
दूसरे चरण में चारधाम यात्रा की अग्निपरीक्षा, 15 सितंबर तक यमुनोत्री की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के निर्देश
बड़कोट। चारधाम यात्रा-2026 के द्वितीय चरण में बढ़ने वाली तीर्थयात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रथम चरण में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद यात्रा व्यवस्थाएं अपेक्षाकृत सुचारू रहीं। अब इसी अनुभव से सीख लेते हुए दूसरे चरण में यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है।
विशेष कार्याधिकारी चारधाम यात्रा प्रजापति नौटियाल ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस बड़कोट में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर यमुनोत्री धाम और पैदल यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को 15 सितंबर तक सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
बैठक में यमुनोत्री धाम के सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी बृजेश तिवारी सहित लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, स्वास्थ्य, पशुपालन, वन, पेयजल, सिंचाई, नगर पालिका समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
भीड़ बढ़ी तो व्यवस्था पर दबाव न आए
विशेष कार्याधिकारी ने कहा कि प्रथम चरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद व्यवस्थाओं को नियंत्रित रखने में विभागों के बीच बेहतर समन्वय और लगातार मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अब दूसरे चरण में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए किसी भी संभावित समस्या का पहले से समाधान किया जाना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता हो और यात्रा मार्ग पर ऐसी कोई कमी न रहे, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़े।
पैदल मार्ग से लेकर पार्किंग तक पर फोकस
बैठक में यमुनोत्री पैदल मार्ग, पार्किंग, शौचालयों की साफ-सफाई, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। घोड़े-खच्चरों के संचालन को व्यवस्थित करने तथा सुरक्षा चेकपोस्टों को प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। संभावित समस्याओं को पहले चिन्हित कर समय रहते उनका समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
धाम में होगा स्थलीय निरीक्षण
बैठक के बाद यमुनोत्री धाम में स्थलीय निरीक्षण की तैयारी भी की गई है। निरीक्षण के दौरान पैदल मार्ग, पार्किंग, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, स्वास्थ्य, सुरक्षा और घोड़े-खच्चरों के संचालन समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का मौके पर जायजा लिया जाएगा। जहां कमियां मिलेंगी, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।
पहले अनुभव, अब पहले से तैयारी
प्रथम चरण की सफलता के बाद प्रशासन के सामने अब द्वितीय चरण में उसी स्तर की व्यवस्थाओं को बनाए रखने की चुनौती है। विशेष कार्याधिकारी प्रजापति नौटियाल की ओर से समय रहते विभागों की समीक्षा और 15 सितंबर की डेडलाइन तय किए जाने को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

