
अंकिता हत्याकांड में दोषियों को फिर झटका, तीनों की जमानत खारिज!
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों दोषियों की जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद भाजपा ने इसे राज्य सरकार की मजबूत कानूनी पैरवी की बड़ी सफलता बताया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती हनी पाठक ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए धामी सरकार शुरुआत से ही प्रतिबद्ध रही है और जमानत खारिज होना इसी दिशा में प्रभावी कार्रवाई का प्रमाण है।
श्रीमती पाठक ने कहा कि घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले को केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि न्यायालय में मजबूत साक्ष्यों के साथ प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की।
उन्होंने बताया कि मामले में करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें लगभग 100 गवाहों के बयान और महत्वपूर्ण साक्ष्य शामिल थे। मजबूत जांच और अभियोजन के बाद न्यायालय ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अब तीनों की जमानत याचिकाएं खारिज होना न्यायिक प्रक्रिया में प्रभावी पैरवी को दर्शाता है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने अंकिता के परिवार की मांगों का भी सम्मान किया। परिजनों की मांग पर तीन बार सरकारी अधिवक्ता बदले गए और माता-पिता की मांग पर सीबीआई जांच के आदेश भी दिए गए। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता देने के साथ अंकिता के पिता और भाई को रोजगार उपलब्ध कराया गया।
श्रीमती पाठक ने कहा कि न्याय व्यवस्था साक्ष्यों और कानून के आधार पर चलती है, राजनीतिक आरोपों के आधार पर नहीं। उन्होंने कहा कि त्वरित गिरफ्तारी, एसआईटी जांच, मजबूत चार्जशीट, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, प्रभावी अभियोजन और पीड़ित परिवार को सहायता—ये सभी कदम सरकार की कार्रवाई को स्पष्ट करते हैं।

