शीशमबाड़ा प्लांट को लेकर स्थानीय लोगों ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु

देहरादून। शीशमबाड़ा कूड़ा निस्तारण केन्द्र की जानलेवा दुर्गन्ध, जहरीली हवा व निकलने वाली गैस से स्थानीय लोग तिल तिल कर मरने की कगार पर है, जबकि राज्य सरकार के नुमांइदे इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे है। हमको इच्छा मृत्यू चाहिए। अपनी इस मांग को लेकर आज सेन्ट्रल होप टाउन सेलाकुई के ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी विकासनगर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन पे्रषित किया।
ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि शीशमबाड़ा कूड़ा निस्तारण केन्द्र का जब शिलान्यास किया गया था तब मुख्यमंत्री व मंत्रियों द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि यह निस्तारण केन्द्र पूर्णतया मानकों को ध्यान मेें रखकर बनाया गया है। जनता के जीवन को इससे कोई खतरा पैदा नहीं होगा। कहा गया है कि यह सब झूठ था और आज इस निस्तारण केन्द्र की वजह से हवा प्रदूषित हो गयी, जल प्रदूषित हो गया। निस्तारण केन्द्र के नजदीक बने स्कूल कालेज में बच्चों का जीवन खतरे में पड़ रहा है। और तो और आसन वेटलेंड जो कि पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे अब्दुल कलाम द्वारा 2005 में राष्ट्र को सर्मिर्पत किया गया था इसमेें प्रवासी पक्षियों का जीवन भी खतरे में पड़ गया है। क्षेत्र में कैंसर जैसी गम्भीर बीमारियंा फैल गयी है और मौतों का सिलसिला शुरू हो गया है। इस निस्तारण केन्द्र से पांच लाख लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया है। स्थानीय जनता का कहना है कि हम अपने बच्चों का जीवन बचाने के लिए पिछले तीन साल से संघर्ष कर रहे है साथ ही हम सभी जनप्रतिनिधियों के दर पर गुहार लगा चुके है। ऐसे में हम सभी क्षेत्रवासी अपने नारकीय जीवन से मुक्ति पाने के लिए राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यू की मांग करते है। ज्ञापन देने वालों मेें सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।

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