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Pahado Ki Goonj

देवस्थानम बोर्ड द्वारा आज 30 सितंबर शायं तक 4568 ई -पास जारी।
* चारधाम यात्रा हेतु कोरोना निगेटिव जांच रिपोर्ट की बाध्यता समाप्त होने के बाद आज ई -पास की संख्या बढ़ी।
* तीन माह में कुल 71373 ई- पास जारी हुए।
* लोगों में चारधाम यात्रा के प्रति उत्साह,
* अभी तक 44 हजार से अधिक तीर्थयात्री
चार धाम के दर्शन कर चुके हैं।

देहरादून:30 सितंबर।प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा पर्यटन-धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज के दिशा-निर्देश में उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड द्वारा प्रदेश के लोगों के लिए चार धाम यात्रा का 1 जुलाई से शुभारंभ हुआ जबकि 25 जुलाई से कुछ प्रावधानों के साथ चार धाम यात्रा सभी के लिए शुरू हुई।
चार धाम तीर्थयात्रा हेतु उत्तराखंड से बाहर के तीर्थ यात्री 72 घंटे पूर्व की इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से प्रमाणित लैब से कोरोना जांच की नैगेटिव रिपोर्ट अथवा क्वारंटीन अवधि का प्रमाण के मानक को समाप्त कर दिया गया है। अब स्वास्थ्य मानको का पालन कर देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट से देश के अन्य प्रांतों के लोग आसानी से चारधाम यात्रा ई पास बना सकते है। आज शाम तक उत्तराखंड देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट www.badrinath-kedarnath.gov. in से 4568 लोगों ने चार धामों हेतु ई -पास बुक कराये हैं।
जिसमें श्री बदरीनाथ धाम के लिए 1659 श्री केदारनाथ धाम के लिए 1894 श्री गंगोत्री धाम हेतु 556 श्री यमुनोत्री धाम हेतु 459 लोगों ने ई पास बुक कराये है।
आयुक्त गढ़वाल/उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने यह जानकारी दी है कि देवस्थानम बोर्ड द्वारा श्री यमुनोत्री धाम एवं गंगोत्री धाम में न्यासियों/ हकूकधारियों के सहयोग हेतु देवस्थानम बोर्ड के अधिकारियों/कर्मचारियों की तैनाती की है। उन्होंने कहा कि देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड अधिनियम के तहत हक हकूकधारियों के सभी हित सुरक्षित हैं।
कहा कि देवस्थानम द्वारा अब प्रदेश से बाहर लोगों को कोरोना निगेटिव जांच रिपोर्ट एवं क्वारंटीन की शर्तों को हटा दिया गया है।
अब सभी को स्वास्थ्य मानकों का पालनकर चार धाम यात्रा की अनुमति है। चार धामों में तीर्थयात्रियों को मंदिरों में दर्शन हो रहे है जिसमें किसी तरह का कोई अवरोध नहीं है।
चारधाम यात्रा के अच्छे परिणाम आये हैं। कोरोना महामारी से बचाव एवं रोकथाम हेतु थर्मल स्क्रीनिंग, सेनेटाइजेशन के पश्चात ही मंदिरों में तीर्थ यात्रियों को प्रवेश दिया जा रहा है।मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है शोसियल डिसटेंसिंग का ध्यान रखा जा रहा है। यात्रा मार्ग पर देवस्थानम बोर्ड के यात्री विश्राम गृहों को तीर्थ यात्रियों की सुविधा हेतु खोला जा चुका है। तीर्थयात्रियों से अपेक्षा की जा रही है कि अति आवश्यक होने पर ही धामों में रूके। यह कोशिश रहे कि दर्शन के पश्चात तीर्थ यात्री निकटवर्ती स्टेशनों तक वापस आ जाये। मौसम तथा सड़कों की स्थिति की जानकारी रखें। सड़को की स्थति अब सामान्य है। बरसात के बावजूद यात्रा मार्ग खुले हुए हैं। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि चारों धामों में धीरे-धीरे तीर्थ यात्रियों की आमद हो ताकि पर्यटन एवं तीर्थाटन को गति मिल सके। अब उत्तराखंड से बाहर के लोग भी बिना कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के चारधाम यात्रा हेतु ई पास बनाकर एवं स्वास्थ्य संबंधी मानक पूरे कर यात्रा कर सकते हैं। केवल कोरोना के लक्षणवाले लोगों के पाज़िटिव रिपोर्ट आने पर चारधाम यात्रा की अनुमति नहीं होगी जब तक कि उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ जाती। सामान्य जांच में कोरोना के लक्षण पाये जाने पर संबंधित जिला प्रशासन यात्री का कोविड-19 आरटी पीसीआर टेस्ट करवायेंगे। हेली काप्टर से आने वाले तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य जांच की जिम्मेदारी संबंधित हेली कंपनी की होगी।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह ने बताया कि देवस्थानम बोर्ड द्वारा 1 जुलाई से 30 सितंबर शाम तक 71373 ई -पास जारी किये जा चुके हैं। ई पास तीर्थ यात्रियों को उनके द्वारा सुझाई गयी तिथियों हेतु जारी किये गये है। ई पास लेकर तीर्थयात्री दर्शन को पहुंच रहे हैं। अभी चारों धामों में दर्शन हेतु आनेवाले तीर्थयात्रियों की संख्या बद्रीनाथ हेतु 1200, केदारनाथ हेतु 800, गंगोत्री हेतु 600 तथा यमुनोत्री हेतु 450 पूर्ववत सीमित रखी गयी है।
अभी तक 44 हजार से अधिक तीर्थ यात्री चार धाम दर्शन हेतु पहुंच गये है।देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने बताया कि यात्रा सतत रूप से चल रही है।
पोर्टल प्रभारी संजय चमोली के अनुसार ई- पास के लिए श्रद्धालुओं द्वारा लगातार संपर्क किया जा रहा है तथा यात्रियों जी को उचित मार्गदर्शन किया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री ने किया प्रदेश के पहले पिरूल से विद्युत उत्पादन परियोजना का लोकार्पण।

मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विकास खण्ड डुण्डा के ग्राम चकोन धनारी में 25 लाख लागत की 25 किलोवाट क्षमता की पिरूल से विद्युत उत्पादन की पहली परियोजना का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि पर्यावरणीय चक्र को आग से बचाने के लिए यह परियोजना बेहद उपयोगी होगी। जंगलों में आग लगने के कारण जहां अनेक पेड, औषधीय पौधें, वनसपत्तियां नष्ट हो जाती थी वहीं बड़ी संख्या में जंगली जानवर भी प्रभावित होते हैं। पिरूल से विद्युत उत्पादन परियोजना के बनने से वनों एवं जीव जन्तुओं को आग से सुरक्षा होगी। तथा इससे रोजगार के अवसर भी पैदा होगें। अभी राज्य को 1 हजार करोड़ की बिजली क्रय करनी पड़ रही है, इस प्रकार की परियोजना के बनने से राज्य को आर्थिक मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में 23 लाख मिट्रीक टन सालाना पिरूल उत्पादन होता है, जिससे लगभग 200 मेगावाट बिजली उत्पादित की जा सकती है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कालावासा काफी मात्रा में पाया जाता है। इसमें औषधीय तत्व विद्यमान हैं। यह विकरण किरणों से भी बचाता है तथा एंटीबायटिक हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से कालावासा की खेती करने का आवहा्न किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सीमान्त क्षेत्रों में नेटवर्किंग की समस्या को देखते हुए 250 सेटेलाईट फोन दिये गए है ताकि सीमान्त वासियों को नेटवर्क को लेकर कोई समस्या न हो। इसी तरह प्रदेश भर में जहां कनेक्टिविटी नहीं है तथा टावर लगाये जाने हैं वहां टावर लगाने के लिए सरकार द्वारा 40 लाख रूपये स्वीकृत किये हैं। सीमान्त वासियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए बीएडीपी की तर्ज पर मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास निधि में इस वर्ष 20 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है, ताकि उनकी समस्याओं को हल किया जा सके। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि सामरिक दृष्टि से सीमान्त क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय का होना अति आवश्यक है।
मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर घर नल द्वारा जल देना है। इस वर्ष में 10 लाख लोगों को पानी का कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। इस हेतु हर जिले की दैनिक रूप से मॉनिटरिंग की जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 14 लाख कनेक्शन दिये जाने है। वर्तमान में तीन माह के भीतर 51 हजार कनेक्शन दिये जाने का लक्ष्य रखा गया था जिसमें आज तक 67 हजार कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
अटल आयुष्मान योजना के अन्तर्गत अब तक 2 लाख लोगों ने इसका लाभ लिया है। तथा देश भर में 22 हजार अस्पतालों में गोलडन कार्ड से 5 लाख रूपये तक का ईलाज निःशुल्क करवा सकते हैं। इस योजना के अन्तर्गत 23 लाख लोगों को जोड़ा गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में तीन मेडिकल कालेज उद्यमसिंह नगर, हरिद्वार, व पिथोरागढ़ की स्वीकृति मिल चुकी है। जिसका शीघ्र ही निर्माण कार्य करवाया जाएगा। मेडिकल कालेज के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य हैं जहां छोटी सी आबादी में 6 मेडिकल कालेज होगें।किसानों को पहले 2 लाख तक बिना ब्याज के ऋण दिया जाता है अब यह बढ़ाकर 3 लाख रूपये कर दिये है।
मुख्यमंत्री  रावत ने धनपति व इन्दिरावती नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्य धन स्वीकृत व सौरा-सारी-पिलंग-बुढ़ाकेदार-पवाली केदारनाथ 45 किमी. सड़क स्वीकृत करने की घोषणा की।

गंगोत्री विधायक  गोपाल सिंह रावत ने अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र का स्वागत करते हुए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि जनपद में सोलर व पिरूल प्लांट के स्थापित होने से यहां के स्थानीय लोगों को इससे रोजगार मिलेगा। उन्होंने नौजवानों से स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के नए आयाम विकसित करने का आवहा्न किया। उन्होंने कहा कि गांव के नौजवान स्वरोजगार अपनाने के लिए आगे आयें तथा समूह बनाएं उन्हें सरकार की ओर से हर स्तर पर सहयोग करने की बात कही।
गंगाड़ी पिरूल प्लांट के स्वामी महादेव सिंह गंगाड़ी ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत, सचिव ऊर्जा श्रीमती राधिका झा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट  मुख्यविकास  अधिकारी  पी सी डंडरियाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली की पुण्य तिथि की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि देश की आजादी में उनका अविस्मरणीय योगदान रहा है। वे साहस की प्रतिमूर्ति थे, तथा अपने मजबूत इरादों की वजह से किसी के आगे नहीं झुके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली ने निहत्थे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर गोली चलाने से इन्कार कर एक नई क्रान्ति का सूत्रपात किया था। वीर नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के क्रान्तिकारी व्यक्तित्व तथा देश को पराधीनता से मुक्त कराने में उनके योगदान को सदैव याद किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली के सपने के अनुरूप उत्तराखण्ड के समग्र विकास की दिशा में राज्य सरकार निरन्तर प्रयासरत है। उत्तराखण्ड के केन्द्र बिन्दु गैरसैंण के विकास एवं इसके समीपवर्ती नैसर्गिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से पहचान दिलाने तथा युवाओं के बेहतर भविष्य की भी उनकी संकल्पना रही थी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गैरसैंण को ग्रीष्म कालीन राजधानी घोषित करने के साथ इस क्षेत्र में पर्यटन तथा साहसिक पर्यटन की संभावनायें तलाशी जा रही है। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिये वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना आरम्भ की है, जिसके अन्तर्गत 50 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के इस वीर अमर सेनानी पर हमें गर्व है।
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मुख्यमंत्री ने आदेशों की अवहेलना पर लो.नि.वि के अधिशासी अभियन्ता को किया निलम्बित
मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने लो.नि.वि के अधिशासी अभियन्ता  अनुपम सक्सैना को आदेशों की अवहेलना का दोषी पाये जाने पर निलम्बित करने के निर्देश दिये हैं।  सक्सैना को प्रान्तीय खण्ड लो.नि.वि पौड़ी से विश्व बैंक खण्ड लो.नि.वि अस्कोट में तैनात किया था जिसका अनुपालन उनके द्वारा नहीं किया गया तथा बिना अवकाश स्वीकृत कराये कार्यालय से गैर हाजिर हैं। मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख अभियन्ता लो.नि.वि. की संस्तुति के आधार पर श्री सक्सैना की स्वेच्छाचारी प्रवृत्ति शासकीय आदेशों का अनुपालन न करने बिना अवकाश गैर हाजिर रहने तथा अच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पर निलम्बित करने के निर्देश दिये हैं।
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मुख्यमंत्री ने दिये प्रदेश में लम्बे समय से अनुपस्थित चिकित्सकों की सेवा समाप्ति के निर्देश

मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश के प्रान्तीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित 81 चिकित्साधिकारियों की सेवा समाप्ति सम्बन्धी प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित इन चिकित्सकों की विभाग में अनुपस्थिति की तिथि से सेवा समाप्ति सम्बन्धी प्रस्ताव को सहमति हेतु लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है।
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मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कुछ दिन पूर्व हल्द्वानी में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से साईकिल सवार औषधीय संयोजक (कंपाउंडर) की झुलसने से हुई मौत के मामले में ऊर्जा विभाग की लापरवाही को काफी गंभीरता से लिया है। इसके लिये मुख्यमंत्री ने स्थानीय जे.ई. एवं ए.ई. को अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरते जाने पर निलम्बित किये जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के संवेदनशील मामलों में सम्बन्धित अभियन्ताओं को अपने क्षेत्र की विद्युत लाइनों के परीक्षण आदि के कार्य का सजगता के साथ किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसका ध्यान रखा जाए।
ज्ञातव्य है कि इस सम्बन्ध में ऊर्जा सचिव श्रीमती राधिका झा ने मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सीनियर स्तर के अधिकारी मुख्य अभियंता एमएल प्रसाद को जांच अधिकारी नामित कर उनसे रिपोर्ट मांगी थी।

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कोविड-19 की रोकथाम हेतु मुख्यमंत्री ने स्वीकृत की 03 करोड़ की धनराशि*

मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य में कोविड-19 के प्रसार एवं उससे हो रहे संक्रमण की प्रभावी रोकथाम के लिये दून मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध दून चिकित्सालय को एसडीआरएफ मद से 03 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इस धनराशि से चिकित्सालय के माइक्रोबाइलोजी विभाग में आवश्यक उपकरणों आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगा

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हल्द्वानी में करंट से कंपाउंडर की मौत के मामला
• *यूपीसीएल के एसडीओ और एई समेत 5 निलंबित*
• *उपनल से नियुक्त एसएसओ को हटाया*

हल्द्वानी में पिछलेदिनों हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से साईकिल सवार औषधीय संयोजक (कंपाउंडर) की झुलसने से हुई मौत के मामले में सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है। यूपीसीएल के सहायक अभियंता और उपखंड अधिकारी समेत 5 कार्मिकों को लापरवाही में निलंबित कर दिया गया है। क्षेत्र के एसएसओ को सेवा से हटा दिया गया है। वह उपनल से भर्ती थे। इससे सरकार ने जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों को एक कड़ा संदेश भी दिया है।
मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया था। मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर ऊर्जा सचिव श्रीमति राधिका झा ने पूरे मामले की जांच सीनियर स्तर के अधिकारी मुख्य अभियंता (वि) रुद्रपुर क्षेत्र एमएल प्रसाद से कराई थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ऊर्जा सचिव श्रीमति राधिका झा की संस्तुति पर इन कार्मिकों के खिलाफ निलंबन की बड़ी कार्रवाई की गई है।
यूपीसीएल के एमडी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मुख्य अभियंता (वि) रुद्रपुर क्षेत्र की जांच रिपोर्ट के गहन अवलोकन के बाद इस मामले में प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। इनमें एसडीओ विद्युत वितरण उपखंड (प्रथम) सुभाषनगर हल्द्वानी नीरज चंद्र पांडे, सहायक अभियंता (मापक) विद्युत परीक्षण शाला हल्द्वानी रोहिताषु पांडे, अवर अभियंता मो.शकेब, टीजी -1 लाइन चांद मोहम्मद और लाइनमैन नंदन सिंह भंडारी को निलंबित किया गया है। नीरज पांडे और रोहिताषु पांडे को मुख्य अभियंता (वितरण), उपाकालि हल्द्वानी क्षेत्र, व अन्य तीनों कार्मिकों को कार्यालय अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल उपाकालि हल्द्वानी से संबद्ध किया गया है। जिससे अभिलेखों में छेड़छाड़ व जांच को प्रभावित न किया जा सके। उपनल से भर्ती एसएसओ को सेवा से ही हटा दिया गया है।
गौरतलब है कि टेडी पुलिया हाइडिल गेट बारीखत्ता निवासी कमल रावत (29) पुत्र एमएस रावत मंगल पड़ाव स्थित एक क्लीनिक में कंपाउंडर था। गत शुक्रवार को कमल साइकिल से ड्यूटी पर जा रहा था। सुबह करीब नौ बजे कमल जैसे ही वॉक मॉल के पास पहुंचा तभी वहां हाइटेंशन लाइन का तार टूटने से उसकी चपेट में आ गया और करंट से झुलसकर कमल की मौके पर ही मौत हो गई।

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