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संस्कारों से संवरेगा भविष्य, मेहनत से मिलेगी सफलता! धामी ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र

Pahado Ki Goonj

संस्कारों से संवरेगा भविष्य, मेहनत से मिलेगी सफलता! धामी ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस एवं स्थापना दिवस समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री, बोले—आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का ज्ञान भी जरूरी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून स्थित द टॉसब्रिज स्कूल में आयोजित संस्कार दिवस एवं स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कार, अनुशासन, ईमानदारी और मेहनत का महत्व समझाते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सफल पेशेवर बनाना नहीं, बल्कि एक अच्छा इंसान तैयार करना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान व्यक्ति को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाता है, जबकि संस्कार उसे सही दिशा प्रदान करते हैं। आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों का ज्ञान भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय की ओर से शिक्षा के साथ संस्कारों को महत्व दिए जाने की सराहना की।
डॉ. कलाम के जीवन से प्रेरणा लें विद्यार्थी
मुख्यमंत्री ने बताया कि द टॉसब्रिज स्कूल का उद्घाटन वर्ष 2015 में पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने किया था। उन्होंने विद्यार्थियों को डॉ. कलाम की आत्मकथा ‘विंग्स ऑफ फायर’ पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि बड़े सपने देखना और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करना सफलता की असली कुंजी है।
उन्होंने भारतीय संस्कृति की भावना ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ों का सम्मान, दूसरों के प्रति संवेदनशीलता और जरूरतमंदों की सहायता करना हमारे संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। विद्यालय के ध्येय वाक्य ‘ज्ञानं भारः क्रियां बिना’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कर्म के बिना ज्ञान अधूरा है। ज्ञान का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में किया जाए।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में आगे बढ़ रहा भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रौद्योगिकी, नवाचार और आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और कौशल में दक्षता हासिल करने के साथ योग, ध्यान, अनुशासन और संस्कारों को भी जीवन में अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, कौशल और रचनात्मकता पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य सरकार भी युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश और देश के विकास में योगदान दे सकें।
पांच साल में 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उनके अनुसार, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी और निरंतर सीखने की ललक ही आगे बढ़ने का आधार हैं। असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के सरकार के ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने में शिक्षित, संस्कारित, कुशल और आत्मनिर्भर युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि द टॉसब्रिज स्कूल के विद्यार्थी अपने ज्ञान, प्रतिभा और अच्छे संस्कारों के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
समारोह में विद्यालय प्रबंधन एवं प्रशासन के पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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