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स्मृतियों के बीच श्रीहरि का गुणगान, भागवत कथा में भाव-विभोर हुए श्रद्धालु ।

Pahado Ki Goonj

स्मृतियों के बीच श्रीहरि का गुणगान, भागवत कथा में भाव-विभोर हुए श्रद्धालु ।

जगूड़ी परिवार के आंगन में बही भागवत की अमृतधारा, हरि नाम से भक्तिमय हुआ माहौल

देहरादून। शांति विहार फेज-2 एवं जोगथ मल्ला निवासी, ज्योतिषविद् एवं ऋषिराम शिक्षण संस्थान उत्तरकाशी के संस्थापक गणपति प्रसाद जगूड़ी के निज आवास पर रविवार को श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच हुआ। भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और श्रीहरि की महिमा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

पूज्य आचार्य भरत किशोर महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित भागवत कथा की अमृतधारा ने वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति और श्रद्धा में डूबे नजर आए। मंत्रोच्चार, भजन और श्रीहरि के जयकारों से आयोजन स्थल का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा।

यह धार्मिक आयोजन स्वर्गीय श्रीमती केशरी देवी जी की पुण्य स्मृति को समर्पित किया गया है। कथा के शुभारंभ अवसर पर परिवारजनों एवं श्रद्धालुओं ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धापूर्वक नमन किया और परमपिता परमेश्वर से उनकी आत्मा की शांति एवं मोक्ष की कामना की।

कथा व्यास आचार्य भरत किशोर महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत केवल कथा या धार्मिक ग्रंथ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को भक्ति, ज्ञान, संस्कार, सदाचार और मानव सेवा का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत का श्रवण मनुष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और उसे जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का कार्य करता है।

भागवत कथा के शुभारंभ पर आयोजक परिवार की ओर से श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। गणपति प्रसाद जगूड़ी, अरविंद जगूड़ी, रामशरण जगूड़ी एवं हर्षमणि जगूड़ी सहित परिवारजनों ने आयोजन में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत एवं आतिथ्य किया।

कार्यक्रम में राज्य मंत्री रामसुंदर नौटियाल, सुप्रसिद्ध आचार्य लक्ष्मी प्रसाद जगूड़ी, सेवानिवृत्त शिक्षक बसंत कुमार जगूड़ी, सेवानिवृत्त तहसीलदार भगवती प्रसाद जगूड़ी, पत्रकार हरीश नौटियाल, शांति प्रसाद जगूड़ी,  बृखोधर चमोली, प्रोफेसर राकेश नौटियाल, जयप्रकाश जगूड़ी, मोहन प्रसाद जगूड़ी , सीता राम जगुड़ी  , विजय जगूड़ी, कृष्णानंद जगूड़ी, नरेंद्र जगूड़ी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

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