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नशे के खिलाफ मैदान में उतरे गायत्री परिजन, संस्कारों की पाठशाला बनेंगे स्कूल! 

Pahado Ki Goonj

नशे के खिलाफ मैदान में उतरे गायत्री परिजन, संस्कारों की पाठशाला बनेंगे स्कूल! 

उत्तरकाशी/ब्रह्मखाल। रिपोर्ट मदन पैन्यूली 

भारतीय संस्कृति, संस्कार और नशामुक्त समाज के निर्माण को लेकर अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार से जुड़े गायत्री परिजनों ने जनपद में जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ गायत्री परिजन प्रेमलाल बिजल्वाण सेवानिवृत्ति के बाद अपना समय समाज एवं राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित करते हुए विद्यालयों और गांवों में लगातार संपर्क अभियान चला रहे हैं।
ब्रह्मखाल क्षेत्र में अभियान के तहत श्री बिजल्वाण ने एक दर्जन से अधिक विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से संपर्क किया। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा की जानकारी देते हुए भारतीय संस्कृति, संस्कार, नैतिक मूल्यों और जीवन पद्धति के महत्व से अवगत कराया। साथ ही युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी भूमिका पर जोर दिया।
श्री बिजल्वाण ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इससे परिवार की खुशहाली और समाज की सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था भी कमजोर होती है। उन्होंने सामाजिक और धार्मिक आयोजनों को नशामुक्त रखने की आवश्यकता बताते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने तथा नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन का विराम नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ करने का नया अवसर है। परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों से प्रेरणा लेकर वह समाज निर्माण के इस अभियान में जुटे हैं। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं वरिष्ठ नागरिकों से भी गायत्री परिवार से जुड़कर सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में योगदान देने की अपील की।
विद्यालयों में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों और शिक्षकों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। गायत्री परिजन बच्चों में संस्कार, सदाचार, सेवा, संयम और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने के लिए लगातार संपर्क अभियान चला रहे हैं।
जिला सह-समन्वयक अजय बड़ोला, डॉ. मुरली मनोहर भट्ट एवं सुनील पंवार ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि वरिष्ठ गायत्री परिजन प्रेमलाल बिजल्वाण की सक्रियता प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में गायत्री परिवार द्वारा भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, नशामुक्ति, संस्कार निर्माण और सामाजिक जागरूकता के कार्य लगातार आगे बढ़ाए जा रहे हैं।

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