पुलिस के सारे दावे फेल, हरकी पैड़ी पर स्नान और तर्पण को उमड़ी भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग भूले लोग

हरिद्वार। पितृ अमावस्या के मौके पर तर्पण के लिए बड़ी संख्या में लोग हरकी पैड़ी पहुंचे। कोरोना संक्रमण के चलते पुलिस के पहरे के बीच स्नान, श्राद्ध और तर्पण की व्यवस्था की गई थी, लेकिन पुलिस के सारे दावे फेल हो गए। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से सोशल डिस्टेंसिंग की भी खूब धज्जियां उड़ी। गंगा स्नान के लिए पहुंचे ज्यादातर लोग न तो मास्क लगाए दिखे और न ही सोशल डिस्टेंसिंग में। केवल कुछ ही लोग मास्क पहने दिखे। लोगों ने हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर तर्पण कर अपने पूर्वजों को याद किया और पूजा अर्चना की। हालांकि कई जगह पुलिस ने लोगों को हटाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के आगे पुलिस भी बेबस नजर आई। पितृ अमावस्या पर हरकी पैड़ी पर हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटते रहे हैं। लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण का हवाला देकर प्रशासन ने मंगलवार रात पितृ अमावस्या पर हरकी पैड़ी पर स्नान, श्राद्ध और तर्पण आदि पर रोक लगाने का फैसला लिया था। बुधवार सुबह प्रशासन के इस फैसले का पता चला तो श्रीगंगा सभा, तीर्थ पुरोहितों और व्यापारी संगठनों ने विरोध जताया। सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल और सीओ सिटी पूर्णिमा गर्ग ने श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ और सिद्धार्थ चक्रपाणी से बातचीत की। गंगा सभा का कहना था कि पितृ अमावस्या पर हरकी पैड़ी को पाबंद करना उचित नहीं है। दूरदराज से लोग अपने पूर्वजों के नाम पर पूजा करने के लिए यहां पहुंचते हैं। श्रीगंगा सभा के पदाधिकारियों का कहना था कि कोविड 19 गाइड लाइन का पालन कराते हुए स्नान होना चाहिए। एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया कि पुलिस हरकी पैड़ी पर भीड़ नहीं जुटने देगी। शारीरिक दूरी का पूरा पालन कराया जाएगा। लेकिन गुरुवार को जब स्नान शुरू हुआ तो सारे दावे फेल नजर आए। श्रीनारायणी शिला के मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने और कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए प्रबंधन ने मंदिर के कपाट बंद कर दिए हैं। अब शुक्रवार को कपाट खुलेंगे। बृहस्पतिवार को केवल सुबह और शाम की आरती होगी।

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