थे।
आगे पढ़ेंवन विभाग के बीट वॉचर की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या
हल्द्वानी। देर रात हल्द्वानी के टांडा जंगल क्षेत्र में वन विभाग में संविदा पर कार्यरत 50 वर्षीय मेवा लाल की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर निर्मम हत्या कर दी गई।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।  बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से वन विभाग में संविदा कर्मचारी के तौर पर कार्यरत था।
हल्द्वानी कोतवाली के टीपी नगर चौकी क्षेत्र स्थित टांडा जंगल में देर रात उस समय सनसनी फैल गई जब जंगल के भीतर एक व्यक्ति का खून से लथपथ शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का मुआयना किया तो मृतक की पहचान 50 वर्षीय मेवा लाल के रूप में हुई, जो वन विभाग में संविदा कर्मी के तौर पर कार्यरत था। बताया जा रहा है कि मेवा लाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले का रहने वाला था और लंबे समय से हल्द्वानी क्षेत्र में रहकर काम कर रहा था।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मेवा लाल की हत्या बेहद बेरहमी से धारदार हथियार से गर्दन पर वार कर की गई। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस को मृतक के एक करीबी साथी पर शक है, जिसकी तलाश की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं हत्या के पीछे आपसी विवाद या किसी पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच जारी है। सीओ अमित कुमार सैनी ने बताया कि बीती देर रात एक टांडा जंगल में संविदा कर्मी की धारदार हथियार से हत्या हुई है। शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
आगे पढ़ेंउत्तरकाशी पहंुचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त,मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यों की ली जानकारी
उत्तरकाशी। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार को सीमांत जनपद उत्तरकाशी पहुंचे। उनका यह दौरा भारत-चीन सीमा से सटे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में चुनावी व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने तथा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सीमांत क्षेत्रों में स्थापित पोलिंग बूथों का स्थलीय निरीक्षण कर मतदान व्यवस्थाओं, संचार नेटवर्क, सुरक्षा प्रबंध और मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यों की जानकारी ली।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के सीमांत क्षेत्र स्थित झाला हेलीपैड पहुंचने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, एडीएम मुक्ता मिश्र समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने पौध भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद वह अधिकारियों के साथ भारत-चीन सीमा से सटे हर्षिल क्षेत्र के लिए रवाना हुए। दौरे के दौरान सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता भी देखने को मिली। हर्षिल पहुंचकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सीमांत क्षेत्र में स्थापित पोलिंग बूथ का गहन निरीक्षण किया। इसके बाद वह गंगोत्री धाम के लिए रवाना होंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त का यह दौरा सीमांत क्षेत्रों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों में चुनाव आयोग की सक्रियता से स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है।
झाला पहुंचने के कुछ देर बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त हेलीकॉप्टर से सीमांत गांव हर्षिल के लिए रवाना हुए। हर्षिल में वह भारत-चीन सीमा के नजदीक स्थापित पोलिंग बूथ का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इस दौरान मतदान केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं, संचार व्यवस्था, मतदान कर्मियों की पहुंच, सुरक्षा प्रबंधन और दूरस्थ क्षेत्रों में चुनाव संचालन से जुड़ी चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। बताया जा रहा है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने को लेकर अधिकारियों से फीडबैक भी लेंगे। सीमांत क्षेत्रों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मतदान प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना निर्वाचन आयोग की बड़ी प्राथमिकता मानी जा रही है। उत्तरकाशी जनपद देश के उन संवेदनशील सीमांत जिलों में शामिल है, जहां कई पोलिंग बूथ दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित हैं। भारी बर्फबारी, खराब मौसम और सीमित संसाधनों के बीच चुनाव संपन्न कराना प्रशासन के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में मुख्य निर्वाचन आयुक्त का स्वयं सीमांत क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी हकीकत का आकलन करना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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