
📚 रिकॉर्ड समय में 23 लाख से अधिक निःशुल्क किताबों का वितरण
📍 देहरादून,
उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में इस वर्ष एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहली बार नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के मात्र एक सप्ताह के भीतर ही प्रदेशभर के राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 23,71,789 निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें छात्र-छात्राओं को वितरित कर दी गईं।
यह उपलब्धि डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व और उनके सख्त निर्देशों का परिणाम मानी जा रही है। उनकी पहल पर कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को समय पर किताबें उपलब्ध कराई गईं, जिससे पढ़ाई की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के शुरू हो सकी।
शिक्षा विभाग के अनुसार, वर्षों से चली आ रही देरी की परंपरा को इस बार तोड़ दिया गया है। सत्र 2026-27 शुरू होते ही किताबों का वितरण तेजी से किया गया। जनपदवार आंकड़ों के अनुसार—
देहरादून: 4,36,134 किताबें
हरिद्वार: 4,46,311 किताबें
ऊधमसिंह नगर: 4,25,176 किताबें
नैनीताल: 1,97,687 किताबें
अल्मोड़ा: 1,37,334 किताबें
चमोली: 1,29,461 किताबें
पिथौरागढ़: 1,18,329 किताबें
पौड़ी: 1,07,799 किताबें
टिहरी: 1,04,559 किताबें
चंपावत: 78,142 किताबें
रुद्रप्रयाग: 74,869 किताबें
उत्तरकाशी: 69,097 किताबें
बागेश्वर: 46,891 किताबें
विभाग को कुल 78,18,145 पुस्तकों की मांग प्राप्त हुई थी, जिसमें से अधिकांश की आपूर्ति कर दी गई है, जबकि शेष पुस्तकों का वितरण युद्धस्तर पर जारी है।
अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग और फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी विद्यालय में किताबों की कमी न रहे। समय पर किताबें मिलने से जहां शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु रूप से चल रही हैं, वहीं छात्रों में पढ़ाई के प्रति उत्साह भी बढ़ा है।
🟦 विशेष बयान:
“नए सत्र के एक सप्ताह के भीतर 23 लाख से अधिक किताबें वितरित करना एक सकारात्मक बदलाव है। हमारी प्राथमिकता हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।” – डॉ. धन सिंह रावत
👉 अभिभावकों और शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार बताया है।


