उत्तर द्वारिका पांचवां धाम सेम मुखेम25,26नवम्बर2017 को

उत्तर द्वारिका पांचवां धाम नागराजा सेम मुखेम उपलि रमोली प्रतापनगर टिहरी गढ़वाल दिनांक25,26नवम्बर2017 को लगने वाले मेले में देखें त्रिदेव की अनुभूति।

रमणीय स्थान सेम मुखेम के घने बांज बुरांश के जंगल के बीच स्वयं भू पत्थर की शिला मूर्ति में श्री राधा कृष्ण भगवान की पूजा के लिये ध्यान करते समय स्पष्ट रूप से श्री राधा कृष्ण दिखाई देते है।सेम मुखेम धाम में नागराजा भगवान के रूप में श्री कृष्ण की पूजा होती है। नागराजा के बगल के मन्दिर में  श्री घाँगू रमोला की पूजा की जाती है।श्रीघाँगू रमोला यहां का राजा था उसकी कोई संतान न थी उससे साधु भेष में भगवान श्री कृष्ण ने अपने रहने के लिए कुटिया की जगह मांगी।जगह राजा ने नहीं दी उसका सारा तहस नहस कर भगवान पुनः  उसके पास जगह मांगने आये। तो राजा की कोई संतान नहीं थी ।उसको संतान का बरदान दिया ।तब राजा ने कुटिया के लये जगह दी उनकी दो संतान हुई सिद्ववा विद्ववा रमोला ।भगवान को भेंट की गई कुटिया की जगह उसी स्थान पर मुख्य मंदिर जन सहयोग से रामायण प्रचार समिति द्वारा  बना है । मंदिर एवं उसके अगल बगल भव्यता के विकास के लिये रामायण प्रचार समिति के पदाधिकारियों मे श्री ऋषि राम उनियाल नेहरू ग्राम दून मसूरीवाय पास निवासी  अपना अमूल्य समय देकर जन सहयोग ,दान लेकर सनै -2 बड़े मनोयोग से भगवान की सेवा में,श्रद्धालुओं के लिए सुविधा देने के विकास कार्य में लगने के साथ साथ दानियों को  पुण्य का लाभ दिलाने में लगे है । यह निर्माण निर्जन स्थान पर  होने से श्रद्धालुओं को जँहा सुभिधा मिल रही है वंही भगवान नागराजा की ख्याति के प्रति जनता नमन करती है।बिना प्रचार प्रसार के लाखों लोगों का 11 गते मागशीर्ष / तीसरे वर्ष अपने आप खुद व खुद आस्था का सैलाब उमड़ कर अपने आप आजाता है।श्री नागराजा भगवान की सरल सुभाव की प्रवृत्ति है ।आपको  बसअपने स्थान से अपने मन मे नागराजा से  बोलने  मात्र से आवाज देने (धै इ लगै क)आपकी मनोकामना पुरी होने  पर श्रद्धालुओं को अपनी सुभिधा के अनुसार सेम यात्रा पर आते हैं।श्री बदरी नाथ धाम के बाद रावल जी द्वारा उत्तर द्वारिका सेम मुखेम में भगवान की पूजा की जाती है।जिला प्रशासन टिहरी गढ़वाल  को अपने स्तर से यात्रियों को  सेवा देंने के लिये उत्तराखंड में मनाये  जाने वाले पर्व पर 1- परिवहन निगम की बस सेवा देहरादून, से सेम मुखेम वाया घनसाली ,वाया उत्तरकाशी, वाया लम्बगांव  लगानी चाहिए 2-रात्रि व्यवस्था के लिये आपदा के लिये लिए गये टेंटों को जन सुरक्षा के लिये लगाने की आवश्यकता है 3 -जलसंस्थान को पानी की व्यवस्था4 -लो०नि०वि० को मोटर रोड की अतिरिक्त कटिंग कर गाड़ियों को पास करने की सुभिधा देनी चाहिए 5-स्वास्थ्य विभाग की दो टीम मंदिर एवं वेस कैम्प पर रखने आवश्यकता है 6-ऊर्जा विभाग ,उरेडा विभाग को रात्रि प्रकाश की व्यवस्था एवं यल ई डी लाइट के बल्ब 1लाख वहाँ पर विक्री होसकती है विक्री कर ऊर्जा की बचत करायऐं।6-आर टी ओ देहरादून को मार्ग का शीघ्र मुयाना करने की आवश्यकता हैै।पर्यटन विभाग मोन?है..क्रमशः

 

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *