गंगनानी मेला (कुण्ड की जातर)एवं थान मंदिर कि पौराणिक कथा

गंगनानी मेला (कुण्ड की जातर)एवं थान मंदिर कि पौराणिक कथा :
( मदन पैन्यूली)
बड़कोट यमुनोत्री मार्ग पर यमुना नदी के किनारे बसे एक छोटे से गॉव “गंगनाडी” में प्रतिवर्ष संक्रांति के दिन तीन दिन के मेले का आयोजन होता है ,यहाँ एक मंदिर है जिसके पास ही एक कुण्ड बना हुआ है, इस कुण्ड में गंगा का पानी है एवं कुण्ड में पायी जाने वाली मछलियाँ यमुना में पायी जाने वाली मछलियो से भिन्न हैं.यहाँ गंगा (भागीरथी) का पानी एक पत्थर द्वारा जमीन काटकर लाया गया है , यह पत्थर वही कुण्ड के पास में ही रखा गया है. मंदिर में गंगा एवं यमुना जी की मुर्तिया राखी गयी हैं.मेले में बहुत दूर दराज से बड़े श्रद्धा भाव से लोग आते हैं.
पौराणिक कथा के अनुसार थान गॉव में जमदग्नि ऋषि का आश्रम था जो की गंगनाडी से मात्र 3 कि.मी पर स्थित है,ऋषि वह अपनी पत्नी रेणुका के साथ रहते थे,ऋषि नित्य प्रातः पूजा करते थे जिसके लिए जल उनकी पत्नी बाड़ाहाट (उत्तरकाशी) से लाया करती थी, एक दिन रेणुका को जल लाने में देरी हुई जिससे ऋषि नाराज हुए और उन्होंने गंगा जी से प्रार्थना कि जिससे गंगा जी कि एक धारा गंगानी कुंड में प्रभावित हुई , पौराणिक काल से ही कुंड की मान्यता है तथा प्रत्येक वर्ष यहां पर मेले का आयोजन किया जाता है । अब इस पौराणिक मेले उत्तरकाशी का आयोजन जिला पंचायत उत्तरकाशी के द्वारा किया जाता है जो कि 13 फरवरी से 15 फरवरी तक 3 दिन तक चलेगा इस वर्ष जिला पंचायत अध्यक्ष जसोदा राणा ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को मेले के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया है । तथा समापन समारोह में पंचायती राज्य मंत्री अरविंद पांडये के द्वारा किया जायेगा । इसके साथ ही मेले में क्षेत्र के विधायक सहित समस्त जनप्रतिनिधियों को मेंले में आमंत्रित किया गया है ।
गंगनानी मेले में बिभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी विभागो के द्वारा स्टाल लगाए जाएंगे जिससे कि छेत्रवासियो को जानकारियां दी जाएगी । सास्कृतिक टीमो के द्वारा कार्यक्रम व खेल कूद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है ।

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