
नई मूर्ति खरीदने से बेहतर, पुरानी गणेश प्रतिमाओं को संवारें—अजय बडोला
उत्तरकाशी। गणेश उत्सव के दौरान जहां जगह-जगह नई गणेश प्रतिमाएं स्थापित कर विसर्जित की जा रही हैं, वहीं सामाजिक कार्यकर्ता एवं गायत्री परिजन अजय बडोला ने गणेश उत्सव को लेकर एक अलग पहल का संदेश दिया है।
अजय बडोला का कहना है कि प्राचीन और पौराणिक मंदिरों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं की साफ-सफाई, रंग-रोगन और विधिवत पूजा करना भी गणेश उत्सव मनाने का बेहतर तरीका है। इससे हमारी प्राचीन धरोहरों का संरक्षण भी होगा और धार्मिक आस्था भी बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि गढ़वाल मंडल को भगवान गणेश की पौराणिक उत्पत्ति से जोड़ा जाता है और उत्तरकाशी का डोडीताल भगवान गणेश की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। ऐसे में गढ़वाल क्षेत्र में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के बजाय उनकी पूजा और संरक्षण पर जोर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने गंगा और अन्य जलस्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी हम सभी की है।
इसी पहल के तहत रुद्रेश्वर महादेव–जड़भरत मार्ग पर स्थापित गणेश प्रतिमा की साफ-सफाई एवं रंग-रोगन किया गया। अब गणेश चतुर्दशी से यहां प्रतिदिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाएगी।
अजय बडोला ने लोगों से अपील की कि गणेश उत्सव को केवल नई मूर्ति स्थापित कर विसर्जन तक सीमित न रखें, बल्कि पुरानी धार्मिक धरोहरों को संवारना और प्रकृति को स्वच्छ रखना भी उत्सव का हिस्सा बनाएं।

