देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीआईजी कुमायूं डा. नीलेश आनन्द भरणे को निर्देश दिये कि चम्पावत जनपद के राजकीय इण्टर कॉलेज सूखीढाग में भोजन माता प्रकरण की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई की जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में दुष्प्रचार करने वालों पर भी निगरानी रखी जाय। डीआईजी कुमांयू द्वारा मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच की जायेगी।
उत्तराखंड के गांधी स्व इंद्रमणि बडोनी जी के जन्मदिन परराज्यात्मा की एकमात्र आवाज़ हैं भू-क़ानून.. हिमांचल की तर्ज़ पर हों भू-क़ानून.. प्रश्नों सहित सुझाव...
Fri Dec 24 , 2021
मातृशक्ति का68वें दिन उत्तराखंड के गांधी जी को श्रद्धांजलि देने के बाद धरने पर बैठे सभी ने कहा कि उनको सच्ची श्रद्धांजलि भूक़ानून लागू करने पर होगी। सेवा में श्री पुष्कर सिंह धामी माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार देहरादून द्वारा- अध्यक्ष महोदय भू-क़ानून समिति देहरादून उत्तराखंड विषय- राज्यात्मा की एकमात्र आवाज़ […]

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ब्रेकिंग न्यूज़ उत्तरकाशी के पुरोला को जिला बनाओजिला मुख्यालय पुरोला से 150 से 200 किमी की दूरी में होने से उन्हें काफी सारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। -स्थानीय लोगों को हर छोटी या बड़ी समस्या के लिये इतना लम्बा सफर तय करना पड़ता है। -जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। -उनका कहना है कि पुरोला को जिला बनाने से यह सारी परेशानी खत्म हो जाएंगी। अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों ने बताया कि 24 फरवरी 1960 में उत्तरकाशी जिला टिहरी से अलग हुआ था। उस समय रवांई परगना उत्तरकाशी जिले में शामिल किया गया था। यह क्षेत्र बड़कोट, पुरोला, नो गांव, मोरी तहसील के अंदर आता है। 1960 में रवांई के लोगों ने अलग जिले की मांग शुरू कर दी थी। उसके बाद उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पृथक जिले की मांग और तेज हुई, जिसके चलते सरकार ने राज्य के 4 नए जिलों की घोषणा में यमुनोत्री को जिला बनाने की बात कही थी। जिससे पुरोला के लोग भड़क गए और तब से लगातार पुरोला को जिला बनाने की मांग की जा रही है।
Pahado Ki Goonj July 31, 2018

