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मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

Pahado Ki Goonj
मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को महाराणा प्रताप इण्टर कालेज, गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद, गोरखपुर द्वारा आयोजित 85वें संस्थापक सप्ताह समारोह-2017 के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि देश की आजादी से पहले ही संस्कृति की रक्षा व गौरक्षा के उद्देश्य से पीठ की स्थापना की गयी तथा पीठ द्वारा देश की संस्कृति व मान मर्यादा की रक्षा में ऐतिहासिक योगदान रहा है। पीठ के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ तथा महंत अवैद्यनाथ जी ने देश की आजादी के समय शिक्षण संस्थाओं की स्थापना का महत्व समझा। आज यहां 50,000 से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे है। पीठ द्वारा छात्र-छात्राओं को राष्ट्रवाद की शिक्षा के साथ तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिसकी वर्तमान में देश को आवश्यकता है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा भी कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि आज कनेक्टिविटी के कारण दुनिया सिमट गयी है। हमें शिक्षा में निरन्तर अपडेट व अपग्रेड होने की आवश्यकता है। शिक्षकों व छात्रों के बीच गैप को तकनीकी ज्ञान के माध्यम से दूर किया जा सकता है। मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ के गत आठ माह के कार्यकाल की प्रंशसा करते हुए कहा कि श्री योगी आदित्यनाथ जैसे तटस्थ व कर्मठ व्यक्ति, जनता को न्याय, भ्रष्टाचार मुक्त शासन व सुशासन दिला सकते है। उनहोंने कहा कि मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास की दिशा में अग्रसर है। गत आठ माह के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सुशासन स्थापित करने, गुंडाराज समाप्त करने, भ्रष्टाचार मुक्त शासन स्थापित करने में महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के साथ ही राष्ट्रीय एकात्मकता का केन्द्र भी है। राष्ट्र को एकसूत्र में पिरोने की ताकत उत्तराखण्ड से मिलती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रधर्म का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति का अपना दायित्व हैं। हमारी आस्था, विश्वास, धर्म व भाषा अलग हो सकती है, परन्तु राष्ट्रधर्म एक ही है। राष्ट्रधर्म का पालन करने से ही देश से जातिवाद, भाषावाद व साम्प्रदायिकता को समाप्त किया जा सकता है।
समारोह में लगभग 10,000 छात्र-छात्रायें उपस्थित थे। बच्चों ने शोभा यात्रा के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार की विकास गतिविधियों से सम्बन्धित झांकियाॅं प्रस्तुत की। लगभग डेढ घण्टे से अधिक समय तक छात्र-छात्राओं द्वारा मार्च कर मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र को सलामी दी गई।
इस अवसर पर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् के उपाध्यक्ष  उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निमंत्रण पर पहली बार गोरखपुर गये।
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